योजना हाइलाइट्स
- दुर्घटना में मौत या दिव्यांगता पर किसान परिवार को अधिकतम ₹5 लाख की मदद मिलती है.
- FY2025-26 से अब तक 38 हजार से ज्यादा आश्रित परिवारों को लाभ मिल चुका है.
- FY2026-27 में योजना का बजट ₹100 करोड़ बढ़ाकर ₹1,150 करोड़ किया गया.
- चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 17,152 परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है.
UP Krishak Durghatna Kalyan Yojana: खेत में काम करने वाले किसी कमाऊ सदस्य की दुर्घटना में मौत हो जाए या वह दिव्यांग हो जाए, तो पूरे परिवार पर आर्थिक संकट आ जाता है. ऐसे परिवारों को सहारा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत पात्र लाभार्थी को अधिकतम ₹5 लाख तक की आर्थिक मदद दी जाती है. राजस्व विभाग के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 से अब तक इस योजना के ज़रिए 38 हज़ार से ज़्यादा आश्रित परिवारों को यह मदद मिल चुकी है.
असल में सरकार ने इस योजना पर अपना भरोसा भी बढ़ाया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना का बजट ₹100 करोड़ बढ़ाकर ₹1,150 करोड़ कर दिया गया है, जबकि पिछले साल यह ₹1,050 करोड़ था.
किसे और कितना मिलेगा फायदा?
14 सितंबर 2019 से लागू इस योजना के तहत दुर्घटना की वजह से मृत्यु या दिव्यांगता होने पर पात्र परिवार को अधिकतम ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके लिए ₹1,050 करोड़ का बजट रखा गया था, और जिलों की मांग के हिसाब से पूरी रकम आवंटित की गई, जिससे 21,659 आश्रित परिवारों को मदद मिली.
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 17,152 आश्रित परिवारों को लाभ मिल चुका है. खास बात ये है कि वित्तीय वर्ष अभी जारी है, इसलिए यह आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अधिकतम सहायता राशि | ₹5 लाख |
| FY2025-26 का बजट | ₹1,050 करोड़ |
| FY2026-27 का बजट | ₹1,150 करोड़ |
| FY2025-26 में लाभार्थी | 21,659 परिवार |
| FY2026-27 में अब तक लाभार्थी | 17,152 परिवार |
इस साल बजट में कितनी बढ़ोतरी हुई?
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना का बजट बढ़ाकर ₹1,150 करोड़ कर दिया है, यानी पिछले साल के मुकाबले ₹100 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है. इस बजट में से पहली और दूसरी किस्त के तौर पर ₹862.50 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है.
इसमें से जिलों की मांग के आधार पर अब तक ₹813.81 करोड़ रुपए आवंटित भी किए जा चुके हैं. इसी रकम के ज़रिए चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 17,152 आश्रित परिवारों को सहायता पहुंच चुकी है.
योजना का दायरा किन-किन किसानों तक है?
इस योजना का फायदा सिर्फ खतौनी में दर्ज खातेदार या सहखातेदार तक सीमित नहीं है. ऐसे कमाऊ पारिवारिक सदस्य भी इसके दायरे में आते हैं, जिनकी आजीविका खातेदार या सहखातेदार के नाम दर्ज ज़मीन से होने वाली खेती की आमदनी पर निर्भर है.
इसके अलावा पट्टे या बटाई की ज़मीन पर खेती करने वाले पात्र भूमिहीन किसान भी तय शर्तों के तहत इस योजना का लाभ ले सकते हैं. यानी सिर्फ ज़मीन के मालिक ही नहीं, बल्कि खेती पर निर्भर पूरा परिवार इस सुरक्षा कवच के दायरे में आता है.
- दुर्घटना में मौत या दिव्यांगता पर अधिकतम ₹5 लाख तक मदद
- खातेदार-सहखातेदार के साथ-साथ कमाऊ पारिवारिक सदस्य भी पात्र
- पट्टे या बटाई पर खेती करने वाले भूमिहीन किसान भी शामिल
- बजट आवंटन जिलों की मांग और ज़रूरत के हिसाब से होता है
जिलों को कैसे मिलती है यह रकम?
योजना के तहत बजट का आवंटन जिलों की ज़रूरत और मांग के आधार पर किया जा रहा है. इससे जिन जिलों में ज़्यादा पात्र मामले सामने आते हैं, वहां ज़रूरत के मुताबिक धनराशि पहुंचाने में मदद मिलती है.
सरकार की कोशिश यह है कि पात्र परिवारों को मदद के लिए लंबा इंतज़ार न करना पड़े, और दुर्घटना के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार को समय पर सहायता मिल सके. इसी सोच के साथ रकम का बंटवारा तय किया जा रहा है.
योजना की निगरानी कैसे हो रही है?
योजना के क्रियान्वयन पर नज़र रखने के लिए इसका पोर्टल सीएम डैशबोर्ड से जोड़ा गया है. इसके ज़रिए योजना की प्रगति और अलग-अलग जिलों में इसके संचालन की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
राजस्व विभाग की तरफ से जिलाधिकारियों को योजना के सुचारु और पारदर्शी संचालन के लिए समय-समय पर दिशा-निर्देश भी जारी किए जाते हैं. किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कहां और कैसे कर सकते हैं, इसकी पूरी प्रक्रिया के लिए आप स्थानीय राजस्व कार्यालय या तहसील से संपर्क करें.
“मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना” से जुड़े सवाल और उनके जवाब (FAQs) :
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना क्या है और इसमें कितनी मदद मिलती है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही योजना है, इस योजना के तहत दुर्घटना में मौत या दिव्यांगता होने पर पात्र किसान परिवार को अधिकतम ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह योजना 14 सितंबर 2019 से लागू है.
इस योजना का लाभ कौन-कौन ले सकता है?
इसका लाभ खतौनी में दर्ज खातेदार-सहखातेदार के साथ-साथ ऐसे कमाऊ पारिवारिक सदस्य भी ले सकते हैं जिनकी आजीविका खेती की आमदनी पर निर्भर है. पट्टे या बटाई पर खेती करने वाले भूमिहीन किसान भी तय शर्तों के तहत पात्र हैं.
इस साल योजना का बजट कितना बढ़ाया गया है?
वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना का बजट ₹100 करोड़ बढ़ाकर ₹1,150 करोड़ कर दिया गया है, जबकि पिछले साल यह ₹1,050 करोड़ था. इसमें से ₹813.81 करोड़ रुपए जिलों को आवंटित भी किए जा चुके हैं.










