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मोदी सरकार ने फेस ऑथेंटिकेशन फीचर के साथ पीएम किसान मोबाइल ऐप किया लॉन्च, जानिए फीचर्स

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PM Kisan Mobile App: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के ज़रिए केंद्र सरकार देश के करोड़ों किसानों की प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की नगद राशि का वितरण कर रही है। लाखों लोग ऐसे भी है जो किसानों के लिए चलाई गई इस योजना का लाभ फर्जी तरीक़े से उठाते आ रहे है। लेकिन अब सरकार इन फर्जीवाड़ा करने वाले लोगो के खिलाफ ऐक्शन में आ चुकी है और इन लोगों पहचान कर इन्हें नोटिस भेजकर उनसे पीएम किसान योजना के अंतर्गत ली गई पूरी राशि वापस वसूल कर रही है। पीएम किसान स्कीम में हो रहे फर्जीवाड़े रोकने के लिए सरकार पीएम किसान योजना से जुड़ा एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है।

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फेस ऑथेंटिकेशन फीचर से लैस है पीएम किसान ऐप

कृषि भवन नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 22 जून को पीएम-किसान मोबाइल ऐप (PM Kisan Mobile App) को लॉन्च किया। यह ऐप पूरी तरह से फेस ऑथेंटिकेशन फीचर से लैस है। यह मोबाइल ऐप अब पहले किसानों के चेहरे को वेरिफाई करेगा। चेहरा वेरिफाई होने के बाद ही किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार का कहना है इस नए फीचर वाले मोबाइल ऐप से पीएम किसान स्कीम के फर्जीवाड़े को रोकने में आसानी होगी।

किसान घर बैठे ई-केवाईसी और भू-सत्यापन

पीएम किसान योजना का लाभ उठा रहे लोगों के लिए सरकार ने ई-केवाईसी और भू-सत्यापन करवाना अनिवार्य कर रखा है। जिन किसानों ने अपना ई-केवाईसी और भू-सत्यापन नहीं करवाया है उनको योजना के लाभ से वंचित रखा जा रहा है। अब किसानों के लिए इसे करवाना और भी आसान कर दिया है।

किसान इस फेस ऑथेंटिकेशन फीचर से लैस मोबाइल ऐप्प का उपयोग कर घर बैठे आसानी से बिना ओटीपी या फिंगरप्रिंट के ही फेस स्कैनकर के ज़रिए अपना ई-केवाईसी पूरा करवा सकता है। सरकार का कहना है कि इस ऐप के जरिए किसानों के सभी डेटा सरकार के पास उपलब्ध होंगे, जिसके चलते उन्हें किसी भी तरह का लाभ किसानों को देने में कोई परेशानी नहीं खड़ी होगी।

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ऐप में किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं

पीएम किसान के इस नए मोबाइल ऐप को किसान अपने एंड्राइड स्मार्टफ़ोन में गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इस ऐप के ज़रिए किसानों को योजना और पीएम किसान खातों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी चेक कर सकेंगे। इसमें नो यूअर स्टेटस (Know Your Status) माड्यूल उपयोग कर किसान लैंडसीडिंग, आधार को बैंक खातों से जोड़ने और ई-केवाईसी का स्टेटस इत्यादि जानकारी हासिल कर सकेंगे।

कृषि विभाग लाभार्थियों के लिए उनके दरवाजे पर आधार से जुड़े बैंक खाते खोलने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सुविधा भी इस मोबाइल ऐप पर दी जा रही है।

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जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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