खबर हाइलाइट्स
- डीजल अनुदान ₹75 प्रति लीटर की दर से, यानी ₹750 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई.
- एक किसान परिवार को अधिकतम 8 एकड़ तक ही योजना का लाभ मिलेगा.
- धान, मक्का जैसी फसलों पर 3 सिंचाई तक ₹2,250 प्रति एकड़ अनुदान.
- आवेदन 17 अगस्त 2026 से 30 अक्टूबर 2026 तक ही मान्य होगा.
Bihar Diesel Anudan Yojana : बिहार में इस बार खरीफ सीजन में बारिश कमजोर रहने और सूखे जैसे हालात बनने पर सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए डीजल अनुदान योजना शुरू की है. इस योजना के तहत डीजल चालित पंपसेट से सिंचाई करने वाले किसानों को ₹75 प्रति लीटर की दर से अनुदान सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा. मधुबनी समेत राज्य के कई जिलों में यह योजना फिलहाल सक्रिय है.
असल में यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू की गई है, ताकि कम बारिश वाले इलाकों में खरीफ की फसल बचाई जा सके. एक एकड़ की एक सिंचाई के लिए औसतन 10 लीटर डीजल माना गया है, यानी किसान को हर सिंचाई पर ₹750 प्रति एकड़ तक की मदद मिलेगी.
किसे मिलेगा कितना अनुदान?
फसल के हिसाब से अनुदान की सीमा अलग-अलग रखी गई है. धान की बिचड़ा यानी नर्सरी और जूट के लिए अधिकतम 2 सिंचाई पर ₹1,500 प्रति एकड़ तक अनुदान मिलेगा. वहीं रोपाई वाले धान, मक्का, दलहनी, तिलहनी, मौसमी सब्जी और औषधीय-सुगंधित पौधों समेत बाकी खरीफ फसलों के लिए अधिकतम 3 सिंचाई पर ₹2,250 प्रति एकड़ तक की मदद तय की गई है.
खास बात ये है कि एक किसान परिवार को अधिकतम 8 एकड़ तक ही योजना का लाभ मिलेगा, और परिवार के सिर्फ एक ही सदस्य को अनुदान दिया जाएगा. यानी अगर कोई किसान पूरी सीमा तक लाभ लेता है, तो उसे ज़्यादा से ज़्यादा ₹18,000 तक की राशि मिल सकती है.
| फसल | अधिकतम सिंचाई | अधिकतम अनुदान (प्रति एकड़) |
|---|---|---|
| धान बिचड़ा (नर्सरी) व जूट | 2 सिंचाई | ₹1,500 |
| रोपाई धान, मक्का, दलहनी, तिलहनी, सब्जी | 3 सिंचाई | ₹2,250 |
| अधिकतम संभव लाभ (8 एकड़) | 3 सिंचाई | ₹18,000 |
कौन-कौन से किसान होंगे पात्र?
बिहार के सभी रैयत यानी अपनी ज़मीन वाले किसान और गैर-रैयत यानी बटाईदार किसान, दोनों इस योजना के लिए पात्र हैं. हालांकि शर्त यह है कि किसान डीजल चालित पंपसेट से ही सिंचाई कर रहा हो.
इसके अलावा किसान के पास कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर 13 अंकों का पंजीकरण नंबर होना ज़रूरी है, और बैंक खाता आधार से लिंक्ड होना चाहिए. एक शर्त यह भी है कि डीजल सिर्फ बिहार राज्य के अंदर पंजीकृत पेट्रोल पंप से ही खरीदा गया हो, राज्य के बाहर से खरीदा गया डीजल मान्य नहीं होगा.
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
आवेदन के लिए कंप्यूटराइज्ड या डिजिटल डीजल रसीद देनी होगी, हाथ से लिखी रसीद स्वीकार नहीं की जाएगी. रसीद पर किसान का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान होना अनिवार्य है, साथ ही रसीद पर किसान के 13 अंकों के पंजीकरण नंबर के अंतिम 10 अंक भी अंकित होने चाहिए.
रैयत किसानों को लगान रसीद अपलोड करनी होगी, वहीं बटाईदार किसानों को मुखिया या वार्ड सदस्य जैसे स्थानीय प्रतिनिधि और कृषि समन्वयक से सत्यापन कराना होगा. सिंचाई का जियो-टैग्ड फोटो भी अपलोड करना ज़रूरी है, और कृषि समन्वयक की भौतिक जांच के बाद ही राशि जारी की जाएगी.
