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Bank Holiday: क्या बैंक में हर शनिवार छुट्टी रहेगी ? सरकार ने बताया फर्जी… जानिए 2 और 4 शनिवार का नियम

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हाइलाइट्स

  • PIB फैक्ट चेक ने कहा, हर शनिवार छुट्टी वाली राजपत्र अधिसूचना पूरी तरह फर्जी है.
  • बैंक अभी सिर्फ दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, बाकी शनिवार खुले.
  • यूएफबीयू के सात संगठन लगभग 8 लाख बैंककर्मियों के लिए 5-डे वर्किंग चाहते हैं.
  • 2015 में 10वें द्विपक्षीय समझौते के बाद दूसरे-चौथे शनिवार की छुट्टी मिली थी.

Bank Holiday: केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि एसबीआई (SBI) समेत सरकारी बैंकों में हर शनिवार की छुट्टी का कोई ऐलान नहीं हुआ है. गुरुवार को PIB फैक्ट चेक ने बताया कि वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के नाम से घूम रही राजपत्र अधिसूचना फर्जी है. फिलहाल बैंक महीने के सिर्फ दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं.

असल में यह दावा ऐसे वक्त फैला, जब बैंक कर्मचारी 5 दिन के हफ्ते (Bank 5 Days Working) की मांग कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल हुईं कि अब हर शनिवार बैंक नहीं खुलेंगे. सरकार ने इसे खारिज कर दिया. यानी फिलहाल आपकी ब्रांच का शेड्यूल नहीं बदला है.

PIB फैक्ट चेक ने क्या कहा?

PIB फैक्ट चेक ने X पर पोस्ट कर बताया कि जो दस्तावेज चल रहा है, वह फर्जी है. वित्त विभाग ने ऐसी कोई अधिसूचना जारी ही नहीं की, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए हर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया हो.

खास बात ये है कि फर्जी दस्तावेज को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की राजपत्र अधिसूचना बताकर फैलाया गया. आधिकारिक नाम और राजपत्र जैसे शब्द जुड़ने से आम लोग इसे असली मान लेते हैं. PIB ने गुरुवार को इसका खंडन किया.

सरकार का रुख साफ है. बात एसबीआई की हो या दूसरे सरकारी बैंकों की, हर शनिवार का अवकाश घोषित नहीं हुआ है. नियम जस के तस हैं. यानी वायरल पोस्ट के भरोसे शनिवार की ब्रांच विजिट का प्लान बदलने की जरूरत नहीं.

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अभी सिर्फ दो शनिवार बंद रहते हैं बैंक

नियम अभी वही है, जो 2015 के बाद से चला आ रहा है. महीने का पहला, तीसरा और पांचवां शनिवार कामकाजी रहता है. वहीं दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं. सीधी भाषा में, महीने में चार शनिवार हों तो दो दिन ब्रांच खुलती है और पांच हों तो तीन दिन.

शनिवारबैंक की स्थिति
महीने का पहलाखुले
महीने का दूसराबंद
महीने का तीसराखुले
महीने का चौथाबंद
महीने का पांचवां (जब पड़े)खुले

यानी हर महीने दो शनिवार की छुट्टी पहले से तय है. साल के हिसाब से देखें तो यह 24 शनिवार बैठता है. वहीं बाकी शनिवारों पर ब्रांच में सामान्य कामकाज होता है, इसलिए बैंक के काम निपटाने के लिए इन दिनों का इस्तेमाल किया जा सकता है.

2015 में सरकार ने क्या माना था?

बता दें कि बैंक यूनियनें कई सालों से पांच दिवसीय हफ्ते के लिए दबाव बना रही हैं. 2015 में 10वें द्विपक्षीय समझौते के बाद सरकार ने दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी घोषित की थी. मांग तभी से बाकी शनिवारों के लिए है.

मांग तब से जस की तस बनी हुई है. मतलब, 2015 के बाद छुट्टी का दायरा नहीं बढ़ा, जबकि यूनियनें हफ्ते में पांच दिन कामकाज की बात कर रही हैं.

