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केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों के लिए कह दी यह बड़ी बात ! जानें पूरी खबर

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नई दिल्ली : केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र तोमर ने PM किसान की 13 वीं क़िस्त पर अपडेट देने के साथ ही एक नई योजना भी बताई है। उन्होंने कहा की भारतीय जनता पार्टी की सरकार पिछले 8 वर्षों से किसानों की आय बढ़ाने पर कार्य कर रही है। सरकार विभिन्न योजनाएं लेकर आयी ताकि किसान और मजदूर वर्ग की आमदनी बढ़कर उनका जीवन स्तर सुधारा जा सके।

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PM Kisan की 13 वीं क़िस्त का भी सभी किसानों को बेसब्री से इन्तजार है। कृषि मंत्री ने कहा की ये क़िस्त भी जल्द ही आने वाली है। PM Kisan 13 वीं क़िस्त के तहत सभी किसानों के खातों में 2000 रूपए आने हैं। PM Kisan की 12 किस्तों के तहत किसान 24000 रूपए पा चुके हैं।

बढ़ सकती है किस्त कि रकम

आगामी बजट सत्र में ये भी उम्मीद की जा रही की PM Kisan की सालाना राशि को 6000 रूपए से बढाकर 8000 रूपए किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो PM Kisan की क़िस्त हर तीन महीने बाद आनी शुरू हो जाएगी। अब तक PM Kisan की क़िस्त हर साल दो दो हजार रूपए की तीन किस्तें आती हैं।

बाजरे की प्रोडक्टिविटी, प्रोडक्शन और प्रोसेसिंग पर ध्यान की ज़रूरत

इसी के साथ उन्होंने कहा कि हमें बाजरे की प्रोडक्टिविटी, प्रोडक्शन और प्रोसेसिंग पर ध्यान देते हुए ही आगे की योजनाएं बनानी पड़ेगी। पुराने ज़माने अगर बात की जाए तो उस समय में मोटा अनाज ही खाया जाता था। मोटा अनाज जैसे की बाजरा, मक्का इत्यादि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद रहते हैं।

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परन्तु इस आधुनिक युग में मोटे अनाज का चलन काफी काम हो गया है। मक्के और बाजरे की जगह गेंहू को प्राथमिकता दी जाती है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तरप्रदेश ऐसे राज्य हैं जहा गेंहू की रोटी काफी प्रचलन में हैं। इसके चलते कुछ नई नई बीमारियां भी देखने को मिल रही हैं। आपने भी ऐसे बहुत से लोग देखे होंगे जिनको गेंहू खाने से उनके शरीर की वृद्धि रुक जाती है।

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जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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