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LPG गैस स‍िलेंडर पर मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, 9.59 करोड़ पर‍िवारों को मिलेगा ₹200 सब्सिडी का लाभ

Jagat Pal

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LPG Gas Subsidy (Ujjwala Scheme): केंद्र की मोदी सरकार ने कल शुक्रवार को देश के 9.59 करोड़ पर‍िवारों को LPG गैस स‍िलेंडर पर बड़ी घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) के लाभार्थ‍ियों को एलपीजी स‍िलेंडरों की खरीद पर 200 रुपये की सब्स‍िडी इस साल जारी रखने की घोषणा कि है। जानकारी के लिए आपको बता दे की LPG गैस सब्सिडी सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है।

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 200 रुपये प्रति रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी पीएमयूवाई के लाभार्थियों को देने को मंजूरी दी है। यह सब्सिडी प्रतिवर्ष 14.2 किलोग्राम के 12 एलपीजी सिलेंडर के लिये दी जाएगी।  एक मार्च, 2023 की स्थिति के अनुसार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई ) के तहत 9.59 लाभार्थी जुड़े हुए है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2016 में की थी शुरू

ग़ौरतलब है कि केंद्र की मौजूदा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने साल 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी।इस योजना का उद्देश्य देश के ग्रामीण और गरीब (बीपीएल) परिवारों को खाना पकाने के ल‍िए एलपीजी उपलब्ध करवाना था। इस स्कीम के अन्तर्गत देश के बीपीएल पर‍िवारों की वयस्क मह‍िलाओं को एलपीजी गैस के कनेक्शन फ्री उपलब्ध कराए गए थे। 

इस साल सब्स‍िडी पर 7,680 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार 

LPG Gas Subsidy 2023-24 :प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एक साल में 12 घरेलू रसोई गैस स‍िलेंडरों पर म‍िल रही सब्स‍िडी को कैब‍िनेट ने एक साल और बढ़ाने का फैसला ल‍िया है। सरकार द्वारा इस पर वित्त वर्ष 2022-23 मेंं कुल 6,100 करोड़ रुपये खर्च हुआ था। जबक‍ि 2023-24 में सब्स‍िडी पर कुल 7,680 करोड़ रुपये खर्च क‍िया जाएगा।

पीएमयूवाई सालाना औसत खपत सालान 4 स‍िलेंडर से कम

पीआईबी से म‍िली जानकारी के मुताब‍िक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थ‍ियों की सालाना एलपीजी स‍िलेंडर की खपत सालाना 4 सिलेंडर से कम है। PIB पर जारी किए गये आंकड़े के मुताबिक़ इस योजना के उपभोक्ताओं की औसत एलपीजी खपत 2019-20 में 3.01 रिफिल थी, जो 2021-22 में बढ़कर 3.68 रिफिल हो गई।

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जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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