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MP के 5000 किसानों को राहत, ‘कवच योजना’ से फिर मिलेगा कृषि लोन

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‘कवच योजना’ हाइलाइट्स

  • कवच योजना से सहकारी समितियों से जुड़े करीब 5,000 किसानों को फायदा मिलेगा.
  • अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक मिलकर ₹50 करोड़ की विशेष निधि बनाएंगे.
  • राज्य सरकार अलग से ₹25 करोड़ की अंशपूंजी सहायता देगी.
  • मध्य प्रदेश सरकार ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित कर रखा है.

MP Kavach Yojana: मध्य प्रदेश के हज़ारों किसानों के लिए कृषि लोन (Agricultural Loan) से जुड़ी एक बड़ी परेशानी अब दूर होने की उम्मीद बनी है. सहकारी समितियों से जुड़े करीब 5,000 किसानों के पुराने ऋण खातों में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच लंबित होने की वजह से उनका नया कृषि लोन अटका हुआ था. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में सहकारिता विभाग की ‘कवच योजना’ को इन्हीं किसानों को दोबारा बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए मंज़ूरी दी गई है.

असल में सरकार का मानना है कि किसी किसान के मामले में प्रशासनिक या जांच प्रक्रिया लंबे समय तक चलने की वजह से उसकी खेती के लिए ज़रूरी पूंजी का रास्ता बंद नहीं होना चाहिए. इसी सोच के साथ योजना के ज़रिए इन किसानों को फिर से संस्थागत क्रेडिट सिस्टम से जोड़ने की कोशिश की जा रही है.

आखिर किन किसानों को अटकना पड़ा था?

सहकारी समितियों से जुड़े इन 5,000 किसानों की परेशानी की जड़ पुराने ऋण खातों में हुई कथित गड़बड़ी की जांच है. जब तक यह जांच पूरी नहीं होती, तब तक इन किसानों को नई संस्थागत कृषि ऋण सुविधा नहीं मिल पा रही थी.

इसका सीधा असर खेती के लिए ज़रूरी पैसों की उपलब्धता पर पड़ रहा था, क्योंकि बीज, खाद और सिंचाई जैसे खर्च फसल बिकने से पहले ही करने पड़ते हैं. कवच योजना का सबसे बड़ा फायदा इन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनकी ऋण सुविधा पुराने मामलों की वजह से रुकी हुई थी.

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योजना के लिए कितना पैसा जुटाया जाएगा?

किसानों को नई ऋण सुविधा देने के लिए अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक मिलकर अपने स्तर पर कुल ₹50 करोड़ तक की विशेष निधि तैयार करेंगे. इसके अलावा मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से ₹25 करोड़ की एकमुश्त अंशपूंजी सहायता भी दी जाएगी।

यानी बैंकिंग संस्थाओं और राज्य सरकार दोनों मिलकर कुल ₹75 करोड़ का इंतज़ाम कर रहे हैं, ताकि प्रभावित किसानों को दोबारा कृषि ऋण मिलने का रास्ता खुल सके.

मदराशि
अपेक्स व जिला सहकारी बैंकों की विशेष निधि₹50 करोड़ तक
राज्य सरकार की अंशपूंजी सहायता₹25 करोड़
कुल व्यवस्थाकरीब ₹75 करोड़
संभावित लाभार्थी किसानकरीब 5,000

किसानों को खेती में कहां मिलेगा फायदा?

हर सीज़न के साथ किसानों को वर्किंग कैपिटल यानी कामकाजी पूंजी की ज़रूरत पड़ती है. बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और खेती से जुड़े दूसरे खर्चों के लिए समय पर पैसा मिलना ज़रूरी होता है.

नया संस्थागत कृषि ऋण मिलने से प्रभावित किसान इन ज़रूरतों के लिए बैंकिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर सकेंगे. इससे उन्हें खेती के खर्च मैनेज करने में मदद मिलेगी, और संस्थागत कर्ज़ की सुविधा फिर से शुरू हो सकेगी.

  • बुवाई के समय बीज-खाद के लिए तुरंत पूंजी की ज़रूरत
  • फसल की देखभाल में सिंचाई और कीटनाशक पर खर्च
  • कई मामलों में कृषि मशीनरी के लिए भी पूंजी चाहिए
  • बैंक और सहकारी संस्थाओं का कर्ज़ इसी कमी को पूरा करता है

क्या यह योजना सिर्फ लोन देने तक सीमित है?

कवच योजना को सिर्फ नया कृषि लोन देने वाली योजना मान लेना पूरी तस्वीर नहीं होगा. इसका बड़ा मकसद उन किसानों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था में वापस लाना है, जो जांच लंबित होने की वजह से नई ऋण सुविधा से बाहर हो गए थे.

सरकार का मानना है कि जांच या प्रशासनिक प्रक्रिया लंबित रहने का असर किसानों की खेती और आजीविका पर अनिश्चितकाल तक नहीं पड़ना चाहिए. खास बात ये है कि मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2026 को किसान कल्याण वर्ष के तौर पर मनाने का फैसला किया है, और कवच योजना को इसी व्यापक किसान-केंद्रित नीति की एक कड़ी माना जा रहा है.

हर किसान को कितना लोन मिलेगा?

कवच योजना के तहत हर किसान को एक तय राशि का कृषि लोन देने की कोई घोषणा नहीं की गई है. योजना में सिर्फ बैंकिंग संस्थाओं और राज्य सरकार की तरफ से कुल कितनी विशेष निधि और अंशपूंजी तैयार होगी, यह तय किया गया है.

पात्र किसानों को इसी व्यवस्था के तहत नया संस्थागत कृषि ऋण उपलब्ध कराने का रास्ता तैयार किया जाएगा. इसलिए किसानों को यह समझना ज़रूरी है कि ₹50 करोड़ का फंड प्रति किसान राशि नहीं है, बल्कि प्रभावित किसानों के लिए तैयार की जाने वाली कुल विशेष निधि है. फिलहाल यह साफ नहीं है कि व्यक्तिगत किसान को अधिकतम कितना लोन मिल सकेगा, इस पर आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

नमस्ते! मैं जगत पाल ई-मंडी रेट्स का संस्थापक, बीते 7 साल से पत्रकारिता कर रहा हूं। मुझे खेती-किसानी, मंडी भाव की जानकारी में महारथ हासिल है । यह देश का पहला डिजिटल कृषि न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो बीते 7 सालों से निरन्तर किसानों के हितों में कार्य कर रहा है। किसान साथियों ताजा खबरों के लिए आप हमारे साथ जुड़े रहिए। धन्यवाद

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