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खुशखबरी: सरकार ने किसानों के 1.60 लाख रुपये तक के लोन पर स्टाम्प ड्यूटी माफ करने का किया ऐलान

Jagat Pal

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Kisan Credit Card: किसानों के लिए अच्छी खबर निकल कर सामने आई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार 15 मार्च को प्रदेश के किसानों के 1 लाख 60 हजार रुपये तक के लोन (Loan) पर स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) माफ करने की घोषणा की।

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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीड जिले में किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) डिजिटल प्रोजेक्ट ‘जन समर्थ’ (Jan Samarth) की शुरुआत की। इस मौके पर सीएम शिंदे ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से बीड जिले (Beed District) के 22 किसानों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के ज़रिए सीधे राशि जमा की गई।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को फ्लेक्सिबल (flexible) और आसान प्रक्रिया (easy process) के साथ सिंगल विंडो के तहत बैंकिंग प्रणाली (Banking System) से पर्याप्त और समय पर ऋण (Loan) सहायता प्रदान करना है।

4.7 लाख किसान अल्पकालिक लोन के लिए पंजीकृत

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) डिजिटलीकरण (Digitalization) के लिए देश में चुने गए दो जिलों को चुना गया है, इसमें बीड जिला भी शामिल था।पिछले कुछ दिनों में बीड जिले के राजस्व, कृषि आदि विभिन्न विभागों ने 4 लाख 75 हजार किसानों का पंजीकरण कर उनकी किसान आईडी तैयार की है। इसके लिए दो ऐप भी बनाए गए हैं।

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इस प्रणाली के माध्यम से, किसान दस्तावेज़ रहित और घर-आधारित अल्पकालिक ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, इस आईडी से उन्हें सरकार की अन्य योजनाओं के लिए आवेदन करना और उनका लाभ उठाना भी आसान हो जाएगा। यह परियोजना एग्रीस्टैक-सीपीएमयू द्वारा क्रियान्वित की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि हमारी सरकार आम लोगों और किसानों की है। हमें गर्व है कि यह सरकार बलिराजा की है। अतिवृष्टि और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं में हमने किसानों की मदद की है। हमारा देश मुख्यतः कृषि प्रधान है। हम किसान को केंद्र बिंदु मानकर सभी योजनाएं बना रहे हैं। हमने पिछले डेढ़ साल में किसानों को 45 हजार करोड़ रुपये की मदद की है। 120 सिंचाई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इससे प्रदेश की 15 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचाई के दायरे में आ जायेगी। मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई एक रुपये की फसल बीमा, जलयुक्त शिवार जैसी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।

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जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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