एकमुश्त ऋण समझौता योजना: 30 जून तक ऋण चुकाने वाले किसानों का 50 प्रतिशत ब्याज होगा माफ

जयपुर : एकमुश्त समझौता योजना (ek must samjhota yojana) के अंतर्गत प्रदेश के सहकारी भूमि विकास बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों को 30 जून 2022 तक अपना बकाया ऋण (Loan) जमा करवाने पर ब्याज में 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है। जी हाँ यदि आप भी एक किसान हो और आपने भी सहकारी भूमि विकास बैंकों से ऋण उठा रखा है और आर्थिक तंगी की वजह से अभी तक अपना लोन नही चुकाया है तो यह खबर आपके लिए है।

राजस्थान प्रदेश के सहकारी बैंकों से जुड़े किसानों के लिए राज्य सरकार की तरफ से अच्छी खबर आयी है। सहकारी भूमि विकास बैंकों से एकमुश्त समझौता लेने की तारीख को बढ़ा दिया गया है। अब ऋणी किसान इस योजना के अंतर्गत बकाया राशि का भुगतान 30 जून 2022 तक करवा सकते है।

एकमुश्त ऋण समझौता योजना

जानकारी के लिए आपको बता दे की प्रदेश में एकमुश्त समझौता योजना की शुरुआत 8 मार्च, 2022 को की गई थी। इस स्कीम का उद्देश्य प्रदेश के सहकारी बैंकों से जुड़े किसानों को छूट देकर बकाया ऋण वसूल करना है।

सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना द्वारा दी जानकारी के मुताबिक “सहकारी भूमि विकास बैंकों से ऋण लेने वाले किसान 30 जून, 2022 तक वर्ष 2021-22 की एकमुश्त समझौता योजना का लाभ ले सकते है। योजना के तहत अवधिपार श्रेणी के किसानों के अवधिपार ब्याज एवं दंडनीय ब्याज को 50 प्रतिशत तक माफ किया गया है।”

इसके अलावा ऐसे अवधिपार ऋणी किसान जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके परिवार को संपूर्ण बकाया ब्याज, दंडनीय ब्याज एवं वसूली खर्च को पूर्णतया माफ कर राहत दी गई है, ऐसे प्रकरणों में वारिसान को केवल बकाया मूलधन जमा कराना होगा। अब तक 1946 ऋणी सदस्य किसानों को 12.06 करोड़ रूपये की राहत योजना के तहत दी जा चुकी है।

एकमुश्त समझौता योजना हेतु पात्र किसान

सहकारिता मंत्री ने बताया कि एकमुश्त समझौता योजना के माध्यम से किसानों के ऋणों पर ब्याज दर (interest rate) को कम करने के साथ ही अवधिपार एवं दण्डनीय ब्याज को भी कम किया जाएगा। एकमुश्त समझौता योजना-2020 के तहत अवधिपार होने की दिनांक से ऋण राशि चुकाने की दिनांक तक स्वीकृति पत्र में अंकित ब्याज दर या 8% ब्याज दर जो भी कम हो पर साधारण दर से ब्याज वसूल किया जाएगा।

जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की शाखाओं व जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियों से कृषि व अकृषि ऋण प्राप्त अवधिपार किसान 30 जून 2022 से पूर्व अपनी नजदीकी बैंक शाखा व ग्राम सेवा सहकारी समिति में संपर्क कर योजना का लाभ उठा सकते हैं। 

  • एकमुश्त समझौता योजना के अंतर्गत ये किसान होंगे पात्र जिन किसानों ने कृषि व अकृषि ऋण प्राप्त ऐसे सदस्य किसान जो 30 जून 2016 को अवधिपार हो चुके थे व 31 मार्च 2020 को डिफाल्टर श्रेणी (एनपीए) में वर्गीकृत हैं उन किसानों को को योजनांतर्गत पात्र समझे जाएंगे।
  • योजना में ऐसे ऋण प्रकरण जो 31 मार्च 2017 को अवधिपार हो चुके हैं व उसके बाद नियमित नहीं हुए हैं, ऐसे ऋण प्रकरणों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। 
  • मृत्यु होने वाले किसानों के परिजनों को मिलेगी राहत, ऐसे ऋणी किसान जिनकी मृत्यु 31 मार्च 2020 से पूर्व हो चुकी है, ऐसे मामलों में अवधिपार होने की दिनांक से मृत्यु होने की तिथि तक 8 प्रतिशत या स्वीकृत ब्याज दर जो भी कम हो साधारण ब्याज की दर से ब्याज वसूल किया जाएगा व मृत्यु की दिनांक से समझौता दिनांक तक का सूद दण्डनीय ब्याज आदि वसूल नहीं किया जाएगा।
  • एक मुश्त समझौता योजना का लाभ इन किसानों को नही मिलेंगा जो ऐसे ऋण प्रकरण जिनमें राजस्थान फसली ऋण माफी योजना- 2018 व राजस्थान फसली ऋण माफी योजना-2019 अंतर्गत लाभ प्रदत्त किया जा चुका हैं व उसके बाद भी ऋण खाता अवधिपार बना हुआ है ऐसे किसानों को योजना में पात्र नहीं माना जाएगा।
  • राज्य सरकार ने कोविड काल में कृषि व अकृषि के अवधिपार डिफाल्टर किसानों को राहत देने के लिए एक मुश्त योजना शुरू की गई है। पात्र सदस्य किसान 30 जून 2022 से पूर्व अपने नजदीकी बैंक शाखा व ग्राम सेवा सहकारी समिति में सम्पर्क कर मूलधन की बकाया राशि जमा कर ब्याज एवं अन्य खर्चों की छूट का लाभ उठाकर अपनी बंधक भूमि को मुक्त करा सकते हैं। 

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