Rajasthan New CM: मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की भांति भाजपा आलाकमान ने राजस्थान में भी सबको चौकातें हुए आज अपने नये मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। राजस्थान में सांगानेर सीट से विधायक बने भजन लाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) को प्रदेश का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। दिल्ली से आए पर्यवेक्षकों राजनाथ सिंह, विनोद तावड़े और सरोज पांडेय ने विधायक दल की बैठक के बाद भजन लाल शर्मा के नाम पर मुहर लगाते हुए इसका ऐलान किया।
मुख्यमंत्री पद के लिए यह फैसला विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में रक्षा मंत्री और पार्टी पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह मौजूद रहे। उनके साथ विनोद तावड़े, सरोज पांडे के साथ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, भाजपा नेता सीपी जोशी, वसुंधरा राजे और अन्य नेता भी जयपुर में भाजपा कार्यालय पर पहुंचे थे।
सांगानेर से विधायक
भरतपुर के रहने वाले भजन लाल शर्मा लंबे समय से पार्टी को अपनी सेवाएँ दे रहे है। वे प्रदेश महामंत्री के तौर पर कार्य करते रहे हैं। बीजेपी ने उन्हें पहली बार जयपुर की सांगानेर जैसी सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ाया और पहली बार में ही वे सीएम बने हैं। उन्होंने जयपुर की सांगानेर सीट पर 48,081 वोटों जीत हासिल की थी। बताते चलें कि सांगानेर सीट भाजपा का गढ़ माना जाता है। इस सीट से मौजूदा विधायक अशोक लाहोटी का टिकट काटकर भजन लाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया था। भजन लाल शर्मा पहली बार विधायक बने हैं। वे 4 बार प्रदेश महामंत्री रहे हैं।
कौन है भजन लाल शर्मा
राजस्थान के होने वाले नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भरतपुर के रहने वाले हैं, उनकी उम्र 56 साल है। भजनलाल शर्मा संगठन के सबसे करीबी माने जाते हैं। वो ब्रहाम्ण समुदाय से आते हैं। वो पहली बार विधायक बने हैं। वो राष्ट्रीय स्वंय सेवक (RSS) की पृष्ठभूमि से आते हैं।
राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करोड़पति हैं। उनकी कुल संपत्ति 1,46,56,666 रुपये की है। हालांकि, देनदारी भी उनकी करीब 35 लाख रुपये की है। उनके हलफनामे के मुताबिक कुल संपत्ति में 1,15,000 रुपये कैश है, इसके अलावा अलग- अलग बैंकों में उनके अकाउंट में 11 लाख रुपये जमा हैं।
भजनलाल शर्मा के पिता का क्या नाम है?
राजस्थान के होने वाले नये मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पिता का नाम कृष्ण स्वरूप शर्मा हैं। उनकी उम्र 56 साल है। उनकी शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की हुई है।
मुख्यमंत्री के चेहरे के बिना BJP ने लड़ा था चुनाव
छत्तीसगढ़ और एमपी की तरह राजस्थान में भी इस बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बिना मुख्यमंत्री का चेहरा सामने लाये मोदी की गारंटी पर ये चुनाव लड़ा था। बीजेपी इन चुनावों में राजस्थान में 200 में से 199 सीटों पर हुई वोटिंग में 115 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। जबकि कांग्रेस 69 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई।












