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सरसों का भाव ₹8500 पर अटका, स्टॉक 10.75% घटा, आगे कैसी रहेगी चाल? देखें तेजी मंदी रिपोर्ट

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हाइलाइट्स

  • सरसों का कुल उपलब्ध स्टॉक पिछले साल के 61 लाख टन से घटकर 50.25 लाख टन रह गया.
  • जयपुर मंडी में सरसों ₹8475 पर स्थिर, टोंक में ₹75 की मंदी दर्ज.
  • सलोनी कोटा-अलवर जैसे प्लांटों पर भाव ₹25 गिरकर ₹9050 पर आया.
  • रिपोर्ट के मुताबिक सरसों के लिए ₹8500 का स्तर मुख्य रेजिस्टेंस बना हुआ है.

Mustard Price: सरसों के बाजार में 22 अगस्त 2026 को ₹8500 का स्तर एक बड़ी दीवार की तरह बना हुआ है. एक रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर मंडी में सरसों ₹8475 प्रति क्विंटल पर स्थिर बना रहा, जबकि टोंक मंडी में भाव ₹75 गिरकर काफी नीचे आ गया. वहीं दूसरी तरफ स्टॉक के मोर्चे पर भी बड़ी खबर सामने आई है- कुल उपलब्ध स्टॉक पिछले साल के मुकाबले 10.75% घटकर 50.25 लाख टन रह गया है.

असल में यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि आगे की चाल तय करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक बाजार में फिलहाल मज़बूत फंडामेंटल और ऊपरी स्तरों पर बिकवाली के बीच कंसोलिडेशन का माहौल बना हुआ है.

सरसों का भाव किस मंडी में क्या रहा ?

जयपुर में कल शाम को सरसों का भाव ₹8475 प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा, जबकि भरतपुर में भाव ₹20 गिरकर ₹7950 पर आ गया. टोंक मंडी में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई, जहां भाव ₹75 टूटकर ₹7875 पर आ गया.

वहीं चरखी दादरी में भाव ₹8350 पर स्थिर रहा, और सुमेरपुर में हल्की तेजी के साथ भाव ₹5 बढ़कर ₹8520 पर पहुंच गया. इसके अलावा दिल्ली मंडी में सरसों ₹8200 प्रति क्विंटल पर बिना किसी बदलाव के कारोबार करता रहा.

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मंडीभाव (₹/क्विंटल)बदलाव
जयपुर8,475स्थिर
भरतपुर7,950-20
टोंक7,875-75
चरखी दादरी8,350स्थिर
सुमेरपुर8,520+5
दिल्ली8,200स्थिर

प्लांटों पर सरसों का भाव कैसा रहा?

सलोनी कोटा और सलोनी अलवर जैसे बड़े प्लांटों पर सरसों का भाव ₹25 गिरकर ₹9,050 प्रति क्विंटल पर आ गया. शमसाबाद और डिगनेर प्लांट पर भी इतनी ही गिरावट के साथ भाव ₹9,075 पर आ गया.

खास बात ये है कि अदानी ग्रुप के प्लांटों पर भाव में ₹50 तक की गिरावट दर्ज हुई- बूंदी और अलवर में ₹8,350 और गोहाना में ₹8,425 प्रति क्विंटल पर कारोबार हुआ. वहीं आगरा BP प्लांट पर ₹20 और आगरा शारदा पर ₹25 का मंदा देखने को मिला, जबकि कीर्ति सोयाबीन प्लांट पर सबसे बड़ी ₹90 की गिरावट आई.

  • सलोनी कोटा/अलवर: ₹9,050 (-₹25)
  • शमसाबाद/डिगनेर: ₹9,075 (-₹25)
  • अदानी बूंदी/अलवर: ₹8,350 (-₹50)
  • अदानी गोहाना: ₹8,425 (-₹50)
  • कीर्ति सोयाबीन: ₹6,760 (-₹90)

सरसों तेल और खल में क्या रुझान रहा?

सरसों तेल के मोर्चे पर मिला-जुला रुख देखने को मिला. जयपुर में एक्सपेलर तेल ₹5 बढ़कर ₹1,676 प्रति 10 किलो पर पहुंच गया, जबकि दिल्ली और चरखी दादरी में भाव क्रमशः ₹1,680 और ₹1,660 पर स्थिर बने रहे. कच्ची घानी तेल के भाव में जयपुर, भरतपुर, अलवर और मुरैना- सभी जगह ज़्यादातर स्थिरता ही दिखी.

वहीं सरसों खल की बात करें तो जयपुर में भाव ₹25 बढ़कर ₹3,155 प्रति क्विंटल पर पहुंच गया, जबकि भरतपुर में ₹10 की गिरावट के साथ भाव ₹3,260 पर आ गया. अलवर, टोंक, सुमेरपुर और चरखी दादरी में खल के भाव में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया.

स्टॉक में इतनी बड़ी कमी क्यों आई?

31 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक, सरसों की कुल आवक 72 लाख टन रही, जिसमें से 61 लाख टन की क्रशिंग हो चुकी है. इस समय किसानों के पास करीब 37.25 लाख टन, प्रोसेसर और स्टॉकिस्ट के पास 12.50 लाख टन, और NAFED-HAFED के पास सिर्फ 0.50 लाख टन स्टॉक बचा है.

