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Black Sea संकट से गेहूं महंगा, ग्लोबल भाव 17% उछले, आगे और तेजी का खतरा

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हाइलाइट्स

  • जुलाई से शिकागो व्हीट के भाव में 17% से ज़्यादा की तेजी दर्ज हुई.
  • एशियाई खरीदारों ने जुलाई-सितंबर डिलीवरी के लिए 2-2.5 मिलियन टन बुकिंग की थी.
  • वैश्विक गेहूं उत्पादन में 4 MMT और स्टॉक्स में भी 4 MMT की गिरावट.
  • अमेरिका ने एक हफ्ते में 3,93,655 मीट्रिक टन गेहूं का एक्सपोर्ट सेल दर्ज किया.

Wheat Price : ग्लोबल गेहूं बाजार में जुलाई महीने से लगातार तेजी का माहौल बना हुआ है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, शिकागो व्हीट (CBOT Wheat) के भाव में जुलाई से अब तक 17 फीसदी से ज़्यादा की बढ़त दर्ज हो चुकी है. इसकी सबसे बड़ी वजह ब्लैक सी क्षेत्र से गेहूं की सप्लाई बाधित होने का बढ़ता खतरा बताया जा रहा है.

असल में यह सिर्फ एक क्षेत्र की दिक्कत नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया के गेहूं खरीदारों पर पड़ रहा है. खासकर एशियाई देशों के खरीदारों पर दाम बढ़ने का दबाव साफ दिख रहा है, क्योंकि उन्हें अब दूसरे देशों से महंगे दाम पर गेहूं खरीदना पड़ सकता है. आज का गेहूं मंडी भाव आप यहां देख सकते.

ब्लैक सी संकट से क्यों बढ़ी टेंशन?

ब्लैक सी क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े गेहूं सप्लाई हब में गिना जाता है, और वहां से शिपमेंट में रुकावट आने का सीधा असर वैश्विक भाव पर पड़ता है. रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर डिलीवरी के लिए एशियाई खरीदारों ने पहले ही करीब 20 से 25 लाख टन गेहूं की बुकिंग कर रखी थी.

अब अगर यह सप्लाई समय पर नहीं पहुंच पाती, तो खरीदारों को दूसरे देशों से गेहूं मंगाना पड़ेगा. यहीं से लागत का असली गणित बिगड़ता है.

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अल्टरनेटिव देशों से खरीदने पर कितनी बढ़ेगी लागत?

ब्लैक सी की जगह दूसरे देशों से गेहूं खरीदने पर खरीदारों को प्रति टन 25 से 60 डॉलर तक ज़्यादा चुकाने पड़ सकते हैं. यानी बदलाव की सूरत में सीधा असर लागत पर पड़ेगा, और आखिरकार यह बोझ भी बाजार से ही होकर गुजरेगा.

अलग-अलग देशों के मौजूदा FOB भाव (डॉलर प्रति टन) में भी अंतर साफ दिखता है, जिससे यह समझना आसान हो जाता है कि किस origin से खरीदना अभी सस्ता पड़ेगा और किससे महंगा.

देश/क्वालिटीभाव (डॉलर/टन)
रूस (12.5% प्रोटीन)$240-245
यूक्रेन (11.5%)$230-235
फ्रांस/EU$235-245
अर्जेंटीना$230-240
ऑस्ट्रेलिया (APW)$250-260
US Gulf (SRW)$275-305
US HRW (11-12%)$300-330+

वैश्विक स्टॉक्स और उत्पादन में क्यों आई कमी?

इंटरनेशनल ग्रेन्स काउंसिल (IGC) के 2026-27 सीजन के अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर में गेहूं का उत्पादन 4 MMT घटकर 817 मिलियन मीट्रिक टन रहने का अनुमान है. वहीं खपत भी 2 MMT घटकर 826 मिलियन मीट्रिक टन आंकी गई है.

खास बात ये है कि स्टॉक्स में भी 4 MMT की गिरावट आई है, जो कुल 275 मिलियन मीट्रिक टन पर पहुंच गए हैं. यानी उत्पादन से ज़्यादा खपत होने और घटते स्टॉक्स की वजह से बाजार का रुख तेजी की तरफ बना हुआ है.

  • वैश्विक उत्पादन: 817 MMT (-4 MMT)
  • वैश्विक खपत: 826 MMT (-2 MMT)
  • वैश्विक स्टॉक्स: 275 MMT (-4 MMT)
  • उत्पादन से ज़्यादा खपत होने से बैलेंस टाइट बना हुआ है

अमेरिका का एक्सपोर्ट सेल क्यों चौंका रहा है?

अमेरिका ने हाल में एक हफ्ते के दौरान 3,93,655 मीट्रिक टन गेहूं का एक्सपोर्ट सेल दर्ज किया है. रिपोर्ट के मुताबिक यह मौजूदा मार्केटिंग ईयर की तीसरी सबसे बड़ी साप्ताहिक बिक्री है, जो यह दिखाता है कि सप्लाई की टेंशन के बीच बड़े खरीदार अमेरिकी गेहूं की तरफ भी रुख कर रहे हैं.

वहीं 20 अगस्त 2026 के फ्यूचर्स भाव में भी मिला-जुला रुझान देखने को मिला. CBOT Wheat का सितंबर 2026 कॉन्ट्रैक्ट 6.82¾ डॉलर और दिसंबर 2026 कॉन्ट्रैक्ट 7.00 डॉलर पर बंद हुआ, दोनों में ढाई सेंट की बढ़त रही. मिनियापोलिस व्हीट में भी सितंबर कॉन्ट्रैक्ट में करीब 6¾ सेंट और दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट में साढ़े 7 सेंट की तेजी दर्ज हुई.

आगे बाजार की चाल कैसी रहेगी?

बाजार के जानकारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ब्लैक सी से कार्गो मूवमेंट में आगे और बाधा आती है या नहीं. रिपोर्ट के मुताबिक अगर रुकावट बढ़ती है, तो एशियाई खरीदारों की replacement demand ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और अर्जेंटीना की तरफ बढ़ सकती है, जिससे भाव को मजबूत सपोर्ट मिलेगा.

वहीं अगर ब्लैक सी की शिपिंग सामान्य होती है, तो मौजूदा रिस्क प्रीमियम में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है. हालांकि उत्पादन और स्टॉक्स में आई कमी के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स का जोखिम अभी भी बाजार के लिए पॉज़िटिव फैक्टर बने हुए हैं. फिलहाल यह साफ नहीं है कि ब्लैक सी की सप्लाई कब तक सामान्य होगी, और इस पर आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

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डिस्क्लेमर :(व्यापार अपने विवेक और जोखिम क्षमता के अनुसार ही करें, निवेश से पहले सर्टिफाइड सलाहकार से सलाह लें.)

नमस्ते! मैं जगत पाल ई-मंडी रेट्स का संस्थापक, बीते 7 साल से पत्रकारिता कर रहा हूं। मुझे खेती-किसानी, मंडी भाव की जानकारी में महारथ हासिल है । यह देश का पहला डिजिटल कृषि न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो बीते 7 सालों से निरन्तर किसानों के हितों में कार्य कर रहा है। किसान साथियों ताजा खबरों के लिए आप हमारे साथ जुड़े रहिए। धन्यवाद

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