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Agriculture Scholarship: कृषि पढ़ने वाली छात्राओं को हर साल 15 हजार, PhD पर मिलेंगे 40000 रुपये

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Agriculture Scholarship- हाइलाइट्स

  • कृषि विषय वाली 11वीं-12वीं छात्राओं को 15000 रुपये प्रतिवर्ष.
  • कृषि स्नातक और एम.एस.सी. कृषि पर 25000 रुपये सालाना.
  • पी.एच.डी. करने वाली छात्राओं को सबसे ज्यादा 40000 रुपये.
  • आवेदन राजकिसान साथी पोर्टल या नजदीकी ई-मित्र केन्द्र से.

राजस्थान की मूल निवासी छात्राएं अगर कृषि विषय लेकर पढ़ रही हैं, तो सरकार उन्हें हर साल तय रकम देती है. सीनियर सेकेंडरी में 11वीं और 12वीं की छात्राओं को 15000 रुपये प्रतिवर्ष, कृषि स्नातक और एम.एस.सी. कृषि की छात्राओं को 25000 रुपये प्रतिवर्ष और पी.एच.डी. कर रही छात्राओं को 40000 रुपये प्रतिवर्ष मिलते हैं. यह राशि चालू वित्तीय वर्ष के लिए मान्य है.

असल में मकसद बेटियों को खेती-किसानी की पढ़ाई की तरफ खींचना. कृषि संकाय में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ही यह प्रोत्साहन राशि तय की गई है. आवेदन ऑनलाइन है, और दस्तावेज भी सिर्फ दो.

किस क्लास पर कितना पैसा मिलेगा

रकम एक जैसी नहीं है. जितनी ऊंची पढ़ाई, उतनी बड़ी राशि. सीनियर सेकेंडरी लेवल पर सबसे कम और रिसर्च लेवल पर सबसे ज्यादा.

पाठ्यक्रमप्रोत्साहन राशि (प्रतिवर्ष)
11वीं एवं 12वीं (कृषि विषय)15000 रुपये
कृषि स्नातक —
उद्यानिकी, डेयरी, कृषि अभियांत्रिकी, खाद्य प्रसंस्करण
25000 रुपये
एम.एस.सी. कृषि (2 वर्षीय पाठ्यक्रम)25000 रुपये
पी.एच.डी.40000 रुपये

खास बात ये है कि कृषि स्नातक शिक्षा में सिर्फ सामान्य एग्रीकल्चर डिग्री नहीं गिनी गई है. उद्यानिकी, डेयरी, कृषि अभियांत्रिकी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कोर्स भी इसी 25000 रुपये वाले दायरे में आते हैं. यानी दायरा ठीक-ठाक चौड़ा है.

पात्रता में सबसे बड़ी शर्त कौन-सी है?

पहली और सबसे सख्त शर्त मूल निवास की है. सिर्फ राजस्थान की मूल निवासी छात्राएं ही इस राशि की हकदार हैं.

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दूसरी शर्त संस्थान से जुड़ी है. छात्रा का विद्यालय, महाविद्यालय या विश्वविद्यालय राजकीय होना चाहिए या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त होना चाहिए. बिना मान्यता वाले संस्थान में पढ़ाई का मतलब है – आवेदन खारिज.

प्रोत्साहन राशि किन छात्राओं को नहीं मिलेगी

  • गत वर्ष में अनुत्तीर्ण होकर उसी कक्षा में दोबारा प्रवेश लेने वाली छात्राएं.
  • जिन छात्राओं ने श्रेणी सुधार के लिए उसी कक्षा में पुनः प्रवेश लिया हो.
  • सत्र के मध्य विद्यालय, महाविद्यालय या विश्वविद्यालय छोड़कर जाने वाली छात्राएं.

तीसरी शर्त पर खास ध्यान दें. पैसा मिलने के बाद बीच सत्र में पढ़ाई छोड़ना पात्रता खत्म कर देता है. दरअसल योजना का मकसद कोर्स पूरा कराना है, इसलिए ड्रॉपआउट पर रियायत नहीं है.

आवेदन कैसे और कहां करना है?

आवेदन राजकिसान साथी पोर्टल पर जनआधार के जरिए होता है. छात्रा खुद ऑनलाइन आवेदन कर सकती है या नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर करवा सकती है.

जनआधार का जिक्र इसलिए अहम है कि उसी से पहचान और पात्रता का मिलान होता है. अगर जनआधार में नाम, जन्मतिथि या पता गलत है, तो पहले उसे ठीक कराना बेहतर रहेगा. वहीं ई-मित्र वाला रास्ता उन छात्राओं के लिए है जिनके पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है.

दस्तावेज सिर्फ दो, इसलिए तैयारी आसान

लंबी फाइल की जरूरत नहीं है. योजना में दो ही जरूरी दस्तावेज बताए गए हैं – मूल निवास प्रमाण पत्र और गत वर्ष की अंकतालिका.

मूल निवास प्रमाण पत्र राजस्थान की निवासी होने का सबूत है. वहीं गत वर्ष की अंकतालिका से यह पक्का होता है कि छात्रा पास हुई है और अगली कक्षा में गई है – यानी अनुत्तीर्ण या श्रेणी सुधार वाली रोक उस पर लागू नहीं होती. दोनों कागज पहले से स्कैन करके रख लें, आवेदन में वक्त बचेगा.

छात्रा और परिवार पर सीधा असर क्या पड़ेगा

अब सवाल ये है कि इस पैसे से जमीन पर फर्क क्या पड़ता है. 11वीं और 12वीं के दो साल मिलाकर 15000 रुपये सालाना यानी कुल 30000 रुपये बनते हैं. किताबें, फीस, कोचिंग और आने-जाने का खर्च इसी से निकल सकता है.

तुलना करें तो एम.एस.सी. कृषि दो वर्षीय पाठ्यक्रम है और उस पर 25000 रुपये प्रतिवर्ष की दर से दो साल में 50000 रुपये तक बनते हैं. पी.एच.डी. वाली छात्राओं के लिए 40000 रुपये प्रतिवर्ष रिसर्च के दौरान होने वाले खर्च में बड़ा सहारा है.

इसकी वजह ये है कि कृषि की पढ़ाई में लैब, फील्ड विजिट और प्रैक्टिकल का खर्च सामान्य कोर्स से ज्यादा बैठता है. ग्रामीण परिवारों में यही खर्च अक्सर बेटी की पढ़ाई रुकवा देता है.

नमस्ते! मैं जगत पाल ई-मंडी रेट्स का संस्थापक, बीते 7 साल से पत्रकारिता कर रहा हूं। मुझे खेती-किसानी, मंडी भाव की जानकारी में महारथ हासिल है । यह देश का पहला डिजिटल कृषि न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो बीते 7 सालों से निरन्तर किसानों के हितों में कार्य कर रहा है। किसान साथियों ताजा खबरों के लिए आप हमारे साथ जुड़े रहिए। धन्यवाद

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