यानी कुल मिलाकर उपलब्ध स्टॉक 50.25 लाख टन ही रह गया है, जबकि पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा करीब 61 लाख टन था. इसी वजह से रिपोर्ट में बड़ी मंदी अभी दूर होने की बात कही गई है, क्योंकि घटता स्टॉक बाजार को नीचे से सहारा दे रहा है.

ग्लोबल मार्केट का सरसों पर क्या असर पड़ रहा है?

मलेशिया के पाम ऑयल बाजार में भी हलचल देखी जा रही है, जहां नवंबर कॉन्ट्रैक्ट 5,020 और दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट 5,078 रिंगिट प्रति टन पर कारोबार कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक इंडोनेशिया की B50 बायोडीजल नीति और अल-नीनो की वजह से उत्पादन घटने की आशंका से पाम बाजार को सहारा मिल रहा है.

वहीं अमेरिका के CBOT सोया कॉम्प्लेक्स में 21 अगस्त को सोया तेल के सितंबर और अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट में मामूली गिरावट रही, जबकि सोयामील और सोयाबीन में हल्की तेजी दर्ज हुई. रिपोर्ट के मुताबिक कमजोर सोया तेल सरसों तेल पर छत जैसा असर डाल रहा है, जबकि मजबूत पाम बाजार नीचे से सहारा दे रहा है.

आगे सरसों में सपोर्ट-रेजिस्टेंस कहां हैं?

बाज़ार के जानकारों के मुताबिक जयपुर सरसों के लिए ₹8,500 का स्तर फिलहाल मुख्य रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर टिकाव आने पर अगला लक्ष्य ₹8,650 और उसके बाद ₹8,800 तक बताया गया है. वहीं सपोर्ट ज़ोन ₹8,400 पर है, जबकि ₹8,150 को निर्णायक सपोर्ट और सख्त स्टॉप लॉस माना गया है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाजार सीजन के निचले स्तरों से पहले ही करीब ₹2,000 तक ऊपर आ चुका है, इसलिए मौजूदा स्तरों पर जोखिम-इनाम का पलड़ा पहले जितना अनुकूल नहीं रह गया है. फिलहाल यह साफ नहीं है कि ₹8,500 का यह रेजिस्टेंस कब टूटेगा, इस पर आगे की जानकारी आने वाले कारोबारी सत्रों में ही सामने आएगी.

नोट – उपरोक्त आकड़े और तेजी मंदी की रिपोर्ट शुक्रवार 21 अगस्त 2026 के भाव और स्थिति के आधार पर है.

सरसों के भाव को लेकर किसानों और व्यापारियों के सवाल और जवाब (FAQs)

आज सरसों का भाव क्या चल रहा है?

जयपुर मंडी में सरसों ₹8,475 प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा, जबकि सलोनी कोटा और अलवर जैसे प्लांटों पर भाव ₹25 गिरकर ₹9,050 प्रति क्विंटल पर आ गया. टोंक मंडी में सबसे बड़ी ₹75 की गिरावट दर्ज हुई.

सरसों का स्टॉक कितना घटा है?

31 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक कुल उपलब्ध सरसों स्टॉक 50.25 लाख टन रह गया है, जो पिछले साल के करीब 61 लाख टन से 10.75% कम है. इसमें से 37.25 लाख टन स्टॉक अभी किसानों के पास ही बचा है.

सरसों में सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल क्या हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर सरसों के लिए मुख्य रेजिस्टेंस ₹8,500 और अगला टारगेट ₹8,650 व ₹8,800 बताया गया है. सपोर्ट ₹8,400 पर है, जबकि ₹8,150 को निर्णायक सपोर्ट और स्टॉप लॉस माना गया है.

सरसों तेल के भाव में क्या बदलाव आया?

जयपुर में एक्सपेलर तेल ₹5 बढ़कर ₹1,676 प्रति 10 किलो पर पहुंचा, जबकि दिल्ली और चरखी दादरी में भाव स्थिर रहा. कच्ची घानी तेल में भी ज़्यादातर मंडियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया.

ग्लोबल बाजार का सरसों पर क्या असर पड़ रहा है?

मलेशिया के पाम ऑयल बाजार में तेजी और इंडोनेशिया की बायोडीजल नीति से सरसों तेल को नीचे से सहारा मिल रहा है. वहीं CBOT पर सोया तेल में मामूली मंदी की वजह से सरसों तेल की तेजी पर कुछ दबाव भी बना हुआ है.

डिस्क्लेमर : (व्यापार अपने विवेक और जोखिम क्षमता के अनुसार ही करें, निवेश से पहले सर्टिफाइड सलाहकार से सलाह लें.)

नमस्ते! मैं जगत पाल ई-मंडी रेट्स का संस्थापक, बीते 7 साल से पत्रकारिता कर रहा हूं। मुझे खेती-किसानी, मंडी भाव की जानकारी में महारथ हासिल है । यह देश का पहला डिजिटल कृषि न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो बीते 7 सालों से निरन्तर किसानों के हितों में कार्य कर रहा है। किसान साथियों ताजा खबरों के लिए आप हमारे साथ जुड़े रहिए। धन्यवाद

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