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OMSS के तहत सरकार का बड़ा फैसला! 1 नवंबर से महंगे होंगे गेहूं-चावल, जारी हुई नई रेट लिस्ट

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हाईलाइट्स

  • OMSS के तहत चावल की नई कीमतें जारी।
  • 1 नवंबर 2026 से अधिकांश श्रेणियों में ₹70 से ₹90 प्रति क्विंटल तक बढ़ोतरी।
  • इथेनॉल, राज्य सरकारों, NAFED और निजी खरीदारों के लिए अलग-अलग रेट।
  • गेहूं की URS और FAQ श्रेणी के नए दाम भी घोषित।
  • सरकार ने अलग-अलग खरीदारों के लिए अलग मूल्य व्यवस्था लागू की।

केंद्र सरकार ने खुले बाजार बिक्री योजना (OMSS) के तहत चावल और गेहूं की बिक्री के लिए नई मूल्य सूची जारी कर दी है। नई व्यवस्था में अलग-अलग खरीदारों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खुले बाजार और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

नई दरों के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 तक एक मूल्य लागू रहेगा, जबकि 1 नवंबर 2026 से अधिकांश श्रेणियों में चावल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी जाएगी। इससे राज्य सरकारों, इथेनॉल उद्योग, NAFED, NCCF, निजी खरीदारों और ई-नीलामी के माध्यम से खरीद करने वाले व्यापारियों पर सीधा असर पड़ेगा।

अलग-अलग खरीदारों के लिए अलग-अलग चावल के दाम

सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार इथेनॉल डिस्टिलरी के लिए OMSS चावल की कीमत 31 अक्टूबर 2026 तक ₹2,320 प्रति क्विंटल रहेगी। इसके बाद 1 नवंबर 2026 से यह बढ़कर ₹2,390 प्रति क्विंटल हो जाएगी।

इसी तरह राज्य सरकारों, सरकारी एजेंसियों और कम्युनिटी किचन को बिना ई-नीलामी उपलब्ध कराया जाने वाला चावल भी ₹2,320 से बढ़कर ₹2,390 प्रति क्विंटल हो जाएगा।

भारत ब्रांड के तहत NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार को मिलने वाले चावल की कीमत ₹2,480 से बढ़ाकर ₹2,550 प्रति क्विंटल कर दी गई है। वहीं FCI डिपो से सीधे खरीद करने वाले छोटे निजी व्यापारी, प्रोसेसर और संस्थागत खरीदारों के लिए कीमत ₹2,890 से बढ़कर ₹2,970 प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है।

Govt to sell rice for ethanol at ₹2320/qtl, wheat to millers at ₹2585-2600/qtl

ई-नीलामी वाले चावल की कीमतों में भी बढ़ोतरी

ई-नीलामी के माध्यम से बिकने वाले 25 प्रतिशत ब्रोकन चावल का रिजर्व प्राइस अभी ₹2,660 से ₹2,890 प्रति क्विंटल के बीच रहेगा। लेकिन 1 नवंबर 2026 से यही कीमत ₹2,740 से ₹2,970 प्रति क्विंटल हो जाएगी।

बेहतर गुणवत्ता वाले चावल का रिजर्व प्राइस ₹3,090 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹3,180 प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

हालांकि सरकार ने 100 प्रतिशत ब्रोकन चावल का न्यूनतम मूल्य ₹2,000 प्रति क्विंटल ही रखा है। यह कीमत फिलहाल यथावत रखी गई है, जिससे कुछ औद्योगिक खरीदारों को राहत मिल सकती है।

गेहूं की नई कीमतें भी लागू, क्या होगा असर?

सरकार ने गेहूं की बिक्री के लिए भी नई दरें घोषित की हैं। नई सूची के अनुसार URS श्रेणी के गेहूं की कीमत ₹2,585 प्रति क्विंटल तय की गई है, जबकि FAQ श्रेणी के गेहूं का मूल्य ₹2,600 प्रति क्विंटल रखा गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकारें, केंद्रीय सहकारी संस्थाएं और कम्युनिटी किचन निर्धारित दरों पर गेहूं खरीद सकेंगे। वहीं निजी आटा मिलों को गेहूं की खरीद ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से करनी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई कीमतों का असर खुले बाजार की सप्लाई और थोक कारोबार पर पड़ सकता है। यदि OMSS के तहत सरकारी स्टॉक नियंत्रित तरीके से बाजार में आता है, तो कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव पर कुछ हद तक नियंत्रण रखा जा सकता है। हालांकि निजी व्यापारियों और प्रोसेसर के लिए लागत बढ़ने से आगे चलकर आटा और चावल के खुदरा दामों पर भी असर देखने को मिल सकता है।

सरकार के इस फैसले के बाद अब सभी संबंधित एजेंसियों और खरीदारों की नजर इस बात पर रहेगी कि नई मूल्य व्यवस्था का बाजार और उपभोक्ताओं पर क्या प्रभाव पड़ता है। खासकर 1 नवंबर 2026 से लागू होने वाली संशोधित दरें आने वाले महीनों में अनाज व्यापार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

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नमस्ते! मैं जगत पाल ई-मंडी रेट्स का संस्थापक, बीते 7 साल से पत्रकारिता कर रहा हूं। मुझे खेती-किसानी, मंडी भाव की जानकारी में महारथ हासिल है । यह देश का पहला डिजिटल कृषि न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो बीते 7 सालों से निरन्तर किसानों के हितों में कार्य कर रहा है। किसान साथियों ताजा खबरों के लिए आप हमारे साथ जुड़े रहिए। धन्यवाद

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