- कंप्यूटराइज्ड डीजल रसीद ज़रूरी, हाथ से लिखी मान्य नहीं
- रसीद पर हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान अनिवार्य
- रसीद पर पंजीकरण नंबर के 10 अंक दर्ज होने चाहिए
- सिंचाई का जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करना अनिवार्य
- एक बार में सिर्फ एक ही सिंचाई के लिए आवेदन संभव
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

किसानों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाना होगा, या फिर बिहार कृषि ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर किसान के पास 13 अंकों का पंजीकरण नंबर पहले से नहीं है, तो पहले वहीं पंजीकरण कराना होगा.
इसके बाद “डीजल अनुदान” सेक्शन में जाकर फसल, सिंचित क्षेत्र और सिंचाई की संख्या भरनी होगी, साथ ही डीजल की रसीद और जियो-टैग्ड फोटो भी अपलोड करनी होगी. आवेदन की स्थिति जानने या किसी भी मदद के लिए किसान प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक या किसान सलाहकार से संपर्क कर सकते हैं.
कब तक खरीदा गया डीजल होगा मान्य?
योजना के तहत 17 अगस्त 2026 के आसपास आवेदन शुरू होने की तारीख के बाद और 30 अक्टूबर 2026 तक खरीदा गया डीजल ही मान्य माना जाएगा. यानी इस तय समय-सीमा के बाहर खरीदा गया डीजल अनुदान के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा.
मधुबनी के रहिका प्रखंड के किसानों ने इस योजना को राहत भरा बताया है. किसानों का कहना है कि इस बार बारिश समय पर नहीं हुई, जिससे बोरिंग के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है, और ₹750 प्रति एकड़ मिलने से 8 से 10 लीटर डीजल का खर्च आसानी से निकल जाएगा. सब्जी उत्पादक किसानों ने भी 3 सिंचाई तक की सुविधा को फायदेमंद बताया है.
अब आगे किसानों को क्या करना चाहिए?
चूंकि आवेदन की समय-सीमा 30 अक्टूबर 2026 तक ही तय है, इसलिए जिन किसानों की सिंचाई डीजल पंप से हो रही है, उन्हें जल्द से जल्द रसीद और दस्तावेज़ तैयार रखकर आवेदन करना फायदेमंद रहेगा. आवेदन प्रक्रिया, पंजीकरण या सत्यापन से जुड़ी किसी भी अड़चन की स्थिति में स्थानीय कृषि कार्यालय से संपर्क करना ही सबसे बेहतर रास्ता होगा.
“Bihar Diesel Anudan Yojana” से संबंधित सवाल और उनके जवाब (FAQs):
बिहार डीजल अनुदान योजना में कितना पैसा मिलेगा?
इस योजना में ₹75 प्रति लीटर की दर से अनुदान मिलेगा, जो एक एकड़ की एक सिंचाई पर करीब ₹750 बैठता है. फसल के हिसाब से एक किसान परिवार को अधिकतम ₹18,000 तक का लाभ मिल सकता है.
डीजल अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
किसानों को dbtagriculture.bihar.gov.in वेबसाइट या बिहार कृषि ऐप पर जाकर “डीजल अनुदान” सेक्शन में आवेदन करना होगा. इसमें फसल, सिंचित क्षेत्र, डीजल रसीद और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करनी होती है.
इस योजना के लिए कौन-कौन किसान पात्र हैं?
बिहार के सभी रैयत और बटाईदार किसान पात्र हैं, बशर्ते वे डीजल चालित पंपसेट से सिंचाई कर रहे हों. किसान के पास 13 अंकों का DBT पंजीकरण नंबर और आधार से लिंक्ड बैंक खाता होना ज़रूरी है.
कितनी सिंचाई तक अनुदान मिलेगा?
धान की नर्सरी और जूट के लिए अधिकतम 2 सिंचाई तक ₹1,500 प्रति एकड़, जबकि धान, मक्का जैसी बाकी फसलों के लिए 3 सिंचाई तक ₹2,250 प्रति एकड़ अनुदान मिलेगा. एक किसान परिवार को अधिकतम 8 एकड़ तक ही लाभ मिलेगा.
डीजल अनुदान योजना कब तक लागू रहेगी?
यह योजना 17 अगस्त 2026 से शुरू होकर 30 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी. इस अवधि में खरीदा गया डीजल ही अनुदान के लिए मान्य माना जाएगा.










