राजस्थान कृषि विभाग ने किसानों को DAP की जगह SSP यानी सिंगल सुपर फॉस्फेट खाद अपनाने की सलाह दी है. विभाग के मुताबिक एक बैग डीएपी की कीमत में तीन बैग एसएसपी आ जाते हैं. इन तीन बैग के पोषक तत्वों का मूल्य करीब 1,900 रुपये है, जबकि एक बैग डीएपी के पोषक तत्वों का मूल्य 1,350 रुपये है.
एसएसपी खाद में क्या-क्या होता है?
एसएसपी एक फॉस्फोरस युक्त उर्वरक है. इसमें 16 फीसदी फॉस्फोरस और 11 फीसदी सल्फर की मात्रा पाई जाती है. दरअसल, सल्फर की यही मौजूदगी इसे अलग बनाती है.
विभाग का कहना है कि इसी सल्फर की वजह से यह खाद तिलहनी और दलहनी फसलों के लिए डीएपी से ज्यादा फायदेमंद है. यानी सरसों जैसी तिलहन और चना-मूंग जैसी दलहन उगाने वाले किसानों के लिए यह सलाह सीधे काम की है.
डीएपी की जगह एसएसपी क्यों खरीदें?
एसएसपी का उत्पादन राज्य में ही होता है, इसलिए यह आसानी से मिल जाती है. खास बात ये है कि विभाग ने यूरिया के साथ इसके इस्तेमाल की भी सलाह दी है. इससे बुवाई के वक्त जरूरी नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और सल्फर की पूर्ति कम लागत में हो जाती है. एक बैग डीएपी के पैसे में तीन बैग एसएसपी आ जाता है.

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक तीन बैग एसएसपी के पोषक तत्वों का मूल्य 1,900 रुपये और एक बैग डीएपी का 1,350 रुपये बताया गया है.
DAP & SSP Fertilizer Price
| खाद | कीमत (1 बैग) |
|---|---|
| डीएपी | 1,350 रुपये |
| एसएसपी दानेदार | 505 रुपये |
एनपीके ग्रेड्स से संतुलित पोषण कैसे मिलेगा?
नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश फसल के तीन मुख्य पोषक तत्व माने गए हैं. विभाग की सलाह है कि संतुलित पोषण के लिए डीएपी के बजाय एनपीके ग्रेड्स की खाद ज्यादा उपयुक्त है.
मिट्टी की उर्वरा क्षमता बनाए रखने और फसल का सही उत्पादन लेने के लिए मृदा परीक्षण करवाना जरूरी है. जांच के बाद फसल की अवस्था के हिसाब से सही ग्रेड का एनपीके डाला जाए. यानी अंदाजे से खाद डालने की जगह मिट्टी की रिपोर्ट के आधार पर खाद देना ज़्यादा फायदेमंद रहेगा.
कौन-कौन से एनपीके ग्रेड उपलब्ध हैं?
बाजार में एनपीके की ये ग्रेड्स उपलब्ध हैं:
- 12:32:16
- 20:20:0 और 20:20:0:13
- 20:20:20
- 16:16:16
- 15:15:15
- 19:19:19
किसान के लिए जरूरी सलाह
सबसे पहले मिट्टी की जांच करवाएं. फिर तय करें कि फसल को फॉस्फोरस के साथ सल्फर की भी जरूरत है या पूरे एनपीके संतुलन की. तिलहन और दलहन वाले किसान एसएसपी पर खास नजर डाल सकते हैं.
अब सवाल ये है कि प्रति हेक्टेयर कितनी मात्रा डालनी है. कौन-सी ग्रेड किस फसल के लिए सही रहेगी? इसके लिए स्थानीय कृषि विभाग कार्यालय या कृषि विशेषज्ञ से सलाह अवश्य ले लें .










