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हरियाणा के किसानों को राहत: केंद्र सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीद के मानदंडों में दी छूट

Jagat Pal

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चंडीगढ़: हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर केंद्र सरकार द्वारा शर्तों में ढील दिए जाने पर हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि केंद्र सरकार का बहुत ही अच्छा कदम है। केंद्र की छूट के बाद 18 फीसदी तक गेहूं के टूटे दाने, बदरंग दाने को खरीदने में छूट देने का फैसला लिया है। इसको लेकर ही नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।

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मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने रबी खरीद सीजन के दौरान गेहूं की खरीद मानदंडों में छूट देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि लस्टर लॉस हो या टूटा गेहूं, एक-एक दाने की खरीद की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की परेशानी को देखते हुए केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण व उपभोक्ता मामले मंत्री से टेलीफोन पर बात की और केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया था कि सरकार गेंहू की खरीद मानदंडों में छूट देगी। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने इस आशय का परिपत्र जारी किया है।

प्रदेश में बीते दिनों हुई बेमौसमी बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई थी। बारिश की वजह से गेहूं का रंग फीका हो गया था। जिसकी वजह से गेहूं की खरीद में अड़चन आ रही थी। अब किसानों की वह समस्या दूर हो गई है।

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लस्टर लॉस में मिली ये राहत

  • केंद्र सरकार ने लस्टर लॉस को 6 पर्सेंट से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। 6 पर्सेंट से अधिक और 8 पर्सेंट तक सूखे और टूटे हुए दाने पर 5.31 प्रति क्विंटल कटौती की जाएगी।
  • इसी के साथ, 8 पर्सेंट से अधिक और 10 प्रतिशत तक सूखे और टूटे दाने पर 10.62 प्रति क्विंटल कटौती की जाएगी।
  • 10 से ऊपर और 12 प्रतिशत तक सूखे और टूटे दाने पर 15.93 रुपया प्रति क्विंटल कटौती की जाएगी। वहीं, 12 से अधिक और 14 प्रतिशत सूखे और टूटे दाने पर 21.25 रुपए प्रति क्विंटल कटौती की जाएगी।
  • नए नियमों के मुताबिक, 14 से उपर और 16 प्रतिशत तक 26.56 रुपए प्रति क्विंटल कटौती की जाएगी। वहीं, 16 से उपर और 18 प्रतिशत तक 31.87 प्रति क्विंटल कटौती की जाएगी।

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जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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