हाइलाइट्स
- मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 5 नवंबर 2026 को आलू किसानों के लिए कई घोषणाएँ कीं.
- दूसरे राज्य में आलू भेजने पर 50 रुपये प्रति क्विंटल परिवहन सब्सिडी मिलेगी.
- किसानों को 1,120 रुपये प्रति क्विंटल के गारंटी प्रमाणपत्र मुफ्त दिए जाएंगे.
- 50 किसान बाजारों में सौर ऊर्जा वाले शीतगृह के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित हुए.
- 4 लाख किसानों को बिजली सब्सिडी देगी सरकार.
- बाढ़ में पूरी तरह टूटे मकान पर 1.8 लाख रुपये की सहायता का ऐलान हुआ.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 5 नवंबर 2026 को आलू किसानों के लिए कई घोषणाएँ कीं. दूसरे राज्यों में सड़क या रेल मार्ग से आलू भेजने पर 50 रुपये प्रति क्विंटल परिवहन सब्सिडी मिलेगी. किसानों को 1,120 रुपये प्रति क्विंटल के गारंटी प्रमाणपत्र मुफ्त दिए जाएंगे और आलू की फसल का बीमा कराने के लिए उन्हें कोई राशि नहीं देनी होगी.
मुख्यमंत्री ने अलीपुरद्वार, झाड़ग्राम और पुरुलिया जिलों के किसानों के लिए विशेष पैकेज देने का वादा भी किया. पीएम-किसान, बिजली सब्सिडी और बाढ़ पीड़ित किसानों की मदद पर भी घोषणाएँ हुईं.
आलू किसानों को क्या-क्या मिलेगा?
| सुविधा | डिटेल |
|---|---|
| परिवहन सब्सिडी | दूसरे राज्य में सड़क या रेल से आलू भेजने पर 50 रुपये प्रति क्विंटल |
| मूल्य गारंटी | 1,120 रुपये प्रति क्विंटल के प्रमाणपत्र, किसानों को मुफ्त |
| फसल बीमा | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में, प्रीमियम का हिस्सा सरकार देगी |
| भंडारण | 50 किसान बाजारों में सौर ऊर्जा संचालित शीतगृह, 150 करोड़ रुपये आवंटित |
गारंटी प्रमाणपत्र का मतलब सीधा है. बाज़ार में आलू का भाव 1,120 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे गया, तो फर्क की भरपाई सरकार सब्सिडी देकर करेगी. यह बात मुख्यमंत्री ने कही है.
पाबंदियाँ हटाने का दावा और पुराने आरोप
अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल से दूसरे राज्यों में आलू ले जाने पर लगे सभी प्रतिबंध हटाने का फैसला हुआ है. वे बोले- “आलू ले जाने वाले किसी भी वाहन को राज्य की सीमाओं पर नहीं रोका जाएगा.”
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के समय आलू लदे ट्रकों को सीमाओं पर रोक दिया जाता था. उनके मुताबिक पुलिस के निर्देशों से किसानों को भारी कठिनाई होती थी और ये पाबंदियाँ उन्हें परेशान करने के लिए लगाई गई थीं. इन आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस या ममता बनर्जी का पक्ष उपलब्ध जानकारी में नहीं है.
पीएम-किसान और बिजली सब्सिडी पर बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री के मुताबिक बंगाल के 46 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलेगा. 5 नवंबर को इस योजना की 24वीं किस्त के तहत इतने किसानों के बैंक खातों में राशि भेजी गई. पीएम-किसान में केंद्र सरकार किसान परिवारों को सालाना 6000 रुपये तीन बराबर किस्तों में देती है.
जून में योजना की 23वीं किस्त के तहत 18,880 करोड़ रुपये जारी हुए थे. इनमें 900 करोड़ रुपये से ज़्यादा पश्चिम बंगाल के लाभार्थियों के हिस्से आए. सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य सरकार ने तृणमूल सरकार की ‘कृषक बंधु’ योजना का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ करने का फैसला किया है.
अधिकारी बोले- “राज्य के किसानों को अब 6000 रुपये के बजाय 9000 रुपये मिलेंगे. यह डबल इंजन सरकार का लाभ है.” उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार 4 लाख किसानों को प्रति यूनिट 2 रुपये की बिजली सब्सिडी दे रही है.
बाढ़ प्रभावित किसानों को मिलेगी मदद
कार्यक्रम के दौरान मालदा जिले के बाढ़ प्रभावित भूतनी चार के 10,750 किसानों को मसूर और सरसों के बीज बाँटे गए.
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बाढ़ में जिन किसानों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए, उन्हें 1.8 लाख रुपये मिलेंगे. आंशिक नुकसान वाले मकानों के लिए 90 हजार रुपये और मामूली नुकसान के लिए 4 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी.










