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MSP पर कपास बेचने के लिए कपास किसान ऐप पर रजिस्ट्रेशन जरूरी…आखिरी तारीख 31 अक्टूबर

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Kapas Kisan App Registration: गुजरात के जो किसान कपास को MSP पर सरकारी खरीद में बेचना चाहते हैं, उन्हें 31 अक्टूबर 2026 तक ‘कपास किसान’ (Kapas Kisan) मोबाइल ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. खरीद कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) करेगा. लॉन्ग स्टेपल कपास का MSP 8,667 रुपये और मीडियम स्टेपल का 8,267 रुपये प्रति क्विंटल तय है. राज्य सरकार ने किसानों से अंतिम तारीख का इंतजार न करने को कहा है.

इसके साथ ही आधुनिक तकनीक से खेती करने वालों के लिए भी मदद है. ‘कपास उत्पादकता मिशन’ के तहत गुजरात को चालू साल में 134.80 करोड़ रुपये का बजट मिला है. कम दूरी पर बुवाई करने वालों को 14,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे.

MSP पर कपास बेचनी है तो क्या करें?

पहला काम है रजिस्ट्रेशन. राज्य सरकार ने किसानों से नए ‘कपास किसान’ ऐप के जरिए पंजीकरण पूरा करने को कहा है. आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 है. यानी आज 1 अक्टूबर से करीब एक महीने का वक्त बचा है.

इस डिजिटल पंजीकरण का मकसद किसानों को खरीद प्रक्रिया से जोड़ना है. साथ ही पूरी व्यवस्था को ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है. असल में बिना पंजीकरण के सरकारी व्यवस्था में MSP पर बेचना मुश्किल होगा.

ऐप से क्या-क्या जानकारी मिलेगी?

‘कपास किसान’ ऐप सिर्फ नाम दर्ज कराने के लिए नहीं है. पंजीकृत किसानों को खरीद केंद्रों, खरीद के शेड्यूल और MSP पर खरीद से जुड़ी नीतिगत जानकारी इसी ऐप पर मिलेगी. CCI की आधिकारिक वेबसाइट से भी केंद्रों और MSP की जानकारी ली जा सकती है.

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डिजिटल व्यवस्था से एक और राहत की उम्मीद है. खरीद केंद्रों पर अनावश्यक इंतजार और भीड़ कम हो सकती है. हालांकि ये उम्मीद है, पक्का दावा नहीं. असली तस्वीर खरीद शुरू होने पर ही दिखेगी.

लॉन्ग और मीडियम स्टेपल के MSP में कितना फर्क?

सरकारी खरीद के लिए कपास की क्वालिटी के हिसाब से MSP तय है. लॉन्ग स्टेपल कपास का MSP 8,667 रुपये प्रति क्विंटल है. मीडियम स्टेपल का MSP 8,267 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है.

दोनों के बीच 400 रुपये प्रति क्विंटल का अंतर है. यानी 10 क्विंटल कपास में ये फर्क 4,000 रुपये बैठता है. ये हिसाब हमने दोनों MSP के अंतर से निकाला है.

उत्पादकता मिशन में किसे कितनी सहायता?

MSP खरीद के अलावा राज्य में कपास की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर है. ‘कपास उत्पादकता मिशन’ का लक्ष्य गुजरात के 21 कपास उत्पादक जिलों में एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र को कवर करना है. आधुनिक तकनीक अपनाने वाले पात्र किसानों को अलग-अलग श्रेणियों में इनपुट सहायता का प्रावधान है.

मिशन के प्रदर्शन घटक (Demonstration Component) में दो तरीके शामिल हैं. 90 सेंटीमीटर × 30 सेंटीमीटर की दूरी पर बुवाई करने वाले किसानों को 14,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे. इसे कम दूरी पर बुवाई की तकनीक (Closer Spacing Technology) कहा गया है.

समेकित फसल प्रबंधन (ICM) पद्धति में 90 सेंटीमीटर × 60 सेंटीमीटर की दूरी पर बुवाई करनी होगी. इसके लिए 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की इनपुट सहायता है. एक किसान को साल में अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक ही लाभ मिलेगा.

