ताज़ा खबरें:

किसानों के लिए डबल सौगात! फसल बीमा के ₹317.86 करोड़ जारी, 260 गांवों की सिंचाई योजना का लोकार्पण

Jagat Pal

Follow Us

हाइलाइट्स

  • रबी 2025-26 की फसल बीमा राशि के रूप में 317.86 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे.
  • यह भुगतान 16.70 लाख किसान आवेदनों के लिए होगा.
  • रबी फसलों के लिए किसान को अधिकतम 1.5 फीसदी प्रीमियम देना होता है.
  • नर्मदा-माही लिंक परियोजना से धार और झाबुआ के 260 गांवों को सिंचाई का पानी मिलेगा.
  • परियोजना की संशोधित लागत 2,387.60 करोड़ रुपये है और निर्माण कार्य पूरा हो चुका है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को धार जिले के सरदारपुर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी 2025-26 की बीमा राशि का भुगतान करेंगे. 16.70 लाख पात्र किसान आवेदनों के लिए 317.86 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे. इसी कार्यक्रम में नर्मदा-माही लिंक परियोजना का लोकार्पण भी प्रस्तावित है, जिससे धार और झाबुआ के 260 गांवों को सिंचाई का पानी देने की योजना है.

---विज्ञापन---

फसल बीमा का पैसा कितना और किसे मिलेगा?

रबी 2025-26 की बीमा राशि के रूप में 317.86 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. यह रकम 16.70 लाख किसान आवेदनों के लिए है. भुगतान डीबीटी के जरिए बैंक खातों में किया जाएगा.

मध्य प्रदेश में 2016-17 से खरीफ 2025 तक योजना के तहत कुल 32,402.59 करोड़ रुपये के बीमा दावों का भुगतान हो चुका है. खरीफ 2025 तक के इस आंकड़े में रबी 2025-26 की नई राशि शामिल नहीं है.

किसान को कितना प्रीमियम देना पड़ता है?

योजना में किसान को सिर्फ़ तय हिस्सा देना होता है. बाकी प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकार बराबर-बराबर भरती हैं.

---विज्ञापन---
फसलकिसान का अधिकतम प्रीमियम
खरीफ फसलें2 फीसदी
रबी फसलें1.5 फीसदी
कपास5 फीसदी

रबी 2026-27 के लिए फसल बीमा योजना में पंजीयन 1 नवंबर से शुरू करने की योजना है.

नर्मदा-माही लिंक से किन गांवों को पानी मिलेगा?

परियोजना के तहत धार और झाबुआ जिले के 260 गांवों को सिंचाई का पानी देने की योजना है. कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने बताया कि इनमें झाबुआ जिले के 194 और सरदारपुर तहसील के 66 गांव शामिल हैं.

झाबुआ की 32 हजार हेक्टेयर और सरदारपुर तहसील की 25,422 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा देने का लक्ष्य है. दोनों को जोड़ें तो 57,422 हेक्टेयर जमीन को फायदा मिलेगा.

---विज्ञापन---

कहां तक पहुंचा काम ?

परियोजना को 27 फरवरी 2018 को 2,050.70 करोड़ रुपये की प्रारंभिक प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी. बाद में इसकी पुनरीक्षित लागत 2,387.60 करोड़ रुपये तय हुई, यानी करीब 336.90 करोड़ रुपये ज्यादा.

धार जिले की कुक्षी तहसील के चंदनखेड़ी गांव में नर्मदा नदी से करीब 18.66 करोड़ घन मीटर पानी उठाने का प्रस्ताव है. योजना के संचालन के लिए 102.30 मेगावाट बिजली की जरूरत तय की गई है. निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और फिलहाल परीक्षण व कमीशनिंग का काम चल रहा है.

इसे भी पढ़े – कृषि यंत्र अनुदान! किसानों को सीडर खरीदने पर मिलेगी 1.20 लाख रुपये तक की सब्सिडी, ऑनलाइन करें आवेदन

---विज्ञापन---
---विज्ञापन---

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now