हाइलाइट्स
- पीआर धान की सरकारी खरीद 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है.
- जींद की अलेवा मंडी में खरीद न होने पर किसानों ने जाम लगाया.
- कैथल में साढ़े 3 लाख टन आवक हुई, खरीद 38 हजार एमटी रही.
- पानीपत में 25 हजार टन आवक के मुकाबले 24,700 एमटी की खरीद हुई.
Haryana Paddy Procurement: हरियाणा की अनाज मंडियों में धान की आवक तेज है, मगर कई जिलों में खरीद शुरू न होने से किसान नाराज हैं. पीआर धान की सरकारी खरीद 29 सितंबर से शुरू है. बुधवार को जींद की अलेवा मंडी में खरीद न होने पर किसानों ने जींद-असंध मार्ग के मुख्य चौक पर जाम लगा दिया. कैथल में साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन आवक के मुकाबले खरीद 38 हजार एमटी रही.
प्रशासन के पहुंचने के बाद अलेवा मंडी में खरीद शुरू हो सकी. करनाल में भाकियू नेताओं के दखल से एक सप्ताह से बैठे किसानों की खरीद हुई. यमुनानगर में उठान धीमा होने से भुगतान अटका है. वहीं कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बुधवार को कुरुक्षेत्र की लाडवा मंडी का निरीक्षण किया.
खरीद शुरू होने में देरी क्यों हुई?
सरकारी खरीद 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है, लेकिन कई जगह राइस मिलर्स के पंजीकरण में देरी हुई. इसकी वजह से खरीद एजेंसियां मंडियों में खरीद शुरू करने से पीछे हटती रहीं.
बता दें कि इसी दौरान मंडियों में धान की आवक जोरों पर रही. कई जिलों में किसानों का रोष इसी देरी से जुड़ा है.
अलेवा मंडी में जाम, फिर शुरू हुई खरीद
जींद की अलेवा अनाज मंडी में बुधवार तक पीआर धान की खरीद शुरू नहीं हुई थी. गुस्साए किसानों ने जींद-असंध मार्ग के मुख्य चौक पर जाम लगा दिया. मौके पर अलेवा थाना प्रभारी आत्माराम और नायब तहसीलदार ओंकार दत्त शर्मा पहुंचे.
इसके बाद एसडीएम और डीएम हैफेड किसान सभा के पदाधिकारियों के साथ पहुंचे. उन्होंने खरीद एजेंसी के जरिए पीआर धान की खरीद शुरू करवाई.
जींद जिले में अब तक 31,380 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है. इसमें से 5,253 टन की खरीद हो पाई है.
जिलावार आवक और खरीद का हाल
| जिला | आवक (मीट्रिक टन) | खरीद (मीट्रिक टन) | आवक के मुकाबले खरीद (करीब) |
|---|---|---|---|
| पानीपत | 25,000 | 24,700 | 99% |
| अंबाला | 40,000 | करीब 30,000 | 75% |
| कुरुक्षेत्र | 35,000 | 17,000 | 49% |
| यमुनानगर | 87,000 | 38,400 | 44% |
| जींद | 31,380 | 5,253 | 17% |
| कैथल | 3,50,000 | 38,000 | 11% |
पानीपत में लगभग पूरी आवक की खरीद हो चुकी है. कैथल में सबसे ज्यादा आवक के बावजूद खरीद 38 हजार एमटी पर है.
करनाल में भाकियू नेताओं का दखल
करनाल की नई अनाजमंडी में सरकारी खरीद में देरी से किसान परेशान थे. शिकायत मिलने पर भाकियू के नेता मंडी पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत की. करीब एक सप्ताह से मंडी में बैठे किसानों की खरीद शुरू करवाई गई.
नमी की जांच भी कराई गई. भाकियू नेता बहादुर मैहला बलड़ी और जगदीप ओलख ने अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए.
यमुनानगर और अंबाला में क्या हालात हैं?
यमुनानगर में उठान धीमा होने से किसानों का भुगतान अटक गया है. जिले में 87 हजार एमटी धान की आवक हुई है और 38,400 एमटी की खरीद हुई. मंगलवार को हुई बारिश ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी.
अंबाला में सभी मंडियों में पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है. जिले में 40 हजार एमटी आवक के मुकाबले करीब 30 हजार एमटी की खरीद हुई है.
लाडवा मंडी पहुंचे कृषि मंत्री
कुरुक्षेत्र की लाडवा मंडी में बुधवार दोपहर बाद कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा निरीक्षण करने पहुंचे. उनके आने की सूचना पर आढ़तियों और किसानों में हलचल दिखी. कृषि मंत्री ने कहा कि फसल की खरीद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
कुरुक्षेत्र में अब तक 35 हजार मीट्रिक टन धान की आवक हुई है. इसमें से 17 हजार एमटी की खरीद हो चुकी है.
अब तक सामने आई जानकारी में यह नहीं बताया गया कि जिन मंडियों में खरीद पीछे है, वहां रफ्तार कब तक बढ़ेगी. यमुनानगर में उठान और भुगतान की स्थिति फिलहाल अटकी हुई है.
हालांकि कृषि मंत्री ने लापरवाही पर सख्ती की बात कही है, लेकिन किसी कार्रवाई की जानकारी अभी सामने नहीं आई है.










