हाइलाइट्स
- 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 1 नवंबर से 10 से 17 रुपये बढ़े.
- दिल्ली में सिलेंडर 10 रुपये महंगा होकर 2,820 रुपये का हो गया.
- कोलकाता में सबसे ज्यादा 17 रुपये की बढ़ोतरी हुई, नया दाम 2,971 रुपये.
- 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम नहीं बदले, आखिरी बदलाव 7 जून 2026 को हुआ था.
- होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग कारोबार की लागत बढ़ने की संभावना है.
LPG Price Hike: दिवाली से ठीक पहले तेल कंपनियों ने 1 नवंबर (रविवार) से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 10 से 17 रुपये बढ़ा दिए हैं. दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 10 रुपये महंगा होकर 2,820 रुपये का हो गया है. जबकि कोलकाता में सबसे ज्यादा 17 रुपये की बढ़ोतरी के साथ नया रेट 2,971 रुपये हो गया है . हालांकि आम उपभोगताओं के लिए इस बार भी राहत की बात ये है की 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम नहीं बदले हैं.
कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग के काम में होता है, जहाँ खाना पकाने के लिए बड़े सिलेंडर लगते हैं. इससे पहले 1 अक्टूबर को भी कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 62.50 से 71.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई थी.
किस शहर में कितना महंगा हुआ सिलेंडर?
IOCL के मुताबिक 1 नवंबर 2026 से देश के प्रमुख महानगरों में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम इस प्रकार है –
| शहर | बढ़ोतरी | नया दाम |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹10 | ₹2,820 |
| मुंबई | ₹10.50 | ₹2,775 |
| कोलकाता | ₹17 | ₹2,971 |
| चेन्नई | ₹11.50 | ₹2,994.50 |
| बेंगलुरु | ₹10 | ₹2,908 |
| पटना | ₹10 | ₹3,110.50 |
| लखनऊ | ₹10 | ₹2,942.50 |
मई की उछाल के बाद फिर बढ़त
1 मई को कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई थी. तब यह करीब 1000 रुपये का इजाफा था और कीमत 3000 रुपये के पार चली गई थी.
क्या घरेलू सिलेंडर के दाम भी बढ़े है ?
नहीं, 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत जस की तस है. इसके दाम आखिरी बार 7 जून 2026 को बदले थे, तब 29 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी. आम उपभोक्ता पर 1 नवंबर से कोई नया बोझ नहीं आया है.
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट पर बिना सब्सिडी वाले इंडेन सिलेंडर का रेट दिल्ली में 942 रुपये, मुंबई में 941 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये दर्ज है. राज्यों में लोकल सेल्स टैक्स या VAT अलग-अलग लगता है, इसलिए आपके शहर का रेट इनसे थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है.
होटल-ढाबों की रसोई पर असर
गैस महंगी होने से इन कारोबारों की लागत बढ़ने की संभावना है. बाहर लंच, डिनर या ब्रेकफास्ट करना भी महंगा हो सकता है. वहीं दिवाली के दौरान मिठाइयों और खाने-पीने की चीजों की मांग भी अत्यधिक बढ़ जाती है. ऐसे में कारोबारी एलपीजी की लागत बढ़ने से खाने की चीजों की के भाव में बढ़ोतरी कर देते हैं. हालांकि, मिठाई या रेस्टोरेंट में खाने की कीमत में कितनी बढ़ोतरी करेंगे ये कारोबारियों के फैसलों पर भी निर्भर करेगा.
इसे भी पढ़े – धनतेरस पहले सोना-चांदी धराशायी! एक दिन में चांदी ₹10,550 टूटी, जानिए गिरावट की 3 असली वजह










