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खुशखबरी! 55 हजार किसानों को जल्द मिलेगा तीन साल से अटके फसल खराबे का मुआवजा

Jagat Pal

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किसानों के लिए खुशखबरी! किसान भाई राजस्थान के सूखे और सख्त मौसम के बीच दिन-रात मेहनत करते हैं, और अचानक प्रकृति का कहर आपकी फसल को तबाह कर देता है। बाढ़ हो, सूखा हो या फिर बेमौसम की बारिश, ये आपदाएँ आपकी उम्मीदों को पल में चूर कर सकती हैं। ऐसे में सरकार द्वारा किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है ताकि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में कुछ राहत मिल सके। राजस्थान सरकार ने ओसियां विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। यह खबर उन तमाम किसानों के लिए राहत भरी है, जो पिछल तीन सालों से बर्बाद हुई फसल के मुआवजे का इंतज़ार कर रहे है ।

मंत्री का ऐलान: उम्मीद की नई किरण

24 मार्च 2025 को राजस्थान के आपदा प्रबंधन मंत्री ओटाराम देवासी ने विधानसभा में कुछ ऐसा कहा, जिसने ओसियां के किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। उन्होंने घोषणा की कि पिछले तीन सालों में प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे करीब 55,000 किसानों को जल्द ही मुआवजा मिलेगा। यह खबर उस इलाके के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जहाँ हर साल मौसम की मार किसानों को झेलनी पड़ती है।

मुआवजे का पूरा ब्यौरा

मंत्री जी ने बताया कि ओसियां के 73,341 किसानों ने डिजास्टर मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम यानी डीएमआईएस पोर्टल पर मुआवजे के लिए आवेदन किया था। ये वो किसान हैं, जिनकी फसल को 33% या उससे ज्यादा नुकसान हुआ। राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के नियमों के तहत सरकार ने इसके लिए 117.10 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। अब तक 17,801 किसानों को 34.83 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। बाकी 55,540 किसानों को 82.27 करोड़ रुपये जल्द ही देने की तैयारी चल रही है।

पिछले साल चेराई-पांचला समेत कई गांवों में बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को भारी नुकसान हुआ था। मुआवजा नहीं मिलने से वे आर्थिक तंगी में थे। सरकार की इस घोषणा से उन्हें राहत मिलेगी। मंत्री देवासी ने साफ कहा कि बाकी भुगतान जल्द पूरा होगा।

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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