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PM Kisan 2023: क्या 1 अप्रैल से पीएम क‍िसान योजना की राशि 6000 से बढ़कर 8000 होगी? देखें पूरी खबर

Jagat Pal

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PM KISAN YOJANA 2023: केंद्र सरकार किसानों को पीएम किसान योजना के तहत हर चार महीने बाद 2000 रूपए का भुगतान करती है। इस योजना का मकसद किसानों को आर्थिक लाभ पहुँचाना है। वर्ष 2018 से सरकार वर्ष में कुल 6000 रूपए का भुगतान हर किसान को करती है।

पीएम किसान योजना की 12 क़िस्त तो किसानों के खातों में आ चुकी है। अब इन्तजार है पीएम किसान योजना की 13वीं क़िस्त का जिसके जनवरी के महीने में आने की पूरी पूरी उम्मीद है।

पिछले कुछ वर्षों से बीमारी, बारिश, सूखा तथा अन्य कारणों के चलते हर वर्ष फसलों में जितनी लागत हुई है उतनी पैदावार देखने को नहीं मिली है। और पिछले वर्ष किसान आंदोलन के चलते भी सरकार दबाव में आ गयी थी। विभिन्न किसान संगठन भी इस राशि को बढ़ाने के लिए सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं।

परन्तु बढ़ती हुई महंगाई के चलते यह रकम अब कम लगने लगी है। तो इस वर्ष के बजट के दौरान यह उम्मीद की जा रही है कि इस राशि को बढ़ाकर ज्यादा किया जाए। 1 फरवरी 2023 से सरकार अगले साल का बजट पेश करने जा रही है। तो हर वर्ग अपने अपने फायदे का अंदाजा लगा रहा है। जहां तक बात है नौकरीपेशा वर्ग कि तो वो लोग इस बार टैक्स स्लैब्स बढ़ने की उम्मीद लगा रहे हैं।

किसानों को बजट 2023 में मिल सकती है ये सौगात

PM Kisan 2023 : मीडिया में आ रही खबरों की माने तो इस साल बजट के बाद केंद्र की मोदी सरकार किसानों को मिलने वाली पीएम किसान योजना की राशि में बढ़ोतरी करने का मन बना रही है। जी हाँ पीएम किसान योजना के तहत हर चार महीने बाद मिलने वाले 2000 रूपए चार माह की बजाय तीन-तीन माह के बाद मिलने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो किसानों को योजना के अंतर्गत सालाना 6000 बजाय 8000 रूपए का लाभ मिल सकेगा। हालाँकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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वर्ष 2018 से अब तक 4 वर्ष गुजर चुके हैं। तो बढ़ती हुई महंगाई से निजात पाने के लिए ये 6000 रूपए आज की महंगाई में काफी नहीं है। इसी के चलते सूत्रों के हवाले से ऐसा माना जा रही है कि आगामी बजट 2023-24 में माननीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण किसानों के लिए ये सौगात जरुर लेकर आएँगी। अब देखना है कि क्या सरकार योजना की राशि बढ़ायेगी या नहीं। आपकी इस बारे में क्या राय है कमेंट में जरूर बतायें। धन्यवाद

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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