क्या बासमती धान ₹5000 प्रति क्विंटल के स्तर को छू पायेगा, देखें तेजी मंदी की लेटेस्ट रिपोर्ट

बासमती धान तेजी-मंदी न्यूज़ रिपोर्ट – हरियाणा पंजाब की अनाज मंडियों में धान (पैडी) की आवक बढ़ गई है । पिछले हफ्ते शुरूआती 2 दिनों में धान की कीमतों गिरावट दर्ज की गई हालांकि लास्ट के 3 दिनों में धान की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिली । आइये जाने ! क्या 5000 हो सकता है बासमती का भाव ?

बासमती धान का ताजा भाव

अगर बात करें हरियाणा की धान मंडियों में तो शनिवार 27 नवंबर को पिहोवा मंडी में बासमती धान का प्राइस 4181 रूपये प्रति क्विंटल , गोहाना मंडी में 4152 रुपये, निगदू मंडी बासमती धान भाव 4236 रुपये, पुंडरी मंडी बासमती धान रेट 4253 रुपये, कैथल बासमती पैडी रेट 4180 रुपये, मदलोडा मण्डी बासमती 4251 रुपये और पिल्लू खेड़ा मंडी बासमती 4192 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका । दूसरी तरफ पंजाब की मंडियों में बासमती धान का प्राइस क्वालिटी अनुसार 3800 से 4050 रुपये के आसपास करोबार कर रहा है ।

पिछले हफ्ते 23 नवंबर को पुंडरी मंडी में बासमती धान का अधिकतम भाव 4530 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुँच गया था . जिसके बाद कीमतों में एक बार फिर 200 से 300 रुपये तक की गिरावट के साथ भाव 4200 से 4300 रुपये तक पहुँच गये .

बासमती चावल डिमांड बढ़ने से कीमतों में आई तेजी

राइस मिलरों के मुताबिक बासमती धान की कीमतों में आई तेजी का कारण यूरोपियन देशों में बासमती चावल की डिमांड बढ़ना बताया जा रहा है . इसके अलावा मिडिल ईस्ट के देशों में भी इस बार बासमती राइस की अच्छी डिमांड बताई जा रही है . साथ ही कोरोना संकट के कारण भविष्य में फिर से कोई अनिश्चितता ना पैदा हो इसके लिए लगभग सभी देश ज्यादा से ज्यादा अनाज का स्टॉक करना चाह रहे है .

धान की कीमतों में बढ़ोतरी का एक अन्य कारण अक्टूबर महीने के आखिर में हुई तेज बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान होना भी है. इस बारिश से धान के उत्पादन में 15 से 20 फीसदी तक की गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है.

जानकारी के लिए आपको बता दें कि भारत से तकरीबन 150 देशों में बासमती चावल निर्यात (एक्सपोर्ट) किया जाता है. भारत में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बासमती धान की खेती सबसे अधिक की जाती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, बरेली सभी जिलों में बासमती चावल पैदा किया जाता है.

ईरान से आई एक अच्छी खबर

ईरान ने तय समय से कुछ दिन पहले ही चावल के आयात पर मौसमी प्रतिबंध हटा लिया है. ISNA के अनुसार, चावल की फसल के मौसम की समाप्ति और बंदरगाहों में कार्गो के लिए असंतोषजनक भंडारण स्थान के कारण प्रतिबंध हटा लिया गया है.

जाने ! आने वाले दिनों में क्या रहेंगे धान के भाव?

बासमती धान भाव भविष्य 2021-22 तेजी मंदी रिपोर्ट: धान के उत्पादन , डिमांड और कीमतों के विश्लेष्ण से पता चलता है की अभी आने वाले दिनों में बासमती धान में बड़ी मंदी आने की कोई सम्भावना नही है । हालांकि उत्पादन और डिमांड को देखते हुए कीमतों में और भी तेजी आने की सम्भावना है ।

नोट: किसान और व्यापारी भाइयों से अनुरोध है की वो किसी भी प्रकार का व्यापार अपने स्वयम के विवेक से करें और धान खरीदने और बेचने से पहले एक बार सम्बन्धित कृषि उपज मंडी में भाव की पुष्टि अवश्य कर लें ।

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