हाइलाइट्स
- कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है.
- आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है, आवेदन agriharyana.gov.in पर होगा.
- किसान का ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है.
- यंत्र खरीदने से पहले सहायक गन्ना विकास अधिकारी से पात्रता प्रमाणपत्र लेना होगा.
- सब्सिडी की राशि सत्यापन के बाद DBT से किसान के बैंक खाते में आएगी.
हरियाणा सरकार प्रदेश के गन्ना किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है. यह अनुदान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ‘गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना’ (Technology Mission on Sugarcane 2026-27) के तहत मिलेगा, जिसमें मिनी ट्रैक्टर भी शामिल है. इच्छुक किसान 31 अक्टूबर 2026 तक agriharyana.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
योजना का मकसद खेती की लागत घटाना और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना बताया गया है. गन्ने की बुवाई, निराई-गुड़ाई, रखरखाव और कटाई, चारों चरणों में काम आने वाले यंत्र इसके दायरे में हैं.
| जानकारी | डिटेल |
|---|---|
| योजना | ‘गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना’ (TMS 2026-27) |
| विभाग | हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग |
| सब्सिडी | यंत्रों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत तक |
| किसे मिलेगा | ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पर पंजीकृत गन्ना किसान |
| आवेदन कहाँ | agriharyana.gov.in (ऑनलाइन) |
| अंतिम तारीख | 31 अक्टूबर 2026 |
| चयन का तरीका | लक्ष्य से ज्यादा आवेदन आने पर ड्रॉ |
| भुगतान | बैंक खाते से डीलर को, नकद मान्य नहीं |
| सब्सिडी कैसे मिलेगी | सत्यापन के बाद DBT से बैंक खाते में |
किन कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी?
योजना में पावर ऑपरेटेड गन्ना सेट ट्रीटमेंट डिवाइस (30 से 120 लीटर क्षमता) शामिल है. पावर वीडर भी है, जो 5 HP से कम और 7.5 BHP तक का होना चाहिए. गन्ना रेटून मैनेजर, वाइड-रो रिजर और रिजर, 4 फीट का रोटावेटर, ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर, सब-सॉयलर और चिसलर भी सूची में हैं. गन्ना कटर, स्ट्रिपर, प्लांटर और मिनी ट्रैक्टर पर भी अनुदान मिलेगा.
इन यंत्रों से गन्ने के कई काम कम समय में निपटाए जा सकते हैं. किस यंत्र पर कितनी सब्सिडी मिलेगी, यह राशि और शर्तें विभाग की आधिकारिक योजना से मिलाना जरूरी है.
पात्रता की शर्तें क्या हैं?
किसान का ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है. कृषि भूमि किसान के अपने नाम या परिवार के किसी सदस्य के नाम होनी चाहिए. किसान पिछले तीन वर्षों से गन्ने की खेती कर रहा हो.
पीटीओ से चलने वाले यंत्रों के लिए वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) वाला ट्रैक्टर चाहिए. पीटीओ यानी ट्रैक्टर के पीछे से शक्ति लेकर चलने वाले यंत्र. जिस यंत्र के लिए आवेदन है, उस पर पिछले तीन वर्षों में विभाग की किसी योजना के तहत अनुदान नहीं लिया होना चाहिए. किसान फसल अवशेष जलाने का दोषी भी नहीं होना चाहिए.
लक्ष्य से ज्यादा आवेदन आए तो पात्र किसानों का चयन ड्रॉ से होगा.
आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज चाहिए?
ऑनलाइन आवेदन के समय आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की प्रति तैयार रखें. पटवारी से सत्यापित भूमि विवरण भी लगेगा. ट्रैक्टर चालित यंत्र के मामले में ट्रैक्टर की आरसी मांगी जा सकती है.
जानकारी सही भरें और दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें, ताकि सत्यापन में अड़चन न आए.
खरीदारी से पहले क्या करना जरूरी है?
अनुदान की उम्मीद में पहले से यंत्र न खरीदें. खरीद से पहले संबंधित सहायक गन्ना विकास अधिकारी से पात्रता प्रमाणपत्र लेना जरूरी है. उसके बाद किसान परीक्षण या अनुमोदन की शर्तें पूरी करने वाले निर्माता या डीलर से यंत्र खरीद सकता है. मशीन पर यूनिक आईडी नंबर और टीएमएस 2026-27 अंकित होना भी जरूरी है.
भुगतान किसान को अपने बैंक खाते से ऑनलाइन माध्यम, बैंकिंग प्रक्रिया या चेक से डीलर को करना होगा. नकद भुगतान मान्य नहीं है.
सब्सिडी खाते में कैसे पहुँचेगी?
खरीद के बाद उप निदेशक कृषि, सहायक गन्ना विकास अधिकारी और सहायक कृषि अभियंता की संयुक्त समिति मशीन का भौतिक सत्यापन करेगी. इस दौरान स्थान आधारित फोटो भी लिए जाएंगे. सत्यापन और बाकी प्रक्रिया पूरी होने पर सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से किसान के बैंक खाते में जाएगी.
आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभाग से पात्रता और दिशा-निर्देश की विस्तृत जानकारी की पुष्टि कर लें.
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