अगर पांच दिन का कामकाजी हफ्ता लागू होता है, तो हर शनिवार की छुट्टी इसका हिस्सा होगी. तब महीने में 4 या 5 शनिवार बंद रहेंगे, जबकि अभी सिर्फ 2 मिलते हैं. हालांकि ऐसा कोई फैसला अभी हुआ नहीं है.

8 लाख बैंककर्मियों की ओर से उठी मांग

यह मांग यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस उठा रहा है. इसमें सात प्रमुख यूनियन शामिल हैं और यह लगभग 8 लाख बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है. यानी मामला किसी छोटे संगठन की मांग भर नहीं है.

पिछले महीने (सितंबर 2026) यूनियनों ने तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया था. बाद में IBA की एक उच्च स्तरीय समिति के साथ बैठकों के बाद इसे स्थगित कर दिया गया. नई हड़ताल की तारीख फिलहाल सामने नहीं आई है.

इन दोनों बातों को साथ रखकर देखें तो तस्वीर साफ होती है. यूनियनों ने दबाव भी बनाया और बातचीत का रास्ता भी रखा. वहीं सरकार ने ताजा मामले में सिर्फ यह साफ किया कि हर शनिवार की छुट्टी का फैसला हुआ ही नहीं.

ग्राहक अभी क्या करें?

फिलहाल ग्राहकों के लिए कुछ नहीं बदला है. शनिवार को ब्रांच जाने का प्लान बनाते वक्त वही कैलेंडर काम आएगा, जिसमें दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी गिनी जाती है. नियम में बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

  • महीने का पहला, तीसरा और पांचवां शनिवार: ब्रांच खुली रहेगी.
  • दूसरा और चौथा शनिवार: बैंक बंद रहेंगे.
  • छुट्टी की कोई नई खबर या अधिसूचना दिखे तो PIB फैक्ट चेक से मिलान करें.

इस मामले में भी वायरल दस्तावेज सरकारी अधिसूचना की शक्ल में था. इसलिए फॉरवर्ड मैसेज पर यकीन करने से पहले आधिकारिक पुष्टि देख लेना बेहतर है.

कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी नजरें

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम के मुताबिक पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह में बदलाव की जांच के लिए एक समिति बनी है. उसकी पहली बैठक बुधवार को होनी थी. उन्हें उम्मीद है कि समिति अपनी रिपोर्ट जल्द अंतिम रूप देगी.

यह समिति क्या सिफारिश करेगी, यह अभी सामने नहीं आया है. रिपोर्ट जल्द तैयार होने की उम्मीद जरूर जताई गई है, पर इसकी कोई तारीख नहीं बताई गई. यानी तारीख को लेकर तस्वीर साफ नहीं है.

फिलहाल तय यह है कि शनिवार की छुट्टी का नियम नहीं बदला. अनिश्चित यह है कि रिपोर्ट के बाद फैसला कब होगा और सरकार उसे कैसे लेगी.

बैंकों में 5-डे वर्किंग की मांग यानी शनिवार की छुट्टी” से संबंधित पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQ):

बैंकों में हर शनिवार की छुट्टी की खबर सच है क्या?

नहीं, यह खबर सच नहीं है. PIB फैक्ट चेक ने गुरुवार को साफ किया कि हर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश बताने वाली राजपत्र अधिसूचना फर्जी है. वित्त विभाग ने ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की, एसबीआई समेत सरकारी बैंकों में नियम पहले जैसा रहेगा.

बैंक अभी किन शनिवार को बंद रहते हैं?

बैंक अभी हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं. पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को ब्रांच खुली रहती है. यह व्यवस्था 2015 में 10वें द्विपक्षीय समझौते के बाद लागू हुई थी, यानी साल में कुल 24 शनिवार की छुट्टी मिलती है.

बैंकों में 5-डे वर्किंग की मांग कौन कर रहा है?

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग कर रहा है. इसमें सात प्रमुख यूनियन हैं और यह लगभग 8 लाख बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है. यूनियनें कई सालों से यह दबाव बना रही हैं.

बैंकों में 5 डे वर्किंग कब लागू होगी?

अभी इसकी कोई आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है. पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की जांच के लिए गठित समिति की पहली बैठक बुधवार को होनी थी. ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन के सी.एच. वेंकटचलम को उम्मीद है कि समिति अपनी रिपोर्ट जल्द अंतिम रूप देगी.

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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