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पीएम मोदी का ऐलान – किसानों के हितों पर कोई समझौता नहीं, ‘आत्मनिर्भर भारत’ की राह तेज

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नई दिल्ली – स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्पष्ट संदेश दिया कि देश के किसानों के हितों से कोई भी समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसानों और मछुआरों ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और सरकार उनकी सुरक्षा के लिए “दीवार बनकर” खड़ी है।

किसानों के हित सर्वोपरि

मोदी ने अपने 12वें लगातार स्वतंत्रता दिवस संबोधन में कहा, “भारत के किसान और मछुआरे हमारी प्राथमिकता हैं। उनके हितों से किसी भी प्रकार का समझौता कभी नहीं होगा। मोदी दीवार बनकर खड़ा है।” उन्होंने दोहराया कि दूसरे देशों पर निर्भरता]देश के लिए खतरनाक है, इसलिए हमें हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा।

अमेरिका से व्यापार वार्ता में गतिरोध

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत पांच दौर के बाद भी बेनतीजा रही। भारत ने अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए घरेलू बाजार खोलने के दबाव को स्वीकार करने से इंकार कर दिया है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया और रूसी तेल की खरीद जारी रखने पर अतिरिक्त 25% शुल्क की घोषणा की, जिसे वॉशिंगटन यूक्रेन युद्ध में मास्को की आय का स्रोत मानता है।

किसानों के लिए नई योजना

प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने देश के लगभग 100 जिलों की पहचान की है जहां किसानों को अतिरिक्त सहारे की जरूरत है। इन क्षेत्रों के विकास के लिए प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना की शुरुआत की गई है। इसे भी पढ़े – प्रधानमंत्री मोदी 23 अगस्त को लॉन्च करेंगे ‘राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन’, 1 करोड़ किसानों को मिलेगा लाभ

‘मेड-इन-इंडिया चिप्स’ और ऊर्जा स्वतंत्रता

मोदी ने कहा कि 21वीं सदी तकनीक-प्रधान युग है और भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2025 के अंत तक ‘मेड-इन-इंडिया’ चिप्स बाजार में उपलब्ध होंगे। साथ ही, स्वदेशी उर्वरक और लड़ाकू विमानों के इंजन बनाने पर जोर दिया।

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प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में हुई प्रगति भी गिनाई – “पिछले 11 वर्षों में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 30 गुना बढ़ी है। दस नए परमाणु रिएक्टर काम कर रहे हैं और आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक हमारी परमाणु ऊर्जा क्षमता दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य है।”

जगत पाल पिछले 7 वर्षों से कृषि पत्रकारिता कर रहे हैं। वे मंडी भाव, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल बीमा, किसान रजिस्ट्री और कृषि व्यापार से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। 2019 में उन्होंने ई-मंडी रेट्स की शुरुआत की, जहाँ वे रोज़ाना देशभर की मंडियों के भाव और कृषि नीतियों का विश्लेषण प्रकाशित करते हैं। वे [गंधेली/हनुमानगढ़] से हैं और ग्रेजुएशन कर चुके हैं।

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