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किसानों के बैंक खाते में जाएगा फसल खरीद का भुगतान, बिचौलियों की भूमिका को किया खत्म

Jagat Pal

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किसान समाचार : हरियाणा सरकार द्वारा किसान आंदोलन के बीच रबी फसल खरीद (Procurement) को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है, हरियाणा की खट्टर सरकार ने रबी सीजन 2021-22 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाने फसलों की खरीद राशि का 100% भुगतान सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में करने का निर्णय लिया है .

जानकारी के लिए आपको बता दें की पिछले वर्ष फसल खरीद का भुगतान 50% से अधिक का भुगतान किसानों के खातों में और बाकी का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से किया गया था . सरकार के इस फैसले के बाद फसल खरीद अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है की, वो सरकार के इस बदलाव के बारे में आढ़तियों से बातचीत कर इसे सुनश्चित कर लें.

अनाज मंडियों में करनी होगी ये व्यवस्थाएं

  • फसल खरीद के काम में लगे लोगों के स्वास्थ्य जोखिम को कम करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम करना होगा.
  • सभी फसल खरीद केंद्र पर कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा.
  • मजदूर, धर्मकांटा, बारदाना और सिलाई मशीनों की उचित व्यवस्था मुहैया करवानी होगी.
  • ट्रांसपोर्टर द्वारा 48 घंटों में फसल ना उठा पाने की स्थिति में अन्य वैकल्पिक प्रबंध करने होंगे.
  • अनाज मंडियों में आढ़तियों व किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े इसके पुख्ता इंतजाम.
haryana fasal kharid ka bhugtan

फसल खरीद केन्द्रों की संख्या में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कल इस सम्बन्ध में अपने ट्विटर हेंडल से ट्विट करते हुआ लिखा की “कोविड-19 मामलों में अचानक हुई वृद्धि को देखते हुए 1 अप्रैल, 2021 से शुरू होने वाले खरीद सीजन में पिछले साल की तरह इस बार भी खरीद केंद्रों की संख्या में वृद्धि की जा सकती है ताकि किसानों व आढ़तियों को फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।”

किसानों के खातों में सीधे होगा शत-प्रतिशत ऑनलाइन भुगतान

दुसरे ट्विट में उन्होंने लिखा की “इस वर्ष की खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों के खातों में सीधे शत-प्रतिशत ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा अधिकारी मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसलों का शत-प्रतिशत पंजीकरण और खाली पड़ी कृषि योग्य भूमि का पंजीकरण भी सुनिश्चित करेंगे।”

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ट्रांसपोर्टरों के लिए जारी किये ये निर्देश

एक अन्य ट्विट में उन्होंने कहा की “मंडियों से फसलों का समय पर उठान सुनिश्चित करने हेतु मंडियों पर परिवहन की व्यापक व्यवस्था की जाएगी। यदि कोई ट्रांसपोर्टर 48 घंटों के भीतर फसल का उठान नहीं करता तो उपायुक्त अन्य वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था कर फसल का उठान सुनिश्चित करेंगे, ताकि आढ़तियों व किसानों को कोई दिक्कत न हो।”

ये भी पढ़े : हरियाणा सरकार का फसलों की सरकारी खरीद (MSP) और भंडारण के लिए बड़ा फैसला

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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