हाइलाइट्स
- झारखंड सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में धान पर 109 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देगी.
- केंद्र ने सामान्य धान का MSP 2,441 और ग्रेड-A का 2,461 रुपये तय किया है.
- पिछले साल का बोनस 81 रुपये प्रति क्विंटल था, इस बार 28 रुपये ज्यादा.
- राज्य ने 40 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य रखा है.
- बोनस के लिए 43.60 करोड़ रुपये का अनुमान है, प्रस्ताव SAC के सामने है.
Paddy Bonus : झारखंड सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में किसानों से खरीदे जाने वाले धान पर 109 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देगी. यह रकम केंद्र के तय MSP के ऊपर मिलेगी. राज्य के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री इरफान अंसारी ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी दी. इस बार धान खरीद का लक्ष्य 40 लाख क्विंटल रखा गया है.
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार ने 81 रुपये प्रति क्विंटल बोनस की मंजूरी दी थी. यानी इस बार बोनस 28 रुपये ज्यादा है. मंत्री के मुताबिक भुगतान पिछले साल की तरह एकमुश्त होगा.
MSP और बोनस मिलाकर कितना मिलेगा?
केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए सामान्य धान का MSP 2,441 रुपये और ग्रेड-A धान का MSP 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. राज्य का बोनस इसके अतिरिक्त है.
| धान की किस्म | MSP (प्रति क्विंटल) | बोनस | MSP और बोनस का जोड़ |
|---|---|---|---|
| सामान्य धान | ₹2,441 | ₹109 | ₹2,550 |
| ग्रेड-A धान | ₹2,461 | ₹109 | ₹2,570 |
बोनस पर कितना खर्च, कौन देगा मंजूरी?
40 लाख क्विंटल के लक्ष्य पर 109 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस भुगतान के लिए 43.60 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है. यह अभी अनुमान ही है. इस राशि की मंजूरी का प्रस्ताव योजना अधिकृत समिति (SAC) के सामने रखा गया है.
40 लाख क्विंटल का लक्ष्य कैसे तय हुआ?
मंत्री ने विभागीय आकलन का हवाला दिया. इसके मुताबिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के केंद्रीय पूल के लिए 19.60 लाख क्विंटल धान चाहिए. झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के लिए 19.79 लाख क्विंटल की जरूरत है. इसी आधार पर खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 40 लाख क्विंटल करने का प्रस्ताव दिया गया है.
दूसरे राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए कदम उठाएगी सरकार
अंसारी ने कहा कि सरकार बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ से झारखंड में धान की आवक रोकने के लिए कदम उठाएगी. पिछले साल एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था के तहत इन राज्यों के बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने झारखंड आए थे. कौन-से कदम उठाए जाएंगे, यह नहीं बताया गया है.
मंत्री के मुताबिक किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाना, आय बढ़ाना और खेती को ज्यादा लाभकारी बनाना सरकार की प्राथमिकता है.
इसे भी पढ़े – सरकार गाय खरीदने पर 50% सब्सिडी व मुर्गी पालन के लिए 100 चूजे मुफ्त देगी, जानें किसे मिलेगा लाभ










