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राजस्थान पंचायतीराज चुनाव का ऐलान 3 अक्टूबर को होगा… 1.69 लाख प्रतिनिधि चुने जाएंगे

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हाइलाइट्स

  • राज्य निर्वाचन आयोग 3 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे चुनाव कार्यक्रम का ऐलान करेगा.
  • इन चुनावों में कुल 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे.
  • 14403 ग्राम पंचायतों में 7200 महिला सरपंच और 65 हजार महिला वार्ड पंच बनेंगी.
  • घोषणा के साथ ग्रामीण इलाकों में करीब दो महीने आचार संहिता रह सकती है.

Panchayat Election in Rajasthan 2026 Date : राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों के कार्यक्रम का ऐलान शनिवार, 3 अक्टूबर को होगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. इन चुनावों में 1.69 लाख नए जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे और घोषणा होते ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लागू हो जाएगी.

असल में गांव की सरकार के लिए यह राजस्थान का सबसे बड़ा चुनावी मौका है. सरपंच से लेकर जिला परिषद सदस्य तक, हर स्तर पर वोटिंग होनी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव चार फेज में हो सकते हैं. हालांकि तारीखें आयोग की घोषणा के बाद ही साफ होंगी.

कितने पदों के लिए होंगे चुनाव?

इस बार जिला परिषद के 1403 और पंचायत समिति के 8245 सदस्य चुने जाएंगे. इनके अलावा 14403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और उपसरपंच के चुनाव होंगे. वार्ड पंचों के कुल 1,30,584 पद हैं. यानी गांव से जिले तक पूरा ढांचा नए सिरे से बनेगा.

पदसंख्या
जिला परिषद सदस्य1403
पंचायत समिति सदस्य8245
ग्राम पंचायत (सरपंच)14403
वार्ड पंच1,30,584
जिला प्रमुख41
पंचायत समितियां (प्रधान)457

जिला परिषद सदस्य मिलकर 41 जिला प्रमुख चुनेंगे. वहीं पंचायत समिति सदस्य 457 समितियों में प्रधान का चुनाव करेंगे.

वोटिंग बैलेट से होगी या ईवीएम से?

सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे. पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए वोटिंग ईवीएम से कराई जाएगी. यानी एक ही गांव का मतदाता अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग तरीके से वोट डालेगा.

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अब सवाल ये है कि चार फेज में चुनाव कैसे बंटेंगे. इसकी जानकारी आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही मिलेगी.

आचार संहिता से क्या बदल जाएगा?

आयोग के ऐलान के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लग जाएगी. यह करीब दो महीने तक लागू रह सकती है. इस दौरान नई घोषणाओं और योजनाओं पर आयोग की नजर रहेगी.

एक बड़ा असर सरकारी कर्मचारियों पर पड़ेगा. आचार संहिता के साथ ही तबादलों पर पाबंदी लग जाएगी. दो महीने की यह रोक चुनाव निपटने तक चल सकती है.

महिलाओं को कितनी हिस्सेदारी मिलेगी?

पंचायतीराज चुनावों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण है. 14403 ग्राम पंचायतों में 7200 सरपंच महिलाएं होंगी. वार्ड पंचों के 1,30,584 पदों में से 65 हजार पर महिलाएं चुनी जाएंगी. आंकड़े आधे के बहुत करीब बैठते हैं.

ऊपरी स्तर पर भी यही तस्वीर है. 41 में से 20 जिलों में महिला जिला प्रमुख होंगी, जिनमें बीकानेर संभाग के सभी जिले शामिल हैं. वहीं 457 में से 221 पंचायत समितियों में महिला प्रधान बनेंगी. जयपुर और जोधपुर में 11-11 महिला प्रधान होंगी.

किस वर्ग के लिए कितने पद आरक्षित?

सरपंच के पदों में एसटी के लिए 3058, एससी के लिए 2493 और ओबीसी के लिए 1961 पद आरक्षित हैं. खास बात ये है कि बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में सरपंच के सभी 1253 पद एसटी के लिए रिजर्व हैं.

वार्ड पंचों में 21,962 वार्ड एससी, 19,117 एसटी और करीब 15 हजार वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित किए गए हैं. इन्हीं चार जिलों में प्रधान का पद भी सिर्फ एसटी वर्ग को मिलेगा.

बीजेपी और कांग्रेस की परीक्षा कितनी बड़ी?

यह चुनाव सरकार और विपक्ष, दोनों के लिए सियासी चुनौती है. गांवों में आम तौर पर कांग्रेस आगे रहती आई है. ऐसे में सत्ताधारी बीजेपी के सामने पंचायत समितियों और जिला परिषदों में कांग्रेस से ज्यादा वार्ड जीतने की चुनौती है.

बीजेपी ने इस बार विधानसभा चुनाव की तर्ज पर माइक्रो मैनेजमेंट की रणनीति बनाई है. निकाय चुनाव की तरह इसकी असली परीक्षा अब पंचायत चुनाव में होगी. यानी गांव का नतीजा दोनों दलों की छवि तय करेगा.

वार्ड की जीत क्यों सबसे अहम?

प्रधान और जिला प्रमुख के चुनाव में जोड़-तोड़ चल सकता है. मगर असली परसेप्शन इससे बनेगा कि जिला परिषदों और पंचायत समितियों में किस दल ने ज्यादा वार्ड जीते. वजह साफ है. जिला परिषद सदस्य मिलकर जिला प्रमुख चुनते हैं और पंचायत समिति सदस्य मिलकर प्रधान.

अभी वोटिंग की तारीखें, फेज का बंटवारा और नतीजों की डेट सामने नहीं आई हैं. आचार संहिता कितने दिन चलेगी, यह भी आयोग की घोषणा पर निर्भर करेगा. कल यानी शनिवार 3 अक्टूबर की दोपहर 3 बजे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तस्वीर साफ हो जाएगी.

“राजस्थान पंचायतीराज चुनाव” से संबंधित पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQ):

राजस्थान पंचायतीराज चुनाव की घोषणा कब होगी?

घोषणा शनिवार, 3 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे होगी. राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. इसी में चुनाव कार्यक्रम बताया जाएगा और ऐलान के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता भी लागू हो जाएगी.

राजस्थान में पंचायत चुनाव कितने फेज में होंगे?

चुनाव चार फेज में हो सकते हैं. यह अभी संभावना है, आधिकारिक कार्यक्रम आयोग की घोषणा के बाद ही सामने आएगा. सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव बैलेट से होंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों का चुनाव ईवीएम से होगा.

पंचायत चुनाव में कितने जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे?

कुल 1.69 लाख नए जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे. इनमें 1403 जिला परिषद सदस्य, 8245 पंचायत समिति सदस्य और 14403 ग्राम पंचायतों के सरपंच-उपसरपंच शामिल हैं. वार्ड पंचों के 1,30,584 पदों पर भी चुनाव होगा.

राजस्थान में कितनी महिला सरपंच बनेंगी?

राजस्थान में 14403 ग्राम पंचायतों में से 7200 पर महिला सरपंच बनेंगी. इसके अलावा 1,30,584 वार्ड पंचों में से 65 हजार महिलाएं होंगी. पंचायतीराज चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया है.

आचार संहिता कब तक लागू रहेगी और क्या असर होगा?

आचार संहिता करीब दो महीने तक लागू रह सकती है. यह घोषणा के साथ ही ग्रामीण इलाकों में लग जाएगी. इस दौरान तबादलों पर पाबंदी रहेगी. सटीक अवधि चुनाव कार्यक्रम और नतीजों की तारीख पर निर्भर करेगी.

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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