हाइलाइट्स
- सलोनी प्लांट पर सरसों का भाव 9,525 रुपये प्रति क्विंटल के नए उच्चतम स्तर पर पहुंचा.
- जयपुर मंडी में 50 रुपये की तेजी के साथ भाव 8,725 रुपये हो गया.
- 3 अक्टूबर को देशभर में सरसों की आवक सिर्फ 1.50 लाख बोरी रही.
- 30 सितंबर तक कुल स्टॉक 33.25 लाख टन रहा, पिछले साल से 7.75 लाख टन कम.
Mustard prices : सरसों के भाव में तेजी थमने का नाम नहीं ले रही. शनिवार 3 अक्टूबर को सरसों ने 2021 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. जयपुर मंडी में आज सरसों का दाम भाव 50 रुपये बढ़कर 8,725 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया, जबकि सलोनी प्लांट पर 75 रुपये के उछाल के साथ 9,525 रुपये के अब तक का सबसे ऊंचा रेट बोला गया. देशभर में आवक सिर्फ 1.50 लाख बोरी रही और स्टॉक पिछले साल से 7.75 लाख टन कम है.
आज किस मंडी में कितना है सरसों का भाव?
जयपुर में भाव 8,675 रुपये से बढ़कर 8,725 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया. रिपोर्ट के मुताबिक 26 सितंबर को यहां भाव 8,500 रुपये था, यानी करीब एक हफ्ते में 225 रुपये (2.6%) की तेजी दर्ज की गई .
आज सरसों का ताज़ा भाव इस प्रकार रहा.
| मंडी का नाम | भाव (रुपये/क्विंटल) | स्थिति |
| जयपुर (राजस्थान) | 8,725 | +50, तेजी |
| भरतपुर (राजस्थान) | 8,235 | +50, तेजी |
| अलवर (राजस्थान) | 8,400 | स्थिर |
| धौलपुर (राजस्थान) | 8,320 | स्थिर |
| श्रीगंगानगर (राजस्थान) | 8,650 | स्थिर |
| कोटा (गोयल) | 8,500 | स्थिर |
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सलोनी प्लांट पर क्यों बना नया रिकॉर्ड?
सलोनी प्लांट पर 9,525 रुपये का भाव अब तक का सबसे ऊंचा बताया गया है. पराग समेत दूसरे प्लांट की रेंज 9,400 से 9,450 रुपये रही. वहीं कोटा के गोयल प्लांट पर भाव 8,500 रुपये पर स्थिर है. यानी सलोनी और जयपुर मंडी के बीच करीब 800 रुपये का फासला है.
इसकी वजह ये है कि प्लांट की क्रशिंग जारी है. ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक मार्च से सितंबर तक कुल आवक 85.25 लाख टन रही, जबकि क्रशिंग 78 लाख टन हुई. अकेले सितंबर में आवक 6.75 लाख टन थी और क्रशिंग 9 लाख टन. यानी 2.25 लाख टन ज्यादा माल खप गया.
सलोनी प्लांट के भाव 3 अक्टूबर 2026
| मंडी का नाम | भाव (रुपये/क्विंटल) | स्थिति |
| शमशाबाद | 9525 | +100 तेजी |
| दिगनेर | 9525 | +100 तेजी |
| मुरैना | 9500 | +75 तेजी |
| अलवर | 9475 | +100 तेजी |
| कोटा | 9425 | +75 तेजी |
क्या आवक घटने से बढ़ रहे हैं दाम?
मंडियों में माल की ज़्यादा आवक नहीं आई. 30 सितंबर को देशभर में 2.25 लाख बोरी की आवक थी. 1 अक्टूबर को यह 2 लाख बोरी और 2 अक्टूबर को 1.25 लाख बोरी रही. आज सिर्फ 1.50 लाख बोरी आई. आंकड़े देखें तो 30 सितंबर के मुकाबले आवक करीब एक-तिहाई घट चुकी है.
भाव बढ़ने के बावजूद किसान माल नहीं निकाल रहे. रिपोर्ट के मुताबिक बिकवाली खुल नहीं रही और स्टॉकिस्ट भी बेचने के मूड में नहीं हैं. यही वजह है कि सप्लाई पर कंट्रोल बना हुआ है.
स्टॉक पिछले साल से कितना कम है?
30 सितंबर तक देश में सरसों का कुल स्टॉक 33.25 लाख टन रहा. पिछले साल इसी वक्त यह 41 लाख टन था. यानी 7.75 लाख टन की कमी, जो करीब 19% बैठती है. खास बात ये है कि किसानों और नैफेड/हैफेड के पास स्टॉक घटा है, जबकि प्रोसेसर और स्टॉकिस्ट के पास बढ़ा है.
| स्टॉक होल्डर | इस साल (लाख टन) | पिछले साल (लाख टन) | अंतर |
| किसान | 24.00 | 27.50 | -3.50 |
| प्रोसेसर/स्टॉकिस्ट | 9.00 | 5.00 | +4.00 |
| नैफेड/हैफेड | 0.25 | 8.50 | -8.25 |
| कुल | 33.25 | 41.00 | -7.75 |
सबसे बड़ा फर्क नैफेड/हैफेड में है. पिछले साल इनके पास 8.50 लाख टन माल था, इस बार सिर्फ 0.25 लाख टन.
विदेशी बाजार का क्या दबाव है?
हालिया रिपोर्ट के मुताबिक सीबीओटी सोया तेल, सोया मील, सोयाबीन और केएलसी पाम ऑयल में कमजोरी दिखी है. 2 अक्टूबर को भी विदेशी बाजारों में दबाव था, फिर भी जयपुर में भाव 8,675 रुपये तक चढ़ गया. अब सवाल ये है कि यह कमजोरी कब तक घरेलू तेजी को रोक पाएगी. रिपोर्ट का आकलन है कि विदेशी कमजोरी घरेलू तेजी को पूरी तरह नहीं रोक पा रही, पर जोखिम बना हुआ है.
किन स्तरों पर टिकी है बाजार की चाल?
बाजार के जानकारों के अनुसार जयपुर में फिलहाल 8,650 रुपये का स्तर सबसे मजबूत सपोर्ट है। अगर कीमत इससे नीचे जाती है तो 8,500 रुपये तक गिरने और वहां से वापसी करने की संभावना है। ऊपर की तरफ 8,800 से 8,900 रुपये के बीच रजिस्टेंस है।
माल रोककर बैठे लोगों के लिए सलाह है की – सिर्फ विदेशी बाजार की कमजोरी देखकर घबराकर माल न निकाले। 8,650 रुपये को सख्त स्टॉप लॉस मानकर आगे की रणनीति अपनाए ।
अभी यह तय नहीं हो पाया है कि 8,800 का स्तर टूटेगा या नहीं। आवक आगे कितनी बढ़ेगी और किसान अपना स्टॉक कब बाजार में उतारेंगे, यह भी साफ नहीं है। विदेशी बाजार से झटके आ सकते हैं, लेकिन फिलहाल तेजी का रुख ही हावी दिख रहा है।
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ध्यान रखें, यह हमारी निजी राय है, सरकारी अनुमान नहीं।
(डिस्क्लेमर : निवेश से पहले सर्टिफाइड सलाहकार से सलाह जरूर लें. किसी भी प्रकार के नफ़े या नुक़सान की ई मंडी रेट्स की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी.)










