हाइलाइट्स
- रबी सीजन किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध.
- डीएपी के 14 रैक, करीब 35 हजार मीट्रिक टन, 14 अक्टूबर तक पहुंचने की संभावना है.
- खरीफ 2026 में यूरिया की आपूर्ति मांग के मुकाबले 6 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा रही.
- 2026-27 में अब तक 11,770 विक्रेताओं का निरीक्षण हुआ और 25 लोगों पर FIR दर्ज हुई.
DAP Urea Stock In Rajasthan : राजस्थान में रबी की बुवाई शुरू होते ही सरकार ने खाद के स्टॉक का हिसाब सामने रखा है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने 9 अक्टूबर को जयपुर में बताया कि प्रदेश में 1 लाख 5 हजार 584 मीट्रिक टन डीएपी (DAP) और 3 लाख 63 हजार 969 मीट्रिक टन यूरिया (Urea) उपलब्ध है. मौजूदा साप्ताहिक खपत के आधार पर डीएपी करीब 18 दिन और यूरिया 35 दिन के लिए काफी बताया गया है.
मंत्री ने कहा कि किसानों को उर्वरक की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है. उनके मुताबिक केंद्र सरकार से आपूर्ति लगातार जारी है. रबी की बुवाई अभी शुरुआती चरण में है.
स्टॉक कितना है और कब तक चलेगा?
DAP का भंडार फिलहाल 1,05,584 मीट्रिक टन है. इसके अलावा डीएपी के 14 रैक रास्ते में हैं, जिनमें करीब 35 हजार मीट्रिक टन खाद है. इनके 14 अक्टूबर, 2026 तक किसानों के लिए उपलब्ध होने की संभावना जताई गई है.
यूरिया का स्टॉक 3,63,969 मीट्रिक टन है. स्टॉक के दिन वर्तमान साप्ताहिक खपत पर निकाले गए हैं. बुवाई जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इसी आधार पर स्थिति देखनी होगी.
खरीफ में मांग से ज्यादा आपूर्ति का दावा
मंत्री के मुताबिक खरीफ सीजन 2026 में दोनों प्रमुख खादों की आपूर्ति मांग से ऊपर रही:
| उर्वरक | मांग (मीट्रिक टन) | आपूर्ति (मीट्रिक टन) | अंतर |
|---|---|---|---|
| डीएपी | 5,10,000 | 5,44,995 | 34,995 ज्यादा (करीब 6.9%) |
| यूरिया | 11,00,000 | 17,15,814 | 6,15,814 ज्यादा (करीब 56%) |
रबी में भी किसानों की मांग के हिसाब से समय पर खाद देने की प्रतिबद्धता सरकार ने दोहराई है.
कालाबाजारी पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
डॉ. मीणा ने कहा कि वितरण में किसी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी. जमाखोरी, कालाबाजारी, यूरिया के अवैध डायवर्जन और टैगिंग जैसी गड़बड़ियों पर विभाग समय-समय पर विशेष अभियान चलाता है.
वर्ष 2026-27 में अब तक की कार्रवाई के आंकड़े उन्होंने ये बताए:
- 11,770 उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण और 9,585 नमूने
- 1,238 फर्मों को कारण बताओ नोटिस
- 64 विक्रेताओं की बिक्री पर रोक
- 128 फर्मों के प्राधिकार पत्र निलंबित या निरस्त
- 25 लोगों पर FIR और 11 गिरफ्तारियां
प्रदेश भर में गुणवत्ता जांच के लिए विशेष अभियान चल रहा है, जिसमें औचक निरीक्षण हो रहे हैं. सभी जिलों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो उपलब्धता, वितरण और आपूर्ति पर नजर रखते हैं.
नैनो खाद और टैगिंग पर सरकार का रुख
मंत्री ने साफ किया कि नैनो डीएपी (Nano DAP) और नैनो यूरिया (Nano Urea) खरीदने के लिए किसानों पर दबाव नहीं डाला जा रहा. किसान अपनी जरूरत और इच्छा से तय कर सकते हैं. सरकार उपलब्ध परिणामों को देखते हुए नैनो उर्वरकों को बढ़ावा दे रही है.
खाद के साथ दूसरे उत्पाद जबरन थमाने, यानी टैगिंग, पर रोक के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. वितरण कृषि विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में कराया जा रहा है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे. अधिकारियों को निगरानी जारी रखने और किसानों के हित को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.










