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सोयाबीन साप्ताहिक तेजी-मंदी: सीमित मांग के चलते पूरे हफ्ते सोयाबीन में रही उठापठक, देखें ताजा रिपोर्ट

Jagat Pal

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सोयाबीन साप्ताहिक रिपोर्ट 11 दिसंबर 2023:  पिछला सप्ताह (4 से 9 दिसंबर 2023) सुरुवात सोमवार महाराष्ट्र सोलापुर 5180 रुपये पर खुला था ओर शनिवार शाम 5160 रुपये पर बंद हुआ। बीते सप्ताह के दौरान सोयाबीन में सिमित मांग रहने से -20 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज हुआ। बीते सप्ताह सोयाबीन की कीमतें भारी उठा पटक के बाद अंत में सपाट ही बंद हुए।

किसानों द्वारा कमजोर बिकवाली के कारण प्लांट डिलीवरी भाव में निचले स्तर से रिकवरी आयी। महाराष्ट्र कीर्ति प्लांट 5040 तक गिर गया, लेकिन अंततः 150 रुपये/क्विंटल से अधिक की रिकवरी हुई।

यूएसडीए द्वारा ब्राजील में सोयाबीन की फैसल उम्मीद से अधिक दर्शाए जाने के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी सोयाबीन की कीमतें कमजोर पड़ी।

यूएसडीए ऊँचे उत्पादन की रिपोर्ट दे रहा है जबकि वास्तवक स्थिति उससे कहीं अधिक गंभीर है ऐसा जानकारों का मानना है। अब फसल के उत्पादन आंकड़ों पर सवाल उठाए जा रहे हैं और कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ये रिपोर्ट बड़े खिलाड़ियों द्वारा अपने लाभ के लिए बढाकर दिखाया जा रहा है।

कीमतों में गिरावट के कारण घरेलु मंडियों में सोयाबीन की आवक काफी कम हो गई है। सोयाबीन की आवक 2.50 से 3 लाख बोरी के बीच दर्ज की गई, जबकि पिछले साल इसी समय यह 5 लाख बोरी थी। यदि कीमतें यहां से और गिरती हैं तो किसान बेचने से बचेंगे। 5400-5500 से ज्यादा भाव पर प्लांट की खरीदने में भी दिलचस्पी नहीं होगी।

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भारतीय मूल के सोयामील की कीमत अन्य मूल की तुलना में 70-85$/टन अधिक बताई जा रही है। सोयामील की कमजोर मांग से सोयाबीन में बड़ी तेजी नहीं आएगी।

दिसंबर महीने में सोयाबीन की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार करती हैं। सप्लाई और डिमांड को ध्यान में रखते हुए, आने वाले हफ्तों में सोयाबीन की कीमतें 5000-5250 के बीच रहने की उम्मीद है।

व्यापारी इस रेंज का उपयोग निचले स्तर पर खरीदारी करने और ऊंचे स्तर पर मुनाफा बुक करने के लिए कर सकते हैं।

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डिस्क्लेमर : उपरोक्त बाजार भाव रिपोर्ट व्यापारियों व अन्य मिडिया स्त्रोत से एकत्रित आकड़ों के आधार पर प्रकाशित की गई है, कृपया किसी भी प्रकार का व्यापार करने से पहले मंडी समिति से प्राइस की पुष्टि अवश्य कर ले। कीमतों में बदलाव संभव है। किसी भी प्रकार के नफे या नुकसान (nafa nuksan) की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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