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मुनाफावसूली के चलते चना बाजार में गिरावट का रुख, देखें चना भाव तेजी-मंदी रिपोर्ट 3 जून 2024

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चना भाव तेजी-मंदी साप्ताहिक रिपोर्ट 3 जून 2024: पिछला सप्ताह सुरुवात सोमवार दिल्ली राजस्थान जयपुर 7350/75 रुपये पर खुला था जो की शनिवार शाम चना 7125/50 रुपये पर बंद हुआ। बीते सप्ताह के दौरान चना दाल बेसन में मांग न रहने से -225 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज हुआ, मुनाफावसूली के चलते चना बाजार में गिरावट का रुख दर्ज किया गया।

मई माह में चना के दाम 15% से अधिक बढ़ने के बाद मुनाफावसूली। चना में जोरदार उछाल के बाद सरकार दखल के अफवाह से मुनाफावसूली। चना जिस रफ़्तार से बढ़ा लेकिन चना दाल के दाम और मांग वैसे नहीं थी जिसके कारण ऊपर दबाव बना।

ये रहे चना में तेजी के कारण

(1) कमजोर उत्पादन

(2) स्टॉकिस्ट की मजबूत खरीदी

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(3) बाजार भाव से सरकारी खरीदी की घोषणा

(4) भारत दाल आबंटन बंद होना।

चना के दाम पहले फंडामेंटल और मांग के आधार पर बढ़े लेकिन आखरी 400-500 तेजी सट्टात्मक गतिविधि अधिक नजर आ रही थी। हमारा मानना है की दिल्ली चना 7000-7400 की रेंज में रहने की संभावना अधिक है।

सरकार ने चना की तेजी और मांग की पूर्ति के मटर आयात खोला ही था चना आयात शुल्क मुक्त कर दिया।
सरकार को चना उत्पादन कम होने का अनुमान है इसलिए मटर और चना आयात खोला है।
यदि चना में एकतरफा तेजी आती है तो सरकार बाजार में दखल दे सकती इसकी संभावना अधिक है।

चना भाव भविष्य 2024 ?

  • चना में मुनाफावसूली करना बेहतर और गिरावट पर खरीदी का अवसर देखना चाहिए।
  • चना का फंडामेंटल मजबूत है; लेकिन सरकारी दखल की संभावना से चाल सिमित रह सकती है।
  • देश में चना की मांग मुख्य तौर पर मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान से हो रही।
  • जून के बाद से चना की कमी देखने को मिल सकता है जो बाजार को मजबूती प्रदान कर सकता है।
  • हमारा मानना है की दिल्ली चना जब तक 7000 के ऊपर ट्रेंड मजबूत।
  • 7400-7500 का रेजिस्टेंस टूटने पर ही 8000 तक का रेजिस्टेंस प्राप्त हो सकता है।
  • अगले सप्ताह दिल्ली चना 7100-7300 की रेंज में रहने की संभावना अधिक।

इसे भी पढ़े – सरसों भाव रिपोर्ट: हैफेड का सरसों बिकवाली के दबाव में सरसों कॉम्प्लेक्स में दिखा मिला जुला रुख

डिस्क्लेमर – व्यापार खुद के विवेक से करें। किसी भी प्रकार के नफे या नुकसान (nafa nuksan) की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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