सहायता पाने की शर्तें क्या हैं?

योजना का फायदा लेने के लिए दो शर्तें हैं. पहली, किसान को सरकार से अनुमोदित या प्रमाणित कपास किस्मों अथवा स्वीकृत बीटी कॉटन (Bt Cotton) बीजों का इस्तेमाल करना होगा. दूसरी, फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) पूरी होनी चाहिए.

मोटा हिसाब देखें तो 2 हेक्टेयर पर कम दूरी वाली तकनीक में अधिकतम 28,000 रुपये बनते हैं. ICM पद्धति में ये रकम 15,000 रुपये होती है. ये गणना हमारी है. दोनों घटक साथ लिए जा सकते हैं या नहीं, ये स्रोत में साफ नहीं है.

बिंदुजानकारी
किसे करना हैMSP पर CCI को कपास बेचने वाले गुजरात के किसान
कैसे करें‘कपास किसान’ मोबाइल ऐप पर रजिस्ट्रेशन
आखिरी तारीख क्या है?31 अक्टूबर 2026
लॉन्ग स्टेपल कपास का MSP8,667 रुपये प्रति क्विंटल
मीडियम स्टेपल कपास का MSP8,267 रुपये प्रति क्विंटल
कम दूरी की तकनीक14,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
ICM पद्धति7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
अधिकतम क्षेत्र2 हेक्टेयर प्रति किसान प्रति वर्ष

रजिस्ट्रेशन में दिक्कत आए तो कहां जाएं?

ऐप पर पंजीकरण में परेशानी हो तो WhatsApp सहायता उपलब्ध है. किसान +91 9428237246 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. CCI की वेबसाइट से भी केंद्रों और MSP की जानकारी मिल सकती है.

इसलिए दो स्तर पर तैयारी करनी होगी. MSP पर बेचने वाले 31 अक्टूबर तक ऐप पर नाम दर्ज कराएं. आधुनिक तकनीक अपनाने वाले शर्तें पूरी रखें.

MSP पर कपास बेचने से संबंधित किसानों के सवाल और उनके जवाब (FAQ):

कपास किसान ऐप पर रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख क्या है?

कपास किसान ऐप पर रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 है. MSP पर CCI को कपास बेचने के इच्छुक गुजरात के किसानों को ये पंजीकरण कराना होगा. राज्य सरकार ने कहा है कि अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें.

कपास का MSP कितना है?

लॉन्ग स्टेपल कपास का MSP 8,667 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि मीडियम स्टेपल का 8,267 रुपये प्रति क्विंटल. दोनों के बीच 400 रुपये का अंतर है. खरीद कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) की सरकारी व्यवस्था के तहत होगी, इसलिए पंजीकरण जरूरी है.

रजिस्ट्रेशन में दिक्कत आए तो क्या करें?

दिक्कत आने पर किसान WhatsApp नंबर +91 9428237246 पर संपर्क कर सकते हैं. ये सहायता खास तौर पर ‘कपास किसान’ ऐप पर रजिस्ट्रेशन के लिए है. इसके अलावा CCI की आधिकारिक वेबसाइट से भी खरीद केंद्रों और MSP पर खरीद की जानकारी ली जा सकती है.

कम दूरी पर कपास की बुवाई पर कितनी सहायता मिलेगी?

90 सेंटीमीटर × 30 सेंटीमीटर की दूरी पर बुवाई करने वाले पात्र किसानों को 14,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी. एक किसान को साल में अधिकतम 2 हेक्टेयर तक ही लाभ मिलेगा. शर्त ये है कि किसान की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो.

समेकित फसल प्रबंधन (ICM) पर कितना पैसा मिलेगा?

ICM पद्धति से कपास की खेती करने पर 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की इनपुट सहायता मिलेगी. इसके लिए 90 सेंटीमीटर × 60 सेंटीमीटर की दूरी पर बुवाई करनी होगी. किसान को प्रमाणित किस्में या स्वीकृत बीटी कॉटन बीज इस्तेमाल करने होंगे और फार्मर रजिस्ट्री भी चाहिए.

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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