हाइलाइट्स
- 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट पर लागत का 50% तक अनुदान मिलेगा.
- अधिकतम अनुदान 11.80 लाख रुपये तय किया गया है.
- आवेदक के पास पशुपालन का कम से कम 3 साल का अनुभव जरूरी है.
- करीब 0.20 एकड़, यानी 8,712 वर्ग फुट जमीन की जरूरत होगी.
Mini Nandini Yojana: उत्तर प्रदेश के किसानों को 10 देसी गायों की डेयरी शुरू करने पर सरकार लागत का 50% तक अनुदान देगी. ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ में अधिकतम अनुदान 11.80 लाख रुपये है. लाभ के लिए पशुपालन का कम से कम 3 साल का अनुभव और करीब 0.20 एकड़ जमीन चाहिए. आवेदन ऑनलाइन होगा.
यह योजना नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत चल रही है. मकसद प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाना है. साथ ही ज्यादा से ज्यादा किसानों को पशुपालन से जोड़ना है. डेयरी खोलने का शुरुआती खर्च भारी पड़ता है, इसलिए यह अनुदान बड़ी राहत बन सकता है.
मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के मुख्य बिंदु
| मुख्य बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना। |
| योजना का उद्देश्य | प्रदेश में उच्च उत्पादन क्षमता वाले गोवंश का संवर्धन करना। |
| योजना का क्षेत्र | योजना प्रदेश के सभी जनपदों में लागू है। |
| महिला पशुपालकों के लिए प्रावधान | योजना में 50% महिला पशुपालकों/दुग्ध उत्पादकों को लाभान्वित किया जाएगा। |
| इकाई का आकार | 10 गाय की इकाई स्थापित की जाएगी, जिसमें साहीवाल, गिर और थारपारकर प्रजाति की गाय शामिल होंगी। |
| परियोजना लागत | 10 गाय की इकाई की कुल परियोजना लागत ₹23.60 लाख निर्धारित है। |
| अनुदान | परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹11.80 लाख तक अनुदान मिलेगा। |
| अनुदान की किस्तें | अनुदान 2 चरणों में दिया जाएगा। प्रत्येक चरण में इकाई लागत का 25% अनुदान देय होगा। |
| लाभार्थी अंश | इकाई स्थापना में लाभार्थी का अंश 15% होगा। |
| बैंक ऋण | परियोजना लागत का 35% बैंक ऋण के माध्यम से लिया जा सकता है। |
| स्वयं के धन से इकाई स्थापना | बैंक ऋण के स्थान पर लाभार्थी अपने वित्तीय संसाधनों से इकाई स्थापित कर सकता है। इसके लिए बैंक खाते में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होना जरूरी है। |
| बैंक स्टेटमेंट | स्वयं के धन से इकाई स्थापित करने वाले लाभार्थी को न्यूनतम 6 माह के बैंक स्टेटमेंट की सत्यापित प्रति देनी होगी। |
| प्रथम चरण का अनुदान | आधारभूत संरचना तैयार करने के बाद इकाई लागत का 25% अनुदान दिया जाएगा। |
| द्वितीय चरण का अनुदान | गायों की खरीद के बाद इकाई लागत का 25% अनुदान दिया जाएगा। |
| गाय की खरीद | गायों की खरीद प्रदेश के बाहर से, यथासंभव ब्रीडिंग ट्रैक्ट से की जानी होगी। |
| ईयर टैग व बीमा | खरीदे गए गोवंश का ईयर टैग और बीमा कराना अनिवार्य होगा। |
| गाय की उम्र/ब्यात | खरीदी जाने वाली गाय प्रथम या द्वितीय ब्यात की होनी चाहिए और उसका ब्यात 45 दिन से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। |
| पशुपालन का अनुभव | आवेदक के पास गोपालन या महिष पालन का कम से कम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए। अनुभव का प्रमाण मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा किया जाएगा। |
| भूमि की आवश्यकता | इकाई स्थापना के लिए लगभग 0.20 एकड़ यानी 8,712 वर्ग फुट भूमि आवश्यक होगी। |
| हरे चारे की व्यवस्था | लाभार्थी को पर्याप्त हरे चारे की व्यवस्था करनी होगी तथा वर्षभर स्थानीय चारा किसानों/आपूर्तिकर्ताओं से अनुबंध के माध्यम से चारा उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। |
| एफिडेविट | भूमि, हरे चारे के प्रबंधन और वर्षभर चारा उपलब्धता के संबंध में लाभार्थी से एफिडेविट लिया जाएगा। |
| अपात्र लाभार्थी | पूर्व में कामधेनु, मिनी/माइक्रो कामधेनु, नन्द बाबा दुग्ध मिशन की नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना या मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। |
| आवेदन प्रक्रिया | योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन किए जाएंगे। |
| ई-लॉटरी | आवेदन अधिक होने पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लॉटरी से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। |
| अनुदान भुगतान | अनुदान की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से सीधे भेजी जाएगी। |
योजना में कितना पैसा मिलेगा?
डेयरी शुरू करने की कुल लागत का आधा हिस्सा, यानी 50% तक, सरकार अनुदान के रूप में देगी. इसकी ऊपरी सीमा 11.80 लाख रुपये है. यानी अनुदान की रकम लागत पर निर्भर करेगी, पर इससे ज्यादा नहीं मिलेगी.
एक उदाहरण से समझें. अगर यूनिट की लागत 23.60 लाख रुपये बैठे, तो 50% यानी 11.80 लाख का अनुदान बनेगा.
किसे मिलेगा योजना का फायदा?
इसका लाभ हर किसान को सीधे नहीं मिलेगा. शर्तें साफ हैं.
- गोपालन या पशुपालन का कम से कम 3 साल का अनुभव.
- डेयरी यूनिट और हरे चारे के लिए करीब 0.20 एकड़ जमीन.
- गायों के रहने के लिए सही जगह और शेड.
- चारे और पशुओं की देखभाल का इंतजाम.
खास बात ये है कि जमीन की शर्त में हरे चारे की व्यवस्था भी शामिल है. यानी सिर्फ शेड बनाने भर की जगह काफी नहीं होगी.
कौन से किसान आवेदन नहीं कर पाएंगे?
जिन किसानों ने पहले कामधेनु योजना का लाभ लिया है, वे इसके लिए पात्र नहीं हैं. यही नियम नन्द बाबा दुग्ध मिशन की दूसरी पुरानी योजनाओं पर भी लागू है. ऐसे किसान आवेदन नहीं कर सकेंगे.
इसलिए अप्लाई करने से पहले अपनी पात्रता जांच लें. पहले किसी योजना से लाभ लिया हो तो इसकी जानकारी कृषि या पशुपालन विभाग से कन्फर्म कर लें.
आवेदन के लिए कौन से कागज चाहिए?
कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे. इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, जमीन की खतौनी और मोबाइल नंबर प्रमुख हैं.
ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?
किसान नन्द बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल nandbabadugdhmission.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
योजना का लाभ कैसे मिलेगा ?
आवेदनों की संख्या अधिक होने की स्थिति में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से चयन किया जायेगा।










