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कृषि उपकरण अनुदान कैंप: 2420 बड़े ट्रैक्टर सहित अन्य कृषि उपकरणों पर ₹5 लाख की छूट

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हाइलाइट्स

  • कृषि विभाग के विशेष कैंप 7 नवंबर तक चलेंगे, जिलों में तारीखें अलग-अलग हैं.
  • विभाग को 2420 बड़े ट्रैक्टर, 524 पंपसेट और 27 कृषि उपकरण देने हैं.
  • योजना का लाभ लेने के लिए दस एकड़ खेती योग्य भूमि अनिवार्य है.
  • बड़े ट्रैक्टर में 10 लाख रुपये में से 5 लाख रुपये लाभुक का अंशदान है.
  • अंशदान के दस्तावेज देने के बाद एक सप्ताह में उपकरण की आपूर्ति होगी.

रांची: कृषि विभाग किसानों को अनुदान पर ट्रैक्टर और दूसरे कृषि उपकरण देने के लिए झारखंड के जिलों में विशेष कैंप लगाए जा रहे है. ये कैंप 7 नवंबर 2026 तक चलेंगे. विभाग को कुल 2420 बड़े ट्रैक्टर, 524 पंपसेट और 27 कृषि उपकरण देने हैं. ट्रैक्टर के साथ दो कृषि उपकरण भी दिए जाने हैं. कैंप नज़दीकी सरकारी कार्यालयों में लग रहे हैं, ताकि किसानों को दौड़-भाग न करनी पड़े.

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ट्रैक्टर ‘मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना’ के तहत दिए जा रहे हैं. इसके लिए 150 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है.

मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना पात्रता

सरकारी योजना का लाभ लेने वाले किसान के पास दस एकड़ खेती योग्य भूमि होना अनिवार्य है. यह शर्त पूरी न करने वाले किसान आवेदन के दायरे में नहीं आएंगे.

बड़े ट्रैक्टर में 10 लाख रुपये में से 5 लाख रुपये, यानी 50 प्रतिशत, लाभुक को अंशदान के रूप में देना होता है. अंशदान मतलब किसान के हिस्से की रकम.

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जानकारीडिटेल
योजनामुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना
विभागकृषि विभाग. कैंप की जगह और तारीख भूमि संरक्षण निदेशालय ने घोषित की
पात्रतादस एकड़ खेती योग्य भूमि अनिवार्य
बड़े ट्रैक्टर पर किसान का अंशदान10 लाख रुपये में से 5 लाख रुपये (50 प्रतिशत)
ट्रैक्टर के साथदो कृषि उपकरण
दिए जाने वाले उपकरण2420 बड़े ट्रैक्टर, 524 पंपसेट, 27 कृषि उपकरण
कैंप की आख़िरी तारीख7 नवंबर
आपूर्ति में लगने वाला समयअंशदान के दस्तावेज देने के बाद एक सप्ताह

कैंप में कैसे मिलेगा उपकरण?

हर कैंप में विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहेंगे. उपकरण की आपूर्ति करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि भी वहीं होंगे, इसलिए किसान को अलग-अलग दफ़्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.

अंशदान से जुड़े दस्तावेज जमा करने के बाद किसान को एक सप्ताह के भीतर उपकरण की आपूर्ति कर दी जाएगी.

छोटे यंत्रों के लिए अलग बजट

मिनी ट्रैक्टर के लिए 6.26 लाख रुपये में से 5 लाख रुपये का अनुदान लाभुक को मिलता है.

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वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिनी ट्रैक्टर, पावर टिलर, रीपर, राइस ट्रांसप्लांटर और दूसरे कृषि यंत्रों के वितरण के लिए 13 करोड़ रुपये की स्वीकृति अलग से दी गई है. रीपर फसल काटने की मशीन होती है और राइस ट्रांसप्लांटर धान की रोपाई की.

जिलावार कैंप की पूरी लिस्ट

तारीखों में घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम) का 22-25 अक्टूबर वाला कैंप सबसे पहले आता है. सबसे आख़िर में साहेबगंज का 5-7 नवंबर वाला कैंप है. अपने जिले की तारीख और जगह नीचे देख लें.

जिलातारीखजगह
घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम)22-25 अक्टूबरएससीओ कार्यालय परिसर
पाकुड़23-25 अक्टूबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
गोड्डा23-25 अक्टूबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
दुमका23-28 अक्टूबरडीसी कार्यालय
कोडरमा25-28 अक्टूबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
चतरा25-28 अक्टूबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
खूंटी26-28 अक्टूबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
जामताड़ा27-29 अक्टूबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
रांची29-31 अक्टूबरजेएएमटीटीसी कैंपस. बुंडू के एससीओ कार्यालय में 31 अक्टूबर
रामगढ़29-31 अक्टूबरएससीओ कार्यालय, कैथा
धनबाद29 अक्टूबर से 5 नवंबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
लोहरदगा30 अक्टूबरएससीओ कार्यालय परिसर
गुमला30 अक्टूबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
गढ़वा30 अक्टूबरएससीओ कार्यालय परिसर
सिमडेगा30-31 अक्टूबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
जमशेदपुर30-31 अक्टूबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
लातेहार30-31 अक्टूबरमनिका ब्लॉक/संयुक्त कृषि भवन
पलामू31 अक्टूबरडीसी कार्यालय
हजारीबाग31 अक्टूबरएससीओ कार्यालय परिसर
बोकारो2-5 नवंबरएससीओ कार्यालय परिसर
देवघर3 नवंबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
सरायकेला-चाईबासा3-5 नवंबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम)3-5 नवंबरसंयुक्त कृषि भवन परिसर
गिरिडीह5 नवंबरएससीओ कार्यालय परिसर
साहेबगंज5-7 नवंबरबरहेट एवं राजमहल ब्लॉक कार्यालय

(डिस्क्लेमर – आवेदन से पहले संबंधित विभाग से जानकारी की पुष्टि कर लें.)

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जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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