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आज का मौसम : चक्रवात मुरासु का क़हर यूपी, आंध्र प्रदेश से लेकर 15 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

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चक्रवात मुरासु- हाइलाइट्स

  • IMD के मुताबिक मंगलवार तड़के करीब एक बजे से ओंगोल के पास लैंडफॉल शुरू हुआ.
  • तूफान के साथ 110 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलीं, झोंके 120 तक पहुंचे.
  • बापटला, कृष्णा और प्रकाशम के निचले इलाकों में 1 से 1.5 मीटर ऊंची लहरों का खतरा है.
  • IMD ने 15 राज्यों में अगले 10 घंटे में तेज आंधी और तूफानी बारिश की आशंका जताई है.
  • मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक राजस्थान में 3 और 4 नवंबर को मौसम साफ रहेगा.

Cyclone Murasu 3 November : गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु ने आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में ओंगोल के पास लैंडफॉल शुरू कर दिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह प्रक्रिया मंगलवार तड़के करीब एक बजे शुरू हुई. तूफान के साथ 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जो कभी-कभी 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गईं. दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में अगले 12 घंटे भारी बारिश की आशंका जताई गई है.

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एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा चक्रवात है. IMD ने 15 राज्यों में अगले 10 घंटे के अंदर तेज आंधी के साथ तूफानी बारिश की संभावना बताई है. इनमें ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु शामिल हैं. इन राज्यों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

ओंगोल के पास कहां पहुंचा तूफान?

पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना यह तूफान दक्षिण आंध्र तट के बेहद करीब आ गया था. लैंडफॉल के दौरान तूफान की दीवार वाले बादलों का अगला हिस्सा जमीन पर आने लगा और उसकी आंख तट को छू रही थी. IMD के मुताबिक यह स्थिति ओंगोल से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कवाली से 60 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और बापटला से 70 किलोमीटर दक्षिण में दर्ज की गई.

विभाग ने चेतावनी दी है कि लैंडफॉल का मुख्य बिंदु नीलोरे से नरसापुर के बीच, ओंगोल के आसपास रहेगा. कई जगहों पर तेज बारिश पहले ही शुरू हो चुकी थी और सामान्य जीवन प्रभावित होने लगा.

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तटीय जिलों में लहरों से कितना खतरा?

चक्रवात के कारण तटीय इलाकों में 1 से 1.5 मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठने की संभावना है. ये लहरें ज्वार से ऊपर जा सकती हैं. बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा सबसे ज्यादा बताया गया है.

स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है. तेज हवाओं और बारिश से पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और सड़कें जाम होने की जानकारी सामने आई है. तटीय जिलों में राहत कार्य पहले से शुरू कर दिए गए हैं.

बाकी राज्यों में कहां कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है. उत्तर भारत में तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज होने की बात भी कही गई है.

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क्षेत्रIMD का अनुमान
उत्तर प्रदेश (3 नवंबर)कानपुर, आगरा, मथुरा, वाराणसी, गोरखपुर समेत कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश, 40 से 50 किमी प्रति घंटे की हवा
बिहारजमुई, मुंगेर, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण समेत कई जिलों में आंधी के साथ बारिश
दिल्ली-एनसीआर (3 नवंबर)तेज हवाओं के साथ बारिश, अधिकतम 29 और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस
हिमाचल प्रदेशचंबा, सोलन, किन्नौर और मंडी में आंधी के साथ बारिश
उत्तराखंडहरिद्वार, ऋषिकेश, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
जम्मू-कश्मीरऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी, भूस्खलन की चेतावनी

दिल्ली में तेज हवा से प्रदूषण में राहत मिलने की संभावना भी जताई गई है. विभाग ने ओलावृष्टि और पहाड़ों में भूस्खलन का अलर्ट भी जारी किया है.

राजस्थान में आज और कल क्या रहेगा मौसम का हाल?

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 3 और 4 नवंबर 2026 को पूरे राजस्थान में मौसम शुष्क और साफ रहेगा. मौसम केंद्र ने कहा है कि बारिश या आंधी की सोशल मीडिया खबरें भ्रामक हैं और किसी जिले के लिए बारिश की चेतावनी जारी नहीं हुई. मुरासु का राजस्थान पर कोई असर नहीं पड़ेगा. आने वाले एक सप्ताह तक यही स्थिति रहने का अनुमान है.

जयपुर में आसमान साफ रहेगा और तापमान अधिकतम 30 से 31 और न्यूनतम 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. सीकर में रात का पारा करीब 14.5 डिग्री और अलवर में 17 डिग्री तक पहुंच रहा है. जोधपुर में दिन का अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री रहने का अनुमान है, जबकि बाड़मेर और जैसलमेर में 35 से 36 डिग्री तक जा सकता है. इन रेगिस्तानी जिलों में रात को पारा 20 डिग्री के आसपास आ जाएगा. माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री है, जो राज्य में सबसे कम है.

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अभी साफ नहीं है कि लैंडफॉल पूरा होने के बाद तूफान कितनी तेजी से कमजोर पड़ेगा. नुकसान या प्रभावित लोगों के आंकड़े सामने नहीं आए हैं. IMD लगातार अपडेट जारी कर रहा है.

(डिस्क्लेमर – मौसम की ताज़ा स्थिति के लिए IMD की आधिकारिक अपडेट देखें.)

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जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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