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सरसों साप्ताहिक रिपोर्ट 6 नवंबर 2023: मंडियों में सामान्य आवक के बीच स्टॉकिस्टों की सीमित लिवाली के कारण सरसों के दाम में नरमी

Jagat Pal

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Mustard Price 6 November 2023: बीते सप्ताह सोमवार को जयपुर में सरसों 6000 रुपये पर खुला था जो की शनिवार शाम को 5900 रुपये पर बंद हुआ। इस प्रकार बीते सप्ताह के दौरान सरसो में मांग न रहने से -100 रूपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई । उधर उत्तर प्रदेश में सरसों का दाम हापुड़ मंडी में 50 रुपए गिरकर 6050 रुपए प्रति क्विंटल पर आया मगर आगरा में 25 रुपए सुधरकर 6425 रुपए हो गया। 

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बुआई रिपोर्ट:
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 04 नवंबर तक 45.706 लाख हेक्टेयर में बुआई पूरी हो चुकी है। पिछले साल की तुलना में अब तक बुआई 11.69% ज्यादा है। एमएसपी में बढ़ोतरी से किसान संतुष्ट इसलिए बुवाई का रकबा घटने की सम्भावना नहीं।

स्टॉक रिपोर्ट
अक्टूबर में 7.5 लाख टन सरसो की आवक के चलते अब तक कुल 90 लाख टन सरसो निकल चुकी है।
वहीं अक्टूबर महीने 9.5 लाख टन सरसो की क्रशिंग की गयी। प्रोसेसर्स, फार्मर्स और नाफेड को मिलाकर कुल 38.5 लाख टन सरसो अब भी उपलब्ध पिछले वर्ष नवंबर से फरवरी के बीच कुल 27 लाख टन सरसो की क्रशिंग की गयी थी।
बचे हुए महीने में औसतन 7-8 लाख टन की क्रशिंग भी मानें तो ये स्टॉक पर्यात होगा। हालाँकि 38.5 लाख टन स्टॉक में 12 लाख टन स्टॉक नाफेड के पास इसलिए नाफेड की बिकवाली पर काफी हद तक बाजार की चाल निर्भर करेगी।

मार्केट आउटलुक
खल और सरसो तेल में नरमी से सरसो के भाव इस सप्ताह 75-100 रुपये घटे। वहीं नाफेड ने भी पिछले 2-3 टेंडर को नीचे के भाव में किया पास। जयपुर सरसो इस सप्ताह 75 रुपये टुटा वहीं कच्ची घानी में भी 1-2 रुपये/किलो की गिरावट दर्ज की गयी। ऊँचे भाव पर खल की मांग ठंडी पड़ी जिससे 20-25 रुपए/क्विंटल की मामूली गिरावट आयी।

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दिवाली के बाद सरसो की बुवाई की रफ़्तार बढ़ेगी, जिसके चलते किसान पैसे की जरुरत को देखते हुए बिकवाली बढ़ा सकते हैं। मौजूदा स्टॉक, नाफेड की बिकवाली और दिवाली के बाद मांग सुस्त पड़ने से सरसो में नरमी का अनुमान
जयपुर सरसो रेजिस्टेंस 6050 को अब तक पार नहीं कर पाया है और वहीं से इसमें गिरावट आयी है। नयी फसल से पहले सरसो की चाल मौसम बुवाई की रफ़्तार और अनतर्राष्ट्रीय बाजार की चाल पर निर्भर

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जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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