हाइलाइट्स
- दिल्ली में CNG 3.89 रुपये महंगी होकर 86.98 रुपये प्रति किलो.
- नोएडा-गाजियाबाद में नया रेट 95.59 रुपये प्रति किलो हुआ.
- इस साल पांचवीं बार और मई के बाद पहली बार बढ़े दाम.
- मई में CNG के दाम 6 रुपये प्रति किलो तक बढ़े थे.
CNG Price Hike: दिल्ली-NCR में सफर करना आज से थोड़ा महंगा हो गया है. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलो का इजाफा किया है, जो 29 अगस्त शनिवार से लागू हो गया है. दिल्ली में अब 1 किलो CNG के लिए 86.98 रुपये चुकाने होंगे. नोएडा और गाजियाबाद में यह रेट 95.59 रुपये प्रति किलो हो गया है.
बढ़ोतरी सिर्फ दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं है. मेरठ, गुड़गांव और रेवाड़ी में भी नई दरें लागू हो गई हैं, और हर शहर में रेट अलग-अलग है.
किस शहर में कितना हुआ CNG का दाम
नई कीमतों का असर पूरे नेशनल कैपिटल रीजन में एक जैसा नहीं है. शहर के हिसाब से रेट में फर्क साफ दिख रहा है.
| शहर | नया रेट (प्रति किलो) |
|---|---|
| दिल्ली | ₹86.98 |
| नोएडा व गाजियाबाद | ₹95.59 |
| मेरठ | ₹95.47 |
| गुड़गांव (गुरुग्राम) | ₹92.01 |
| रेवाड़ी | ₹91.59 |
खास बात ये है कि दिल्ली अब भी NCR के बाकी शहरों के मुकाबले सबसे सस्ती पड़ रही है. नोएडा-गाजियाबाद और दिल्ली के बीच करीब 8.61 रुपये प्रति किलो का फर्क बना हुआ है.
ईरान-अमेरिका तनाव के चलते बढ़े सीएनजी के रेट
इसकी वजह ये है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है. IGL के मुताबिक इस तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए LNG कार्गो की आवाजाही प्रभावित हुई है.
इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है. IGL के अनुसार इसी वजह से वैश्विक स्पॉट LNG की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं. वहीं सर्दियों से पहले यूरोप में बढ़ती मांग ने भी गैस की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाला है.
IGL का दावा- कीमतें अब भी सबसे कम
कंपनी का कहना है कि उसने ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल से काफी हद तक बचाने की कोशिश की है. IGL के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद दिल्ली में CNG की खुदरा कीमतें अब भी गैस आयात करने वाले अन्य देशों के मुकाबले दुनिया में सबसे कम बनी हुई हैं.
कंपनी ने यह भी कहा कि रणनीतिक तरीके से गैस की खरीद और कीमतों में नियंत्रित बदलाव के जरिए घरेलू बाजार ने दैनिक यात्रियों, सार्वजनिक परिवहन संचालकों और कीमत के प्रति संवेदनशील वाहन मालिकों को वैश्विक ऊर्जा संकट के पूरे असर से काफी हद तक बचाया है.
किन वाहनों पर पड़ेगा सीधा असर
CNG का इस्तेमाल सिर्फ निजी कारों तक सीमित नहीं है. इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन के बेड़े में भी होता है.
- रोजाना सफर करने वाले ऑटो-टैक्सी चालकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा.
- निजी CNG कार मालिकों का महीने का ईंधन खर्च बढ़ेगा.
- सार्वजनिक परिवहन ऑपरेटरों के लिए ऑपरेटिंग कॉस्ट में इजाफा होगा.
- किराया बढ़ाने का दबाव आगे चलकर बन सकता है, हालांकि इस पर फिलहाल कोई ऐलान नहीं है.
बता दें कि कंपनी ने कहा है कि वह CNG को किफायती, स्वच्छ और भरोसेमंद ईंधन बनाए रखने के लिए गैस की खरीद लागत को अनुकूलित करने पर लगातार काम कर रही है.
इस साल कब-कब बढ़े CNG के दाम?
यह इस साल की पांचवीं बढ़ोतरी है. मई के बाद यह पहला मौका है जब CNG के दाम बढ़ाए गए हैं.
दरअसल मई में भी सीएनजी के दाम 6 रुपये प्रति किलो तक चढ़े थे. यानी बीते कुछ महीनों में यह भाव स्थिर रहने के बाद अब दोबारा ऊपर गया है. दो बढ़ोतरियों को जोड़कर देखें तो इस साल की कुल तेजी करीब 10 रुपये प्रति किलो के आसपास बैठती है.
आगे कीमतें और बढ़ेंगी या राहत मिलेगी?
आगे की दिशा पश्चिम एशिया के हालात पर टिकी है. अगर अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ता है या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से LNG की आवाजाही और बाधित होती है, तो वैश्विक कीमतों पर दबाव बना रहेगा. वहीं सर्दियों में यूरोप की मांग भी अगले कुछ महीने असर डालती रहेगी. IGL अगली बार दाम कब और कितने बढ़ाएगी या घटाएगी, इसे लेकर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता.










