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हरियाणा: MSP मूल्य पर 01 अप्रैल से फसल खरीद अन्य राज्यों के अपंजीकृत किसानों को नहीं मिलेगी एंट्री

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हरियाणा रबी फसल खरीद न्यूज़ 2021: कृषि कानूनों में सुधारों के विरोध में चल रही सियासत के बीच प्रदेश में रबी फसलों की खरीद (Crop Procurement) की तैयारियां पूरी हो गई है। 380 कृषि उत्पादक संघों की सूची जिला उपायुक्तों को भेजी गई है, जो खरीद प्रक्रिया में प्रशासन की मदद करेंगे। दूसरे प्रदेशों से फसल लाने वाले अपंजीकृत किसानों (Unregistered farmers) को पुलिस बॉर्डर से एंट्री नहीं करने देगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 1 अप्रैल से शुरू हो रही फसलों की खरीद प्रक्रिया को लेकर शनिवार को समीक्षा बैठक में कहा कि सभी किसानों को 100 फ़ीसदी भुगतान उनके खाते में होना चाहिए।

इस दौरान खरीद प्रक्रिया के पूरे सिस्टम की जानकारी देने वाली एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्थाई प्रोविजन लाइसेंस की व्यवस्था को भी दुरुस्त करके आढ़तियों के अस्थाई लाइसेंस जारी किए जाएं। मंडी में फसल खरीद के लिए किसानों के पास मैसेज जाएगा और उसके अनुसार ही फसल की खरीद होगी।

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने दोहराया कि समय पर भुगतान ने होने पर किसानों को 9 फ़ीसदी ब्याज (Interest) के साथ राशि की अदायगी की जाएगी। इसके साथ ही अनाज मंडियों में 48 घंटे के भीतर उठान नही होने पर ट्रांसपोर्टर (Transporter) के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

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मार्केटिंग बोर्ड की ओर से 390 मंडियों व खरीद केंद्रों को गेहूं की खरीद के लिए चिन्हित किया गया है, इसके साथ ही 71 मंडियों में सरसों व 11 खरीद केंद्रों पर चने की खरीद की जाएगी। भिवानी मंडी, सिवानी मंडी , चरखी दादरी, हिसार, आदमपुर, महेंद्रगढ़, नारनौल, नांगल चौधरी, सिरसा, डबवाली, व ऐलनाबाद मंडी में चने की खरीदी की जाएगी।

सीएम ने निर्देश दिया कि मंडियों में बिजली, पानी, सफाई, सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करें व्यापारियों को पर्याप्त मात्रा में तिरपाल , करेंट व झारने दिया जाए.

हरियाणा फसल खरीद प्रक्रिया से जुड़े लोगों के लिए पुस्तिका

फसल खरीद की प्रक्रिया से जुड़ी इस पुस्तिका में किसान, सचिव मार्केट कमेटी, गेट कीपर, आक्शन रिकार्डर, इंस्पेक्टर, आढ़ती, ट्रांसपोर्टर, वेयर हाउस कीपर, जिला मैनेजर, भुगतान, पर्चेजर और मार्केटिंग बोर्ड के प्रशासक के कार्यों और अधिकारों का वर्णन किया गया है। किसान के संबंध में लॉग इन फॉर्म, मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल , परिवार पहचान पत्र आदि जानकारी भरने का तरीका भी पुस्तक में बताया गया है। भुगतान किस प्रकार होगा यह जानकारी भी इस पुस्तक में दी गई है।

इसे भी पढ़े : हरियाणा सरकार का फसलों की सरकारी खरीद (MSP) और भंडारण के लिए बड़ा फैसला

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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