केरल में आज अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, IMD की बड़ी चेतावनी
Weather Forecast this Week: अगर आप केरल, तटीय कर्नाटक या दिल्ली-NCR में रहते हैं, तो आज का मौसम अपडेट जरूर पढ़ लीजिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने आज बुधवार, 06 अगस्त को दोपहर जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में साफ कहा है की – केरल में आज कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। जबकि ये बारिश का सिलसिला अगले 2-3 दिनों तक केरल, तटीय और दक्षिण भीतरी कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की पूरी संभावना है।
सिर्फ दक्षिण भारत ही नहीं। इस पूरे हफ्ते उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य भारत के कई हिस्सों में, साथ ही पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश का दौर थमने वाला नहीं है। आइए जाने! आपके शहर पर इसका क्या असर पड़ेगा और इस 2-3 दिनों में बारिश होने के क्या कुछ आसार है।
बीते 24 घंटों में कहां-कहां हुई सबसे तेज बारिश
आगामी दिनों का मौसम का हाल जानने से पहले बीते 24 घंटों में देश के किन इलाकों में कितनी बारिश हुई उस पर अर्क नज़र डाल लेते है, बुधवार सुबह 08:30 बजे तक के आंकड़े देखें तो कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। कुछ जगहों पर तो यह आंकड़ा 20 सेंटीमीटर तक पहुंच गया।
बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) वाले इलाके
बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मिजोरम, लक्षद्वीप, पूर्वी राजस्थान और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में इस दायरे की बारिश रिकॉर्ड हुई। मिजोरम के बौन्हु में सबसे ज्यादा 14 सेमी बारिश दर्ज की गई।
भारी बारिश (7-11 सेमी) वाले इलाके
गंगीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय कर्नाटक, असम और दिल्ली में भी अच्छी-खासी बारिश हुई। दिल्ली में प्रेसिडेंट हाउस के पास 7 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।
सबसे ज्यादा बारिश वाले स्टेशन (7 सेमी या उससे ज्यादा)
| राज्य/क्षेत्र | स्टेशन | बारिश (सेमी) |
|---|---|---|
| मिजोरम | बौन्हु | 14 सेमी |
| पूर्वी राजस्थान | कुम्हेर सीनियर (भरतपुर) | 14 सेमी |
| दक्षिण आंतरिक कर्नाटक | शिवमोग्गा | 14 सेमी |
| बिहार | समस्तीपुर | 13 सेमी |
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | इटावा ओब्सी | 13 सेमी |
| मध्य महाराष्ट्र | दाउंडी (पुणे) | 13 सेमी |
| लक्षद्वीप | मिनिकॉय | 13 सेमी |
| ओडिशा | भुवनेश्वर | 11 सेमी |
| गंगीय पश्चिम बंगाल | बशीरहाट | 11 सेमी |
| तटीय कर्नाटक | बेलथांगड़ी | 9 सेमी |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | कैसरगंज (बहराइच) | 10 सेमी |
| असम | गोसाईगांव | 10 सेमी |
| झारखंड | रामगढ़ | 9 सेमी |
| छत्तीसगढ़ | बलरामपुर | 8 सेमी |
| हिमाचल प्रदेश | धर्मशाला | 8 सेमी |
| उत्तराखंड | गैरसैंण | 8 सेमी |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | सीधी | 8 सेमी |
| दिल्ली | प्रेसिडेंट हाउस | 7 सेमी |
लगातार हो रही भारी बारिश का ये है कारण
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की गर्त इस वक्त अपनी सामान्य स्थिति के आसपास ही बनी हुई है। इसके साथ ही मध्य क्षोभमंडल में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिसकी धुरी करीब 73°E देशांतर और 29°N अक्षांश के आसपास टिकी है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के दोनों हिस्सों – दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व – के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। पश्चिम बंगाल की खाड़ी और गंगा के मैदानी इलाकों के ऊपर भी ऐसा ही एक सिस्टम मौजूद है। यही वजह है कि बारिश का असर इतने बड़े भूभाग पर एक साथ दिख रहा है।
भारत के किन हिस्सों में कब तक होगी बारिश?
