हाइलाइट्स
- सवाईमाधोपुर के खंडार में पिछले 24 घंटे में 130mm बारिश दर्ज.
- 4-5 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी व पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश के आसार.
- कोटा संभाग में आज कहीं-कहीं अतिभारी बारिश की चेतावनी.
- 8 सितंबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश कम होगी.
Rajasthan Weather: राजस्थान के कई इलाकों में मानसून ने एक बार फिर तेज रफ्तार पकड़ ली है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक पिछले 24 घंटों में कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग में कहीं-कहीं मध्यम से भारी और अतिभारी बारिश दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा बारिश सवाईमाधोपुर के खंडार में हुई, जहां 130mm पानी बरसा. आज 4 सितंबर और कल 5 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी व पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी बारिश जारी रहने की संभावना है.
असल में इस तेज बारिश के पीछे एक मजबूत मौसमी सिस्टम काम कर रहा है. वेल मार्क लो प्रेशर एरिया (WML) फिलहाल उत्तरी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है, और मानसून ट्रफ लाइन आज भी श्रीगंगानगर और इसी सिस्टम से होकर गुजर रही है.
आज किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है?
मौसम विभाग के मुताबिक आज 4 सितंबर को भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ भागों में मध्यम से तेज बारिश होगी. कोटा संभाग के जिलों में स्थिति और गंभीर है।
खास बात ये है कि कोटा संभाग में कहीं-कहीं भारी तो कहीं-कहीं अतिभारी बारिश तक की संभावना जताई गई है. यानी इस संभाग के कुछ हिस्सों में आज बहुत तेज बारिश हो सकती है, जबकि आसपास के इलाकों में असर कम रहेगा.
कल 5 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम?
कल का दिन भी भारी बारिश से खाली नहीं रहने वाला. भरतपुर और कोटा संभाग के जिलों में 5 सितंबर को कहीं-कहीं भारी बारिश और एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश की संभावना है।
वहीं जयपुर, अजमेर, उदयपुर और बीकानेर संभाग के कुछ भागों में हल्की से मध्यम बारिश होगी. बता दें कि यह चौथा शहर समूह पहले दो दिनों के मुकाबले कम तीव्रता वाली बारिश में आता है।
पिछले 24 घंटों में कहां कितना पानी बरसा?
| क्षेत्र | बारिश की स्थिति |
|---|---|
| सवाईमाधोपुर (खंडार) | सबसे ज्यादा 130mm दर्ज |
| कोटा संभाग | कहीं-कहीं मध्यम से भारी/अतिभारी |
| भरतपुर संभाग | कहीं-कहीं मध्यम से भारी/अतिभारी |
| जयपुर संभाग | कहीं-कहीं मध्यम से भारी/अतिभारी |
दरअसल 130mm बारिश एक दिन के हिसाब से काफी ज्यादा मानी जाती है. इतनी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और खेतों में पानी भरने का खतरा बढ़ जाता है।
खरीफ फसल वाले किसानों के लिए यह बारिश दोधारी तलवार की तरह है. एक तरफ फसल को पानी मिल रहा है, दूसरी तरफ अतिभारी बारिश से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
- जिन खेतों में पहले से पानी भरा है, वहां जल निकासी का इंतजाम तुरंत करें.
- कटी हुई या भंडारित उपज को ढककर सुरक्षित जगह रखें.
- कोटा और भरतपुर संभाग के किसान अगले 2 दिन खेत में जाने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें.
- शहरी इलाकों में जलभराव वाले निचले रास्तों से बचकर निकलें.
शहरों में भी असर साफ दिखेगा. कोटा, भरतपुर और जयपुर जैसे शहरों में तेज बारिश के दौरान ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्या आम रहती है।
6-7 सितंबर से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी
मौसम विभाग के मुताबिक 6-7 सितंबर से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
हालांकि पूरी तरह सूखा नहीं रहेगा. भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ भागों में हल्की-मध्यम बारिश की गतिविधियां तब भी जारी रह सकती हैं. यानी सबसे तेज बारिश का दौर अगले दो दिन ही रहेगा, उसके बाद इसकी तीव्रता घटने लगेगी।
8 सितंबर से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिर कमी आने की प्रबल संभावना है. यानी अगले हफ्ते तक राजस्थान में मानसून का यह तेज दौर पूरी तरह थम सकता है.










