गेहूं भाव हाइलाइट्स
- दिल्ली लॉरेंस रोड मंडी में गेहूं ₹2900 के आसपास, हफ्तेभर में ₹30 मजबूत हुआ.
- कांडला पोर्ट पर एक्सपोर्ट खरीद ₹2760/क्विंटल पर शुरू, यह भी ₹10 तेज है.
- सरकार के पास 1 अगस्त तक 505.31 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद है.
- पिछले सीजन सरकारी खरीद 357.60 लाख टन रही, जो पिछले साल से 19% ज्यादा है.
Wheat Price: गेहूं के बाजार में इस हफ्ते हलचल साफ दिख रही है. हमारी (eMandi Rates) गेहूं बाजार रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली लॉरेंस रोड मंडी में गेहूं का भाव ₹2900 के आसपास पहुंच गया है, जो पिछले सप्ताह के मुकाबले ₹30 मजबूत है. वहीं कांडला पोर्ट पर एक्सपोर्ट के लिए गेहूं की खरीद ₹2760 प्रति क्विंटल पर शुरू हो चुकी है, जिसमें भी ₹10 की तेजी दर्ज हुई है.
असल में मंडियों में गेहूं की आवक फिलहाल सीमित बनी हुई है. इसकी वजह ये है कि स्टॉकिस्ट अभी आक्रामक तरीके से बिकवाली नहीं कर रहे. दूसरी तरफ मिल डिमांड और एक्सपोर्ट को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं, क्योंकि बांग्लादेश की तरफ से मांग में सुधार देखा जा रहा है.
OMSS से बाजार पर कितना दबाव बनेगा?
अब सवाल ये है कि सरकार सितंबर में कितना गेहूं बाजार में उतारेगी. रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर से ओपन मार्केट सेल स्कीम यानी OMSS के तहत गेहूं की बिक्री शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. पिछले सीजन में सरकारी खरीद 357.60 लाख टन रही थी, जो उससे पिछले साल से 19% ज्यादा है.
खास बात ये है कि 1 अगस्त तक सरकार के पास 505.31 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद था. यानी सप्लाई की तरफ से फिलहाल कोई दिक्कत नहीं दिख रही, सरकार के पास पर्याप्त भंडार है. हालांकि OMSS के तहत कितनी मात्रा और किस भाव पर गेहूं बेचा जाएगा, यही आगे बाजार की दिशा तय करेगा.
बांग्लादेश डिमांड और मिल खरीद से मिल रहा सपोर्ट
दूसरा बड़ा फैक्टर है बांग्लादेश की डिमांड. रिपोर्ट के मुताबिक नए एक्सपोर्ट लाइसेंस जारी होने के साथ बांग्लादेश की तरफ से मांग में और तेजी आने की उम्मीद है. गोंडा मंडी में बांग्लादेश डिमांड के चलते भाव ₹2750 से ₹2760 के बीच बना हुआ है, वहीं टीकमगढ़ में यह ₹2700 पर टिका है.
कांडला में एक्सपोर्ट खरीद शुरू होना बाजार के लिए बड़ा सपोर्ट माना जा रहा है. साथ ही त्योहारी सीजन नजदीक आने के साथ मिल डिमांड में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे घरेलू खपत का दबाव भी बढ़ सकता है.
प्रमुख मंडियों में गेहूं का ताजा भाव क्या है?
देश की अलग-अलग मंडियों में गेहूं के भाव में फर्क साफ दिखता है. हैदराबाद में सबसे ऊंचा भाव दर्ज हुआ है, जबकि बांग्लादेश एक्सपोर्ट से जुड़ी मंडियों में भाव थोड़ा नरम है. स्थानीय अनाज मंडियों के दैनिक गेहूं, जौ, सरसों , ग्वार और चना मंडी भाव यहाँ देखें।
| मंडी | भाव (₹/क्विंटल) |
|---|---|
| दिल्ली | ₹2,900 |
| किच्छा | ₹2,835 |
| हैदराबाद | ₹3,010 |
| कोलकाता | ₹2,860 |
| हापुड़ | ₹2,875 |
| गोंडा (बांग्लादेश डिमांड) | ₹2,750–2,760 |
| टीकमगढ़ (बांग्लादेश डिमांड) | ₹2,700 |
राजस्थान हरियाणा की लोकल मंडियों का गेहूं भाव
| मंडी | न्यूनतम | अधिकतम |
|---|---|---|
| अनूपगढ़ | ₹2,460 | ₹2,660 |
| गजसिंहपुर | ₹2,300 | ₹2,600 |
| जैतसर | ₹2,400 | ₹2,470 |
| नोहर | ₹2,500 | ₹2,600 |
| बीकानेर | ₹2,500 | ₹2,850 |
| श्री गंगानगर | ₹2,500 | ₹2,500 |
| ऐलनाबाद | ₹2,600 | ₹2,636 |
| सिरसा | ₹2,550 | ₹2,640 |
वैश्विक बाजार में क्या संकेत मिल रहे हैं?
घरेलू बाजार के अलावा वैश्विक स्तर पर भी गेहूं को सपोर्ट मिल रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक CBOT Wheat में मजबूती देखी जा रही है, वहीं Black Sea क्षेत्र से जुड़ा जोखिम भी भाव के लिए सपोर्टिव बना हुआ है.
हालांकि रूस में नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है, जिससे वैश्विक सप्लाई फिलहाल आरामदायक स्थिति में मानी जा रही है. यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेजी और दबाव, दोनों तरह के संकेत साथ-साथ आ रहे हैं.
किसानों और कारोबारियों के लिए इसका मतलब क्या है?
जो किसान अभी गेहूं बेचने की सोच रहे हैं या स्टॉक रोककर रखे बैठे हैं, उनके लिए मंडी आवक कम रहना और स्टॉकिस्टों का बिकवाली न करना, दोनों बातें फिलहाल भाव के पक्ष में जाती दिख रही हैं. वहीं जो कारोबारी एक्सपोर्ट या मिल सप्लाई से जुड़े हैं, उनके लिए कांडला की खरीद और बांग्लादेश डिमांड आगे के प्लानिंग में अहम रहेगी.
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि सरकार के पास स्टॉक भरपूर है और OMSS के जरिए बाजार में गेहूं उतरना अभी बाकी है. इसलिए तेजी कायम रहेगी या सरकारी बिक्री से भाव पर लगाम लगेगी, यह अभी साफ तौर पर तय नहीं है. आने वाले दिनों में OMSS की मात्रा, नए एक्सपोर्ट लाइसेंस और त्योहारी मांग, इन तीनों पर बाजार की नजर बनी रहेगी.
(डिस्क्लेमर – व्यापार से जुड़ा कोई भी फैसला अपने विवेक और बाजार की ताजा जानकारी के आधार पर लें.)










