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रसोई का बजट बिगड़ा: मार्च 2026 में घरेलू LPG सिलेंडर 60 तो कमर्शियल 115 रुपये हुआ महंगा, जाने नए रेट

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नई दिल्ली | अगर आप हर महीने रसोई गैस सिलेंडर बुक करते हैं, तो इस बार बिल देखकर थोड़ा झटका जरूर लगेगा। 7 मार्च 2026 की सुबह से इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम इन तीनों सरकारी तेल कंपनियों ने एक साथ घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी कर दी। राजधानी दिल्ली में अब 14.2 किलोग्राम का गैस सिलेंडर ₹853 की जगह ₹913 में मिलेगा। यह कीमत अगस्त 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। कमर्शियल सिलेंडर (19 किग्रा) के दाम भी ₹115 बढ़ाए गए हैं।

मुख्य बातें एक नज़र में

  • घरेलू LPG (14.2 किग्रा): ₹60 महंगा — दिल्ली में अब ₹913
  • कमर्शियल LPG (19 किग्रा): ₹115 महंगा — दिल्ली में अब ₹1,883
  • वजह: मध्य-पूर्व युद्ध, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बाधा, रुपये में गिरावट
  • PMUY लाभार्थियों को ₹300 सब्सिडी जारी रहेगी
  • पेट्रोल-डीज़ल फिलहाल स्थिर, लेकिन आगे बढ़ोतरी संभव

आखिर क्यों बढ़े LPG के दाम? जानिए असली वजह

इस बढ़ोतरी की जड़ें मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध में हैं। अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य जिससे दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और गैस आयात करता है- से आपूर्ति बाधित हो गई है। भारत अपनी LPG जरूरत का 75 से 80 फीसदी हिस्सा आयात करता है, जिसमें से अधिकांश इसी रास्ते से आता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत फरवरी के अंत से अब तक करीब 20 फीसदी से ज्यादा उछलकर 87 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई है। इसके अलावा, रुपये पर भी दबाव बना है। हाल ही में रुपया डॉलर के मुकाबले 92.31 के ऐतिहासिक निचले स्तर तक गिरा था। जब रुपया कमजोर होता है, तो आयात महंगा हो जाता है और सीधे असर रसोई गैस की कीमतों पर पड़ता है।

आपके शहर में कितना महंगा हुआ सिलेंडर? देखें पूरी लिस्ट

Gas Cylinder New Rate: 7 मार्च 2026 से लागू नई कीमतें इस प्रकार हैं:

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दिल्ली: पहले ₹853  →  अब ₹913

मुंबई: पहले ₹852.50  →  अब ₹912.50

कोलकाता: पहले ₹879  →  अब ₹939

चेन्नई: पहले ₹868.50  →  अब ₹928.50

बेंगलुरु: पहले ₹865.50  →  अब ₹925.50

होटल-रेस्तरां वाले हुए परेशान, कमर्शियल गैस ₹115 महंगी

घरेलू सिलेंडर से भी ज्यादा मार कमर्शियल उपभोक्ताओं पर पड़ी है। 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹115 की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में यह सिलेंडर अब ₹1,883 का पड़ेगा। जनवरी 2026 से अब तक कमर्शियल गैस ₹302 से ज्यादा महंगी हो चुकी है। ढाबा, होटल, बेकरी और रेस्तरां चलाने वालों की परेशानी बढ़ना तय है। जानकार मान रहे हैं कि इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी जल्द दिखेगा।

7 मार्च 2026 से लागू नई कीमतें इस प्रकार हैं:

दिल्ली: पहले ₹1768.50  →  अब ₹1883

मुंबई: पहले ₹1720.50  →  अब ₹1835

कोलकाता: पहले ₹1875.50  →  अब ₹1990

चेन्नई: पहले ₹1929  →  अब ₹2043.50

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलती रहेगी सब्सिडी

जिन परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत कनेक्शन मिला है, उन्हें प्रति सिलेंडर ₹300 की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलती रहेगी। यह सुविधा साल में 12 सिलेंडर तक है। देशभर में करीब 10.5 करोड़ PMUY लाभार्थी हैं, जिनके लिए यह बढ़ोतरी पहले की तुलना में कम चुभेगी। हालांकि जो परिवार इस योजना में नहीं हैं, उन्हें पूरी नई कीमत चुकानी होगी।

सरकार का आश्वासन: कमी नहीं होगी सप्लाई की

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सुचारू बनी रहेगी। सरकार ने सभी रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, मध्य-पूर्व पर निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका से LPG आयात भी शुरू किया जा रहा है। फिलहाल देश के पास 25 से 30 दिनों का LPG भंडार है।

आम आदमी की जेब पर असर: विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मध्य-पूर्व का संकट खत्म नहीं होता, गैस कीमतों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता। वित्त मंत्रालय ने भी अपनी मासिक रिपोर्ट में चेताया है कि ऊर्जा कीमतों में उछाल से आयातित महंगाई बढ़ेगी और रुपये पर और दबाव आ सकता है, जो देश की मुद्रास्फीति की तस्वीर को जटिल बना सकता है।

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की कुल LPG खपत 3.13 करोड़ टन थी, जबकि घरेलू उत्पादन केवल 1.28 करोड़ टन रहा। यानी हम हर साल आधे से ज्यादा LPG बाहर से खरीदते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार का हर झटका सीधे हमारी रसोई तक पहुंचता है।

क्या पेट्रोल-डीज़ल भी होगा महंगा? जानें पूरा सच

फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीज़ल ₹87.67 प्रति लीटर पर स्थिर है। विश्लेषकों का कहना है कि पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें तुरंत नहीं बदलतीं — ये कुछ दिनों या हफ्तों की देरी से प्रतिक्रिया देती हैं। लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले हफ्तों में तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की जा सकती है।

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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