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मौसम अलर्ट: बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, 25 अगस्त तक इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

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मौसम अलर्ट हाइलाइट्स

  • बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में अगले 24 घंटे में कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना.
  • 22 अगस्त को यूपी, एमपी, अरुणाचल और त्रिपुरा में 12-20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज हुई.
  • मेरठ के मवाना में सबसे ज्यादा 19 सेमी बारिश दर्ज की गई है.
  • दिल्ली में 23 से 25 अगस्त तक हल्की बारिश के साथ तापमान 33-36°C के बीच रहेगा.

Weather Alert: देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 अगस्त 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में अगले 24 घंटों में कम दबाव क्षेत्र बन सकता है. इसके असर से अगले 2-3 दिनों तक ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है.

असल में यह सिस्टम पहले से मौजूद मौसमी हलचल का ही अगला चरण है. उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में पहले से बना कम दबाव क्षेत्र 22 अगस्त की सुबह तक उसी इलाके में बना हुआ था, जिसके असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया गया है.

पिछले 48 घंटे में कहां-कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

22 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़े देखें तो उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी वर्षा दर्ज हुई. वहीं हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, असम, ओडिशा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हुई.

सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मवाना में 19 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई. इसके अलावा बहराइच के कैसरगंज में 17 सेमी, दमोह के तेंदूखेड़ा में 13 सेमी और त्रिपुरा के खोवाई जिले के तेलियामुरा में भी 13 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई. गुरुग्राम के कादीपुर में 8 सेमी और हिमाचल के धर्मशाला में 7 सेमी बारिश हुई.

दिल्ली-NCR में 25 अगस्त तक बारिश का दौर, जानिए अगले 3 दिन का मौसम

राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया, जबकि न्यूनतम तापमान में 2-3°C की गिरावट दर्ज हुई. दिल्ली में अधिकतम तापमान 35-36°C और न्यूनतम तापमान 23-26°C के बीच रहा, साथ ही कई इलाकों में हल्की से बहुत हल्की और कुछ जगह मध्यम बारिश भी दर्ज हुई.

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आगे के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली में बादल छाए रहने और बीच-बीच में हल्की बारिश होने का सिलसिला जारी रहेगा.

तारीखअधिकतम तापमानन्यूनतम तापमानमौसम का हाल
23 अगस्त33-35°C24-26°Cसुबह-दोपहर हल्की बारिश
24 अगस्त33-35°C24-26°Cआंशिक बादल, हल्की बारिश
25 अगस्त33-35°C25-27°Cदोपहर में हल्की बारिश

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में किन राज्यों पर असर?

उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 22-23 अगस्त और उत्तराखंड में 22 से 28 अगस्त तक काफी ज्यादा से व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 25 अगस्त तक काफी ज्यादा से व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि 23 अगस्त को यहां कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है.

मध्य भारत की बात करें तो पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 से 26 अगस्त, विदर्भ में 22 से 25 अगस्त और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 अगस्त तक काफी ज्यादा से व्यापक बारिश की चेतावनी है. छत्तीसगढ़ में 24 से 28 अगस्त के दौरान कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश भी हो सकती है.

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी अलर्ट जारी

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 22 से 28 अगस्त तक बारिश का बड़ा दौर चल सकता है. झारखंड में 23 से 28 अगस्त और बिहार में 24 से 26 अगस्त के बीच भी बारिश की संभावना जताई गई है. ओडिशा में तो 22 से 28 अगस्त तक कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश का अलर्ट है.

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 26 से 28 अगस्त तक बारिश तेज होने की उम्मीद है, वहीं असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 से 28 अगस्त के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. हालांकि दक्षिण भारत के लिए राहत की बात यह है कि अगले एक सप्ताह तक प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है.

भारी बारिश से किन इलाकों में खतरा ज्यादा है?

IMD ने कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का जोखिम भी बताया है. 23 अगस्त को सुबह 11:30 बजे तक के 24 घंटे के पूर्वानुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, बिलासपुर, जशपुर, कोरबा और सरगुजा; पूर्वी मध्य प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, डिंडोरी और शहडोल; झारखंड के गढ़वा, गुमला, हजारीबाग और रांची; हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा और शिमला; तथा उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल और टिहरी गढ़वाल जैसे जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा कम से मध्यम स्तर का बताया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक तेज हवा और भारी बारिश से पेड़ों की टहनियां टूटने, खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान होने, कच्चे घरों-सड़कों को मामूली क्षति पहुंचने और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है. सड़क-रेल यातायात के साथ-साथ हेलीकॉप्टर सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं.

किसानों और आम लोगों के लिए क्या सलाह दी गई है?

IMD ने अलग-अलग राज्यों के लिए कृषि मौसम परामर्श भी जारी किया है. जैसे उत्तर प्रदेश में धान, अरहर, दलहन और तिलहन के खेतों से, खासकर निचले इलाकों से, अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी गई है. मध्य प्रदेश में सोयाबीन, मक्का, कपास और गन्ने के खेतों की नालियां साफ रखने और जिन खेतों में पानी भरा है वहां खाद-दवा का छिड़काव फिलहाल न करने को कहा गया है.

आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की बिगड़ती स्थिति पर नजर रखें, बिजली गिरने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें. मछुआरों के लिए भी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 27 अगस्त तक चेतावनी जारी है.

नमस्ते! मैं जगत पाल ई-मंडी रेट्स का संस्थापक, बीते 7 साल से पत्रकारिता कर रहा हूं। मुझे खेती-किसानी, मंडी भाव की जानकारी में महारथ हासिल है । यह देश का पहला डिजिटल कृषि न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो बीते 7 सालों से निरन्तर किसानों के हितों में कार्य कर रहा है। किसान साथियों ताजा खबरों के लिए आप हमारे साथ जुड़े रहिए। धन्यवाद

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