ताज़ा खबरें:

पीएम किसान की 24वीं किस्त 30 अक्टूबर को होगी जारी! फटाफट करें ये 3 जरूरी काम, वर्ना अटक जायेंगे पैसे

Jagat Pal

Follow Us

हाइलाइट्स

  • पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त 30 अक्टूबर को जारी की जाएगी.
  • पात्र किसानों को DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में 2000 रुपये भेजे जाते हैं.
  • पिछली यानी 23वीं किस्त जून महीने में जारी हुई थी.
  • बायोमेट्रिक या OTP आधारित eKYC पूरी न होने पर किस्त रोकी जा सकती है.
  • खतौनी का भू सत्यापन पोर्टल पर अपलोड न होने से भी राशि अटक सकती है.

PM Kisan 24th Instalment: पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त 30 अक्टूबर को जारी होगी. केंद्र सरकार द्वारा पीएम किसान पोर्टल पर किस्त के जारी होने की तारीख की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है. 24वीं किस्त के तहत 9.5 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खाते में 2000 रुपये भेजे जाएंगे. किस्त की रकम दिवाली से पहले किसानों को मिल जाएगी.

---विज्ञापन---

जिन किसानों की eKYC, आधार लिंक और भू सत्यापन का काम पूरा नहीं करवाया है उनकी किस्त रुक सकती है. तो जल्द से जल्द सभी किसान किस्त के जारी होने से पहले अपने पीएम किसान खाते को अपडेट करवा लें. ताकि बिना किसी परेशानी के आपके खाते में पैसे आ सके.

30 अक्टूबर को कितना और कैसे मिलेगा पैसा?

पीएम किसान योजना में पात्र किसानों को साल में 6000 रुपये मिलते हैं. यह रकम 2000 रुपये की तीन किस्तों में आती है और हर किस्त के बीच करीब 4 महीने का अंतर रखा जाता है. 23वीं किस्त जून में जारी हुई थी, अब अगली किस्त 30 अक्टूबर को आएगी.

पैसा DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से सीधे खाते में पहुंचता है. बीच में किसी एजेंट या दफ्तर की भूमिका नहीं रहती.

---विज्ञापन---
जानकारीडिटेल
योजनाप्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
किस्त24वीं
जारी होने की तारीख30 अक्टूबर 2026
किस्त की रकम₹2,000
सालाना रकम₹6,000
पैसा कैसे आएगाDBT से सीधे बैंक खाते में
पिछली किस्त23वीं, जून में
जरूरी शर्तेंeKYC, आधार लिंक बैंक खाता, DBT एक्टिव, भू सत्यापन
आधिकारिक वेबसाइटhttps://pmkisan.gov.in/

किस्त रुकने से बचने के लिए क्या जरूरी है?

eKYC अब अनिवार्य कर दिया गया है. यह बायोमेट्रिक या OTP आधारित हो सकता है. जिन किसानों ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं कराई, उनकी किस्त रोकी जा सकती है.

बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए और DBT का एक्टिव होना भी जरूरी है. इसके अलावा खतौनी का भू सत्यापन पोर्टल पर अपलोड होना चाहिए. यह न हो तो योजना की राशि अटक सकती है.

---विज्ञापन---

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now