जयपुर : राजस्थान (Rajasthan Weather Alert) में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ 26 जनवरी से सक्रिय हो गया है, जिसका सबसे तेज प्रभाव 27 जनवरी को देखने को मिलेगा। इस दौरान प्रदेश के कई संभागों में मेघगर्जन के साथ बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है, जिसमें 11 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 12 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा राजस्थान का मौसम
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक मौसमी सिस्टम है जो राजस्थान में बारिश और बदलाव लाता है। मौसम विभाग के अनुसार यह विक्षोभ 26 जनवरी से सक्रिय हो चुका है, लेकिन इसका पूरा असर 27 जनवरी को दिखेगा। इस दौरान बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग के कुछ भागों में मौसम बदलने की पूरी संभावना है।
इन क्षेत्रों में तीव्र मेघगर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। साथ ही कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। यह सिस्टम इस साल का पहला बड़ा पश्चिमी विक्षोभ है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है।

ऑरेंज अलर्ट: इन 11 जिलों में रहेगा सबसे बड़ा खतरा
27 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ का सबसे अधिक प्रभाव निम्नलिखित जिलों में रहेगा, जिनके लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट (orange alert Rajasthan) जारी किया है:
- जयपुर
- दौसा
- अलवर
- भरतपुर
- धौलपुर
- करौली
- सवाई माधोपुर
- सीकर
- झुंझुनूं
- चूरू
- हनुमानगढ़
- बीकानेर
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि इन जिलों में मौसम हल्का से मध्यम नहीं, बल्कि तेज बदलाव के साथ भारी बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का खतरा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों का खास ख्याल रखें और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
येलो अलर्ट: इन 12 जिलों में रहेगी सतर्कता
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अलावा, मौसम विभाग ने 12 अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट (yellow alert Rajasthan) जारी किया है: जिसका असर प्रदेश के जिन जिलों में देखने को मिलेगा वो निम्न प्रकार है…
- अजमेर
- टोंक
- बूंदी
- भीलवाड़ा
- राजसमंद
- चित्तौड़गढ़
- कोटा
- बारां
- झालावाड़
- नागौर
- पाली
येलो अलर्ट का मतलब है कि इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ गरज और तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि ओलावृष्टि की संभावना यहां कम है, लेकिन मौसम में अचानक बदलाव हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बाहर निकलते समय सतर्क रहें और जरूरी सामान संभाल कर रखें।
किसानों और आम लोगों के लिए खास सलाह
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए, किसानों को तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। अगर आपके खेतों में तैयार फसल खड़ी है, तो उसे तेज हवा और ओलावृष्टि से बचाने के इंतजाम करें। खेती का उपकरण और अन्य सामान को ढककर रखें। आम लोगों को सलाह है कि 27 जनवरी को जरूरी काम हो तो सुबह तक निपटा लें। दोपहर बाद मौसम बिगड़ सकता है। जो लोग लंबी यात्रा पर जाने वाले हैं, वे मौसम अपडेट लेते रहें और सुरक्षित रूट चुनें।
इस बारिश से फायदा या नुकसान?
जहां एक तरफ ऑरेंज और येलो अलर्ट से किसानों में चिंता है, वहीं राज्य के जल स्तर को देखें तो इस बारिश से कुछ फायदा भी हो सकता है। राजस्थान के कई हिस्से सूखे की स्थिति से जूझ रहे हैं। इस बारिश से भूजल स्तर में सुधार और जलाशयों को भरने में मदद मिल सकती है।
लेकिन अगर ओलावृष्टि होती है, तो सरसों, जौ और चने जैसी रबी फसलों को नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि यह सिस्टम ज्यादा दिन नहीं रहेगा। 28 जनवरी से मौसम साफ होने की संभावना है।
31 जनवरी और 1 फरवरी के दौरान पश्चिमी विक्षोभ का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने और जारी किए गए अलर्ट का पालन करने की अपील की है। वहीं मौसम विभाग ने 31 जनवरी और 1 फरवरी के दौरान एक और नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की उम्मीद जताई है।












