हाइलाइट्स
- पोस्ट ऑफिस NSC पर सरकार 7.7% सालाना ब्याज दे रही है.
- 10 लाख रुपये के एकमुश्त निवेश पर 5 साल में ₹4,49,034 ब्याज मिलेगा.
- निवेश ₹1,000 से शुरू होता है और ₹100 के गुणकों में बढ़ता है.
- धारा 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिल सकती है.
Post Office NSC: पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम में 10 लाख रुपये एकमुश्त लगाने पर 5 साल में सिर्फ ब्याज से ₹4,49,034 की कमाई हो सकती है. सरकार इस पर 7.7% सालाना ब्याज दे रही है. मैच्योरिटी पर कुल रकम करीब ₹14,49,034 होगी. निवेश की शुरुआत ₹1,000 से होती है.
सवाल ये है कि यह स्कीम इतनी पसंद क्यों की जाती है. इसकी वजह ये है कि निवेश पर सुरक्षा की गारंटी सरकार देती है. मध्यम वर्ग और रिटायरमेंट की प्लानिंग करने वालों में यह खास लोकप्रिय है. यदि आप भी बिना किसी रिस्क के सुरक्षित निवेश की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) फायदे का सौदा साबित हो सकती है.
NSC में कितना निवेश कर सकते हैं?
न्यूनतम निवेश ₹1,000 है और इससे ऊपर ₹100 के गुणकों में कोई भी रकम लगाई जा सकती है. अधिकतम की कोई सीमा नहीं है. यानी जितना ज्यादा निवेश, उतना ज्यादा ब्याज. एक व्यक्ति कितने भी खाते खोल सकता है.
निवेश की अवधि 5 साल की है. जमा रकम पांच साल पूरे होने पर मैच्योर होती है. इस दौरान सरकार की गारंटी बनी रहती है और पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है.
10 लाख पर ₹4,49,034 कैसे बनेंगे?
7.7% सालाना ब्याज के हिसाब से 10 लाख रुपये के एकमुश्त निवेश पर 5 साल में कुल ब्याज ₹4,49,034 बनता है. हर साल का ब्याज पिछले ब्याज को जोड़कर (Compounding) बढ़ता जाता है.

| साल | ब्याज से कुल कमाई (₹) |
|---|---|
| पहला साल | 77,000 |
| दूसरा साल | 1,59,929 |
| तीसरा साल | 2,49,044 |
| चौथा साल | 3,45,620 |
| पांचवां साल | 4,49,034 |
खास बात ये है कि पहले साल के मुकाबले पांचवें साल तक कुल ब्याज करीब 5.8 गुना हो जाता है. इसके पीछे ब्याज पर ब्याज का असर है. नियमों के मुताबिक चौथे साल तक का सालाना ब्याज निवेशक की ओर से दोबारा निवेशित माना जाता है और मूल रकम में जुड़ता रहता है.
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टैक्स में कितनी छूट मिलती है?
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत NSC में निवेश करने पर सालाना 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिल सकती है. जमा रकम 80C की कटौती के योग्य है.
हालांकि छूट आपकी कुल टैक्स स्थिति पर निर्भर करेगी. बेहतर होगा कि निवेश से पहले अपने टैक्स सलाहकार से पूछ लें.
कौन खोल सकता है NSC खाता?
स्कीम का लाभ सिर्फ भारतीय निवासी ले सकते हैं. NRI, कंपनियां, ट्रस्ट और HUF इसमें निवेश नहीं कर सकते.
- सिंगल खाता: कोई भी वयस्क अपने नाम पर.
- जॉइंट खाता: अधिकतम तीन वयस्क. टाइप ‘A’ में सभी मिलकर, टाइप ‘B’ में कोई भी अकेले संचालन कर सकता है.
- नाबालिग के लिए: अभिभावक खाता खोल सकता है. 10 साल की उम्र पूरी कर चुका नाबालिग खुद भी खोल सकता है.
- मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति: अभिभावक की ओर से खाता खुल सकता है.
नाबालिग के 18 साल के होने पर नया खाता खोलने का फॉर्म और ताजा KYC दस्तावेज पोस्ट ऑफिस में देने होंगे. खाता e-Banking से भी खुल सकता है, पर इसके लिए पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट जरूरी है.
बीच में पैसे निकालने के नियम क्या हैं?
मैच्योरिटी से पहले खाता बंद नहीं हो सकता, सिर्फ कुछ मामलों को छोड़कर. खाताधारक की मृत्यु, गजटेड अधिकारी पलेजी द्वारा जब्ती या अदालत का आदेश ऐसे मामले हैं.
अगर खाता एक साल से पहले बंद हो, तो सिर्फ मूल रकम मिलेगी. एक साल बाद पर तीन साल से पहले बंद होने पर पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट की दर से ब्याज मिलेगा. तीन साल बाद बंद करने पर रकम नियमों के पैरा 7(4) के हिसाब से तय होगी.
खाते को पलेज यानी गिरवी भी रखा जा सकता है. इसके लिए राष्ट्रपति, राज्यपाल, RBI, शेड्यूल्ड बैंक, सहकारी संस्था और नेशनल हाउसिंग बैंक से मान्य हाउसिंग फाइनेंस कंपनी जैसे प्राधिकरण तय हैं. स्कीम की अधिक जानकारी के लिए नजदीकी भारतीय पोस्ट विभाग कार्यालय या आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें.
(डिस्क्लेमर : निवेश से पहले सर्टिफाइड सलाहकार से सलाह जरूर लें.)