उत्तर-पश्चिम भारत : जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में 6 से 12 अगस्त के बीच रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और दोनों उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिन बारिश के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 7-10 अगस्त के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
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मध्य भारत : पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले हफ्ते तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 6-7 अगस्त के दौरान छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा की चेतावनी है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत : अंडमान-निकोबार, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम और झारखंड में व्यापक बारिश की संभावना है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 12 अगस्त तक बारिश जारी रहेगी।
पश्चिम और दक्षिण भारत : कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में अगले हफ्ते व्यापक बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 6-8 अगस्त के दौरान आंधी-तूफान के साथ 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं भी चल सकती हैं। केरल, माहे, तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जो की इस हफ़्ते बड़ी चिंता का विषय है।

दिल्ली-NCR में अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम
देश की राजधानी दिल्ली में 6 अगस्त से 9 अगस्त के बीच बादल छाए रहेंगे। इस बीच कभी हल्की तो कभी भारी बारिश के दौर आते-जाते रहेंगे।
| तारीख | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | बारिश की संभावना |
|---|---|---|---|
| 06 अगस्त | 31-33°C | — | दोपहर-शाम हल्की से मध्यम, कहीं भारी बारिश |
| 07 अगस्त | 31-33°C | 22-24°C | सुबह-दोपहर हल्की से मध्यम, कहीं भारी |
| 08 अगस्त | 33-35°C | 22-24°C | सुबह-दोपहर हल्की, शाम-रात हल्की बारिश |
| 09 अगस्त | 33-35°C | 23-25°C | सुबह हल्की, शाम एक और हल्का दौर |
ज्यादातर जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने का अनुमान है।
केरल-तमिलनाडु और हिमाचल-उत्तराखंड में फ्लैश फ्लड की चेतावनी
यह हिस्सा सबसे ज्यादा ध्यान देने लायक है। मौसम विभाग ने 07 अगस्त सुबह 11:30 बजे तक के लिए कुछ जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बताया है-खतरा कम से मध्यम स्तर का है, लेकिन नजरअंदाज करने लायक नहीं।
केरल और माहे — वायनाड, कोझिकोड, मलप्पुरम, पलक्कड़, त्रिशूर, एर्नाकुलम, इडुक्की और कोट्टायम जिले
तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल — कोयंबटूर, नीलगिरी, डिंडीगुल और थेनी जिले
हिमाचल प्रदेश — शिमला और सिरमौर जिले
उत्तराखंड — देहरादून, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले
इन जिलों में अगले 24 घंटों की संभावित बारिश की वजह से मिट्टी पूरी तरह पानी से भर सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और सतह पर पानी बहने की स्थिति बन सकती है।
भारी बारिश से क्या हो सकता है नुकसान
IMD ने केरल में आज की अत्यधिक भारी बारिश को लेकर कुछ साफ चेतावनियां दी हैं। पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं, केला-पपीता जैसी छोटी फसलें प्रभावित हो सकती हैं। कमजोर ढांचों और कच्चे मकानों को हल्का नुकसान हो सकता है।
निचले इलाकों में भूस्खलन, जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो सकता है। छोटी नावों और मछली पकड़ने वाली ट्रॉलरों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
IMD की सलाह क्या है
- मौसम की बिगड़ती स्थिति पर नजर रखें, जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह जाने को तैयार रहें
- बिजली गिरने की आशंका में पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली के उपकरणों का प्लग निकाल दें, जलाशयों से दूर रहें
- पर्यटन और समुद्री गतिविधियां फिलहाल टाल दें
किसानों के लिए क्या सलाह दी गई है
खेतों में पानी जमा न हो, इसका खास ध्यान रखने को कहा गया है। ओडिशा में धान की नर्सरी और मक्का, दलहन, तिलहन की फसलों से पानी निकासी का इंतजाम करने की सलाह है। केरल में केला, नारियल, इलायची और काली मिर्च के बागानों से अतिरिक्त पानी निकालने को कहा गया है।
उत्तराखंड और हिमाचल में जहां फसल तैयार है, वहां मटर, टमाटर और फ्रेंच बीन जैसी सब्जियों की जल्द कटाई करने की सलाह दी गई है, ताकि बारिश से नुकसान न हो। बिहार, असम, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भी जल निकासी को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मछुआरों के लिए चेतावनी
अरब सागर के उत्तरी और पश्चिम-मध्य हिस्सों में 6 से 11 अगस्त के दौरान तेज हवाओं की चेतावनी है। कर्नाटक और केरल तटों के पास भी 6-9 अगस्त के दौरान समुद्र में जाना जोखिम भरा हो सकता है। बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट और अंडमान सागर के आसपास भी 6-10 अगस्त तक सावधानी बरतने को कहा गया है। मछुआरों को इन दिनों समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
चेतावनी : 24-48 घंटे सतर्क रहे
अगर आप केरल, तटीय कर्नाटक, हिमाचल या उत्तराखंड के बताए गए जिलों में रहते हैं, तो अगले 24-48 घंटे सतर्क रहने वाले हैं। मौसम विभाग खुद कहता है कि जैसे-जैसे समय बढ़ता है, पूर्वानुमान की सटीकता कम होती जाती है – इसलिए जिलेवार ताजा अपडेट के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखना ही सबसे भरोसेमंद तरीका है।
Official Sources
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) — प्रेस विज्ञप्ति, 06 अगस्त 2026
- राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन: mausam.imd.gov.in
- जिलेवार चेतावनी: districtWiseWarningGIS.php (IMD)












