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Vegetable Rate Hike: किसान आंदोलन से सब्जियों की आपूर्ति बंद होने से सब्जियों के रेट में आया उछाल

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Vegetable Rate Hike: पंजाब-हरियाणा के किसानों के दिल्ली कूच असर अब आमजन की खाने-पीने की चीजों और सब्ज़ियों की सप्लाई पर पड़ना शुरू शुरू हो गया है। और कीमतें तेज़ी से बढ़ने लगी है। ग़ौरतलब है कि अपनी मांगों को लेकर किसान आंदोलित हैं और दिल्ली के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इन किसानों को रोकने के लिए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली की सीमाओं रोका गया है, हाइवे पर कंक्रीट के बेरीकेडिंग लगाये गये है साथ ही कई इलाकों में धारा 144 भी लागू की गई है। ऐसे में मंडियों में सब्जियों और फलों की आवक पर बाधित हो गई है। पंजाब से आने वाला आलू, मटर, किन्नू और आजादपुर सब्जी मंडी से आने वाली कुछ सब्जियां भी रोहतक मंडी में नहीं पहुंच रही हैं।

गुजरात से आने वाले टमाटर के लिए ट्रांसपोर्ट वाले गुजरात जाने से मना कर रहे हैं। इसके चलते सब्जी मंडी में टमाटर का सिर्फ एक आध दिन का ही स्टॉक बचा हुआ है। फिलहाल स्थानीय स्तर पर पहुंच रहे टमाटर से ही काम चलाना पड़ रहा है। अगर जल्द ही इसका कोई समाधान नहीं निकल पाता है और किसानों का आंदोलन इसी तरह लंबे समय तक चलता रहा तो सब्जियों के दामों में आग लगना निश्चित है।

दिल्ली NCR की एक मंडी में टमाटर की थोक कीमत में क़रीब बीते 3-4 दिनों में ही 80 फीसदी तक का उछाल आया है। वहीं, रोहतक सब्जी मंडी के व्यापारियों का कहना है कि किसान आंदोलन के चलते आवक में गिरावट पर असर पड़ सकता है, जो कीमतों को तेजी से ऊपर ले जाएगा।

वहीं आजादपुर मंडी से भी सब्जियां न पहुंचने के कारण अगले 2 दिन बाद समस्या गहरा सकती है। यही नहीं गुजरात की तरफ से आने वाला अंगूर भी कम मात्रा में पहुंच रहा है। अगर बॉर्डर सील इसी तरह से रहे तो अन्य सब्जियां भी इधर-उधर आने-जाने में समस्या और बढ़ेगी। नासिक से आने वाला प्याज भी अब नहीं पहुंच रहा है। फिलहाल एक सप्ताह का प्याज का स्टॉक पड़ा हुआ है।

बाॅर्डर सील होने के बाद से इन सब्जियों के दाम बढ़े

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सब्जीपहले भावअब भाव
भिंडी55-6080-90
शिमला मिर्च45-5080-90
टिंडा 35-3050-60
अदरक   75-80100-110
खीरा25-3050-60
नींबू 65-70120-130

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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