हाइलाइट्स–
- गुलाबबाग मंडी में मक्का ₹50 तेज होकर ₹2,480-₹2,520 प्रति क्विंटल पर पहुंचा.
- एथेनॉल प्लांटों की खरीद सक्रिय, रूड़की में भाव ₹2,450 प्रति क्विंटल तक.
- 2025-26 में मक्का का कुल एक्सपोर्ट अनुमान करीब 24 लाख टन.
- Tirupati Plant पर सपोर्ट ₹2,500 और रेजिस्टेंस ₹2,600 पर टिका भाव.
Maize Price Hike : देशभर की मंडियों में मक्का के भाव में इस हफ्ते अच्छी-खासी तेजी देखने को मिली है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 21 अगस्त 2026 को गुलाबबाग मंडी में बढ़िया क्वालिटी का मक्का ₹2,480 से ₹2,520 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका, जो पिछले भाव से ₹50 ज़्यादा है. वहीं कुछ प्लांटों पर मक्का का रेट पिछले स्तरों से करीब ₹1000 तक उछल चुका है.
असल में इस तेजी के पीछे एक नहीं, बल्कि कई वजहें एक साथ काम कर रही हैं. एथेनॉल प्लांटों की खरीद मजबूत बनी हुई है, पोल्ट्री-फीड की मांग भी बनी हुई है, और साथ ही हाजिर बाजार में उपलब्धता सीमित होने से भाव को सहारा मिल रहा है.
किन मंडियों में कितनी बढ़ी कीमत?
बिहार की गुलाबबाग मंडी में इस हफ्ते करीब 150 से 200 गाड़ी मक्का की आवक हुई, जिसमें लोअर क्वालिटी का भाव ₹2,380 से ₹2,450 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा. वहीं महाराष्ट्र की मंडियों में भी तेजी का असर साफ दिखा.
सुपा में ₹2,650, सांगली में ₹2,690, बारामती और तेशमुंग्रे में ₹2,670, और संगमनेर में ₹2,650 रुपये प्रति क्विंटल भाव दर्ज किया गया. यहां सभी जगह करीब ₹50 की बढ़त देखी गई. दक्षिण भारत में भी मांग मजबूत बनी हुई है- कर्नाटक के तुमकुर में ABIS प्लांट पर भाव ₹2,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा. अन्य सभी फसलों के ताज़ा मंडी भाव यहां देखें।
एथेनॉल प्लांटों की खरीद क्यों बढ़ी?
एथेनॉल बनाने के लिए मक्का की मांग लगातार बनी हुई है, और इसी वजह से प्लांटों ने अपने खरीद रेट भी बढ़ा दिए हैं. रूड़की में भाव ₹2,450 (+₹50), बिहार शरीफ में ₹2,400 (+₹25), इंद्री में ₹2,475 (+₹25) और आंवला-नृरपुर में ₹2,425 (+₹25) रुपये प्रति क्विंटल दर्ज हुआ.
हालांकि हर जगह तेजी नहीं है. मुरादाबाद में भाव ₹2,250 और शामली में ₹2,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बना रहा. खास बात ये है कि जिन किसानों का मक्का कम नमी और अच्छी क्वालिटी वाला है, उन्हें प्लांट की स्पेसिफिकेशन पूरी करने पर प्रीमियम रेट मिल रहा है- जैसे इंदौर की आथवि स्टार्च कंपनी में 14% नमी वाला मक्का ₹2,540 (-₹40) रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदा गया.
| मंडी/प्लांट | भाव (₹/क्विंटल) | बदलाव |
|---|---|---|
| गुलाबबाग (बढ़िया क्वालिटी) | 2,480-2,520 | +50 |
| रूड़की | 2,450 | +50 |
| सांगली | 2,690 | +50 |
| तुमकुर (ABIS) | 2,700 | स्थिर |
| इंदौर (14% नमी) | 2,540 | -40 |
निर्यात से भी मिल रहा मक्का को सहारा
घरेलू खरीद के अलावा एक्सपोर्ट डिमांड भी भाव को सपोर्ट दे रही है. मार्केटिंग ईयर 2025-26 में भारत से मक्का के कुल निर्यात का अनुमान करीब 24 लाख टन लगाया गया है, और हर महीने औसतन 1.5 से 2.0 लाख टन मक्का बाहर भेजा जा रहा है.
नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान और वियतनाम जैसे देश भारत से मक्का खरीद रहे हैं. बांग्लादेश की तरफ से मिल रही 265 डॉलर प्रति टन CNF की मांग बाजार को अतिरिक्त सहारा दे रही है.
बारिश कमजोर, क्रूड तेल महंगा- क्या है कनेक्शन?
बारिश कमजोर रहने से हाजिर बाजार में मक्का की उपलब्धता सीमित बनी हुई है, जिससे भाव पर दबाव बढ़ा है. वहीं ग्लोबल मार्केट में क्रूड तेल की कीमत भी 94 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल चुकी है, जिससे एथेनॉल जैसी वैकल्पिक ऊर्जा की मांग और बढ़ जाती है.
इसकी वजह ये है कि क्रूड महंगा होने पर एथेनॉल ब्लेंडिंग की मांग बढ़ती है, और इसका सीधा असर मक्का जैसी कच्ची सामग्री की खरीद पर पड़ता है. इसके अलावा शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) पर भी मक्का के भाव मजबूत बने हुए हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिख रहा है.
₹2,600 के ऊपर टिकेगा भाव या मुनाफावसूली का खतरा?
भाव ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद अब बाजार में मुनाफावसूली का जोखिम भी बढ़ता दिख रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक कुछ प्लांटों पर पहले ही ₹40 तक की कटौती के संकेत मिल चुके हैं, जिसे लेकर व्यापारियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
Tirupati Plant के टेक्निकल लेवल के हिसाब से मक्का का सपोर्ट ₹2,500 और स्टॉप लॉस ₹2,450 रुपये प्रति क्विंटल पर बताया गया है, जबकि रेजिस्टेंस ₹2,600 रुपये पर है.
- ₹2,600 के ऊपर टिकाव बना तो तेजी मजबूत मानी जाएगी.
- ₹2,500 के नीचे भाव आने पर बाजार में कमजोरी का संकेत मिलेगा.
- मौजूदा रेंज ₹2,450 से ₹2,600 के बीच बताई गई है.
- नई खरीद में जल्दबाजी न करने की सलाह दी गई है.
आगे कीमतों की चाल कैसी रहेगी?
बाजार के जानकारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ₹2,600 के ऊपर प्लांटों की खरीद ताकत बनी रहेगी, या फिर आने वाले 70 से 80 दिनों में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में नई फसल की आवक बढ़ने से भाव पर दबाव आ सकता है.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भाव पिछले स्तरों से करीब ₹1000 तक उछल चुके हैं, इसलिए किसी भी बड़े “यू-टर्न” के संकेत मिलते ही सतर्क रहने की ज़रूरत होगी. फिलहाल अगले हफ्तों में एथेनॉल प्लांटों की खरीद, निर्यात मांग और CBOT के रुख पर ही आगे की दिशा तय होगी, और इस पर आधिकारिक तौर पर कोई नया आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है.
(नोट: इस रिपोर्ट में दिए गए भाव, सपोर्ट/रेजिस्टेंस लेवल और आगे की चाल का अनुमान निजी मार्केट एडवाइज़री रिपोर्ट पर आधारित है, किसी भी प्रकार के नफा या नुकसान की ‘eMandi Rates’ की कोई जवाबदेही नहीं है. व्यापार अपने विवेक और जोखिम क्षमता के अनुसार ही करें, निवेश से पहले सर्टिफाइड सलाहकार से सलाह जरूर लें.)










